फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Arthritis patients are getting relief from asana, pranayama, hatha yoga and meditation

Chandigarh News: आसन, प्राणायाम, हठ योग और मेडिटेशन से गठिया मरीजों को मिल रहा आराम

Wed, 26 Apr 2023 02:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 26 Apr 2023 02:19 AM IST
विज्ञापन
Arthritis patients are getting relief from asana, pranayama, hatha yoga and meditation
चंडीगढ़। पीजीआई ने माना है कि योग के जरिए गंभीर मर्ज में कारगर परिणाम हासिल किया जा सकता है। ओस्टियोऑर्थराइटिस के मरीजों पर किए गए शोध से यह बात सामने आई है कि योग के माध्यम से दर्द में राहत दी जा सकती है। योग से हड्डियों में घिसाव कम होता है और मांसपेशियों को मजबूती भी मिलती है। खास बात यह है कि इस बीमारी से पीड़ित मरीजाें को योग के ऑनलाइन सेशन से मिले राहत के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि प्रत्यक्ष प्रयास से और बेहतर परिणाम हासिल होंगे। शोध के दौरान ओस्टियोऑर्थराइटिस के 212 मरीजों को दो वर्गों में बांटकर उन पर योग का परिणाम देखा गया। एक वर्ग में शामिल मरीजों को 12 हफ्तों तक योग कराया गया। दूसरे वर्ग के मरीजों को सामान्य इलाज दिया गया। शोध में योग कराने से पहले उन मरीजों की अलग-अलग मानकों के अनुसार मर्ज की स्थिति का मापन किया गया था। 12 हफ्तों के बाद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। जिन मरीजों ने योग किया था, उनमें दर्द की शिकायत कम हुई। उनकी चाल में सुधार हुआ। हड्डियों में घिसाव कम होने से उसके खराब होने की रफ्तार भी कम हुई जबकि अन्य शारीरिक गतिविधियों में भी सुधार पाया गया। वहीं दूसरे वर्ग के मरीज पहले जैसे ही थे।
विज्ञापन

पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर संस्थान में योग केंद्र संचालित किया जा रहा है। जहां प्रतिदिन इसका सत्र आयोजित किया जा रहा है। केन्द्र में न्यूरोलॉजी विभाग के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। वहां अलग-अलग बीमारियों के मरीजाें को योग के सत्र में आसन, ध्यान, प्राणायाम और हठयोग कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम सामने आने लगा है।
विज्ञापन

एमबीबीएस में शामिल होगा पाठ्यक्रम
योग के आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ सामने आ रहे सकारात्मक परिणाम के आधार पर ही अब इसे एमबीबीएस में भी शामिल करने की तैयारी की जा रही है। प्रो. विवेक लाल ने बताया कि पीजीआई के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में योग को भी शामिल किया जाएगा। एमबीबीएस के छात्र आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ ही योग को भी पढ़ेंगे और जानेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed