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चिलचिलाती धूप और गर्म हवा से करें बचाव, इससे आंखों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव
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सुखना लेक पर धूप से बचाव के लिए छाता लेकर निकलती युवती।
- फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के कारण त्वचा के साथ ही आंखों पर भी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अप्रैल माह में ही तेज धूप और गर्म हवा आंखों की चमक कम करने लगी है। इससे आंखों में जलन, खुजली और पानी गिरने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसका असर अस्पतालों की नेत्र रोग की ओपीडी पर भी नजर आने लगा है। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर, जीएमएसएच 16 व जीएमसीएच-32 के नेत्ररोग की ओपीडी में मरीजों की संख्या अचानक से बढ़ गई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ मरीजों को आंखों की सुरक्षा से जुड़ी सलाह दे रहे हैं ताकि आने वाली गर्मी उनके लिए और ज्यादा कष्टदायक न हो।
नेत्ररोग विशेषज्ञ व सिफर संस्था के निदेशक डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि कोविड के कारण लगातार दो वर्षों से ऑनलाइन एक्टिविटी ज्यादा होने से आंखों पर गहरा असर पड़ा है। ऐसे में गर्मी, धूप, प्रदूषण के कारण आंखों पर तत्काल दुष्प्रभाव नजर आने लगा है। ऐसे में जरूरी है कि आंखों को मजबूती देने वाली चीजों पर फोकस किया जाए। इसके लिए ध्यान दें कि पढ़ाई के दौरान हमेशा ध्यान देना चाहिए कि कमरे में अच्छी रोशनी हो। इसके अलावा साल में एक बार अपनी आंखों की जरूर जांच करवाएं। आंखों की रोशनी में समस्या होने पर पावर का चश्मा पहनें। ऐसा न करने पर एंबलायोपिया (सुस्त आंख की बीमारी) होने का खतरा रहता है। कंप्यूटर पर लगातार घंटों काम करने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है। इससे बचने के लिए एंटीग्लेयर चश्मा और एंटीग्लेयर स्क्रीन यूज करें। हर आधे घंटे के बाद 10 से 15 सेकंड तक कंप्यूटर स्क्रीन से निगाह हटाकर दूर देखना चाहिए। इसके अलावा हर एक घंटे के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। ऐसा न करने से आंखों में परेशानी शुरू हो जाती है जो मौसम में बदलाव होने पर मर्ज को तेजी से बढ़ाती है।
इनसेट-
आंखों में हो रही ये परेशानी
- आंखों में जलन होना
- आंखों में दर्द होना
- आंखों में पानी आना
- आंखों में खुजली होना
आंखों की चमक बरकरार रखने के लिए ये करें
- धूप में जाते समय छतरी का उपयोग करें और आंखों पर बड़ा धूप का चश्मा लगाएं जिससे आंखें सीधे धूप के संपर्क में न आए
- अगर आप पावर लेंस लगाते हैं तो भी सनग्लास पहनें ताकि अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों को नुकसान न पहुंचा सके।
- आंखों बंद कर दिन में कई बार ठंडे पानी की छींटे मारें। आंखों पर खीरे के टुकडे़, रुई के फाहे में गुलाबजल डालकर आंखों पर रखें। इससे आंखों को ताजगी मिलेगी।
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- हरी सब्जियां, फल का सेवन करें।
- दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीएं।
- आंखों के आसपास सनस्क्रीन न लगाएं। आंखों को नुकसान हो सकता है।
- अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसुओं की परत टूटने लगती है इसलिए धूप से बचाव जरूरी है।
- कभी भी आंखों को रगड़े नहीं। उसे साफ कपड़े से सहलाएं।
- ज्यादा देर एसी में बैठने से आंखों में सूखापन आ जाता है। आंखों की पेशियां सुकड़ने से उनमें खुजली होने लगती है। ऐसे में कभी भी एसी के ठीक सामने न बैठें।
- आंखों के आसपास वाले हिस्से पर भी मालिश करें। इससे आंखों का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है। साथ ही आंखों को आराम मिलता है।
