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आर्मी जवान से ड्रोन बरामद: वीडियो बनाने के शौक में खरीदा था, कहा-नहीं पता था परमिशन लेनी पड़ती है
Sat, 24 Aug 2024 01:32 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 24 Aug 2024 01:32 PM IST
सार
भारत-पाक सीमा पर बसे पठानकोट के एक गांव से सेना का जवान ड्रोन के साथ पकड़ा गया था। सेना के जवान के पास आठ महीने से ड्रोन था, लेकिन उसने इस बारे में परमिशन नहीं ली थी।
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बरामद ड्रोन।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पठानकोट के हलका भोआ के अधीन आते गांव मानसिंघ पुरा में शुक्रवार को ड्रोन के साथ पकड़े गए सेना के जवान को शनिवार को थाना नरोट जैमल सिंह की पुलिस ने सेना के हवाले कर दिया है।
थाना नरोट जैमल सिंह के जांच अधिकारी तरसेम ने बताया कि जवान सोहन लाल ने पुलिस से पूछताछ में बताया था कि उसे अलग-अलग जगह घूमकर वीडियो बनाने का शौक था, इसलिए उसने ड्रोन खरीद लिया। उसे नहीं पता था कि ड्रोन रखने से पहले परमिशन की जरूरत पड़ती है अन्यथा वह ड्रोन लेता ही नहीं। इस ड्रोन के जरिए उसने शादी के बाद अपनी पत्नी के साथ अलग-अलग जगह पर सिर्फ वीडियो रिकार्डिंग की है।
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इसके बाद पुलिस ने उच्च अधिकारियों के सामने जवान को पेश करके सेना के हवाले कर दिया है। वहीं, पुलिस ने जवान से बरामद हुए ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा है। अब चंडीगढ़ से जांच होकर पता चलेगा कि ड्रोन में क्या-क्या वीडियोग्राफी हुई है।
पुलिस के जांच अधिकारी का यह भी कहना है कि पुलिस जवान से अन्य आपराधिक वस्तुएं बरामद होने पर कार्रवाई में केस दर्ज करने की बात भी सोच रही थी लेकिन, जांच में ऐसी कोई वस्तु बरामद नहीं हुई है। इसलिए पुलिस ने केस दर्ज करना जरूरी नहीं समझा और जवान को सेना के हवाले कर दिया।
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थाना नरोट जैमल सिंह के जांच अधिकारी तरसेम ने बताया कि जवान सोहन लाल ने पुलिस से पूछताछ में बताया था कि उसे अलग-अलग जगह घूमकर वीडियो बनाने का शौक था, इसलिए उसने ड्रोन खरीद लिया। उसे नहीं पता था कि ड्रोन रखने से पहले परमिशन की जरूरत पड़ती है अन्यथा वह ड्रोन लेता ही नहीं। इस ड्रोन के जरिए उसने शादी के बाद अपनी पत्नी के साथ अलग-अलग जगह पर सिर्फ वीडियो रिकार्डिंग की है।
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इसके बाद पुलिस ने उच्च अधिकारियों के सामने जवान को पेश करके सेना के हवाले कर दिया है। वहीं, पुलिस ने जवान से बरामद हुए ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा है। अब चंडीगढ़ से जांच होकर पता चलेगा कि ड्रोन में क्या-क्या वीडियोग्राफी हुई है।
पुलिस के जांच अधिकारी का यह भी कहना है कि पुलिस जवान से अन्य आपराधिक वस्तुएं बरामद होने पर कार्रवाई में केस दर्ज करने की बात भी सोच रही थी लेकिन, जांच में ऐसी कोई वस्तु बरामद नहीं हुई है। इसलिए पुलिस ने केस दर्ज करना जरूरी नहीं समझा और जवान को सेना के हवाले कर दिया।