{"_id":"56f17f794f1c1be27af14d24","slug":"annual-art-exhibition-punjab-kala-bhawan-lalit-kala-acadami-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनुअल आर्ट एग्जीबिशन में 62 आर्ट वर्क प्रदर्शित, 3 कलाकार चुने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनुअल आर्ट एग्जीबिशन में 62 आर्ट वर्क प्रदर्शित, 3 कलाकार चुने
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Mar 2016 02:03 PM IST
विज्ञापन
art work
- फोटो : cartoon network
पंजाब कला भवन में चंडीगढ़ ललित कला अकादमी की एनुअल आर्ट एग्जीबिशन में 62 आर्ट वर्क को प्रदर्शित कर 3 कलाकार चुने। प्रोफेशनल कैटेगरी में ट्राइसिटी से 137 आर्ट वर्क आए थे। इन्हीं में से चयन हुआ। वहीं स्टूडेंट्स कैटेगरी में ट्राइसिटी से 105 आर्ट वर्क आए। जिनमें से 49 को प्रदर्शित किया गया। इससे पहले एग्जीबिशन का उद्घाटन चंडीगढ़ के प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने किया।
विशेष अतिथि के तौर पर एडवाइजर परिमल राय, गृहसचिव अनुराग अग्रवाल, पर्यटन निदेशक जितेंद्र यादव, पंजाब कला परिषद की चेयरपर्सन बीबी हरजिंदर कौर, पंजाब ललित कला अकादमी की अध्यक्ष साधना संगर, पंजाब संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष सुदेश शर्मा मौजूद रहे। भीम मल्होत्रा ने बताया कि इस एग्जिबिशन को दो भागों में बांटा गया। पहला प्रोफेशनल कैटेगरी और दूसरा स्टूडेंट्स कैटेगरी। एग्जीबिशन में पेंटिंग, स्कल्पचर और फोटो को प्रदर्शित किया गया।
प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के बारे में मैंने पहले बहुत सुना था। लेकिन अकादमी की ओर से आयोजित कार्यक्रम और कलाकारों के काम को पहली बार देखा है। कलाकार अपनी कला के अदान-प्रदान से लोगों को समाज की जानकारी देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विशेष अतिथि के तौर पर एडवाइजर परिमल राय, गृहसचिव अनुराग अग्रवाल, पर्यटन निदेशक जितेंद्र यादव, पंजाब कला परिषद की चेयरपर्सन बीबी हरजिंदर कौर, पंजाब ललित कला अकादमी की अध्यक्ष साधना संगर, पंजाब संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष सुदेश शर्मा मौजूद रहे। भीम मल्होत्रा ने बताया कि इस एग्जिबिशन को दो भागों में बांटा गया। पहला प्रोफेशनल कैटेगरी और दूसरा स्टूडेंट्स कैटेगरी। एग्जीबिशन में पेंटिंग, स्कल्पचर और फोटो को प्रदर्शित किया गया।
विज्ञापन
प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के बारे में मैंने पहले बहुत सुना था। लेकिन अकादमी की ओर से आयोजित कार्यक्रम और कलाकारों के काम को पहली बार देखा है। कलाकार अपनी कला के अदान-प्रदान से लोगों को समाज की जानकारी देते हैं।
विज्ञापन