नोट- जैसा जीएमएसएच-16 के नेत्ररोग विभाग के प्रमुख डॉ. संजीव ने बताया।
इनसेट-
इसका भी रखें ध्यान
- आंखों में जब तक कोई समस्या न हो तब तक किसी तरह का आई ड्रॉप या दवा न डाले।
- आई ड्रॉप खुल जाने के एक महीने तक ही उसका उपयोग करना चाहिए।
- दूसरे के इस्तेमाल किए हुए रुमाल और तौलिया का उपयोग में न करें।
- स्वीमिंग के दौरान हमेशा गॉगल्स पहनें।
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नेत्ररोग विशेषज्ञ व सिफर संस्था के निदेशक डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि कोविड के कारण लगातार दो वर्षों से ऑनलाइन एक्टिविटी ज्यादा होने से आंखों पर गहरा असर पड़ा है। ऐसे में गर्मी, धूप, प्रदूषण के कारण आंखों पर तत्काल दुष्प्रभाव नजर आने लगा है। ऐसे में जरूरी है कि आंखों को मजबूती देने वाली चीजों पर फोकस किया जाए। इसके लिए ध्यान दें कि पढ़ाई के दौरान हमेशा ध्यान देना चाहिए कि कमरे में अच्छी रोशनी हो। इसके अलावा साल में एक बार अपनी आंखों की जरूर जांच करवाएं। आंखों की रोशनी में समस्या होने पर पावर का चश्मा पहनें। ऐसा न करने पर एंबलायोपिया (सुस्त आंख की बीमारी) होने का खतरा रहता है। कंप्यूटर पर लगातार घंटों काम करने से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम हो सकता है। इससे बचने के लिए एंटीग्लेयर चश्मा और एंटीग्लेयर स्क्रीन यूज करें। हर आधे घंटे के बाद 10 से 15 सेकंड तक कंप्यूटर स्क्रीन से निगाह हटाकर दूर देखना चाहिए। इसके अलावा हर एक घंटे के बाद 5-10 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। ऐसा न करने से आंखों में परेशानी शुरू हो जाती है जो मौसम में बदलाव होने पर मर्ज को तेजी से बढ़ाती है।
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इनसेट-
आंखों में हो रही ये परेशानी
- आंखों में जलन होना
- आंखों में दर्द होना
- आंखों में पानी आना
- आंखों में खुजली होना
आंखों की चमक बरकरार रखने के लिए ये करें
- धूप में जाते समय छतरी का उपयोग करें और आंखों पर बड़ा धूप का चश्मा लगाएं जिससे आंखें सीधे धूप के संपर्क में न आए
- अगर आप पावर लेंस लगाते हैं तो भी सनग्लास पहनें ताकि अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों को नुकसान न पहुंचा सके।
- आंखों बंद कर दिन में कई बार ठंडे पानी की छींटे मारें। आंखों पर खीरे के टुकडे़, रुई के फाहे में गुलाबजल डालकर आंखों पर रखें। इससे आंखों को ताजगी मिलेगी।
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- हरी सब्जियां, फल का सेवन करें।
- दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीएं।
- आंखों के आसपास सनस्क्रीन न लगाएं। आंखों को नुकसान हो सकता है।
- अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसुओं की परत टूटने लगती है इसलिए धूप से बचाव जरूरी है।
- कभी भी आंखों को रगड़े नहीं। उसे साफ कपड़े से सहलाएं।
- ज्यादा देर एसी में बैठने से आंखों में सूखापन आ जाता है। आंखों की पेशियां सुकड़ने से उनमें खुजली होने लगती है। ऐसे में कभी भी एसी के ठीक सामने न बैठें।
- आंखों के आसपास वाले हिस्से पर भी मालिश करें। इससे आंखों का ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है। साथ ही आंखों को आराम मिलता है।
नोट- जैसा जीएमएसएच-16 के नेत्ररोग विभाग के प्रमुख डॉ. संजीव ने बताया।
इनसेट-
इसका भी रखें ध्यान
- आंखों में जब तक कोई समस्या न हो तब तक किसी तरह का आई ड्रॉप या दवा न डाले।
- आई ड्रॉप खुल जाने के एक महीने तक ही उसका उपयोग करना चाहिए।
- दूसरे के इस्तेमाल किए हुए रुमाल और तौलिया का उपयोग में न करें।
- स्वीमिंग के दौरान हमेशा गॉगल्स पहनें।