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लव जिहाद के खिलाफ हरियाणा में शीघ्र बनेगा कानून, अनिल विज बोले- योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद
Wed, 25 Nov 2020 11:15 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 25 Nov 2020 11:15 AM IST
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हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज।
- फोटो : फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने ‘विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020’ के मसौदे को मंजूरी दे दी। प्रदेश में बलपूर्वक, झूठ बोलकर, लालच देकर या अन्य किसी कपटपूर्ण तरीके से अथवा विवाह के लिए धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा।
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राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह कानून प्रभावी हो जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले पर हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि ' उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के गुनहगारों पर एक्शन के लिए योगी कैबिनेट ने इस कानून पर अंतिम मुहर लगा दी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद। हरियाणा भी लव जिहाद पर शीघ्र कानून बनाएगा।'
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उत्तर प्रदेश में लव जिहाद (Love Jihad) के गुनहगारों पर एक्शन के लिए योगी कैबिनेट ने इस कानून पर अंतिम मुहर लगा दी है । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिंदाबाद । हरियाणा भी लव जिहाद पर शीघ्र कानून बनाएगा ।
विज्ञापन विज्ञापन— ANIL VIJ MINISTER HARYANA (@anilvijminister) November 25, 2020
बता दें कि हरियाणा सरकार भी यूपी की तर्ज पर जल्द जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ एक सख्त कानून बनाने की तैयारी में जुटी है। जिसका जिक्र गृह मंत्री अनिल विज पहले भी कई बार कर चुके हैं।
यूपी में ऐसा होगा सजा का प्रावधान
दबाव डालकर या झूठ बोलकर अथवा किसी अन्य कपट पूर्ण ढंग से अगर धर्म परिवर्तन कराया गया तो यह एक संज्ञेय अपराध माना जाएगा। यह गैर जमानती होगा और प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा चलेगा। दोष सिद्ध हुआ तो दोषी को कम से कम एक वर्ष और अधिकतम पांच वर्ष की सजा भुगतनी होगी। साथ ही कम से कम 15,000 रुपए का जुर्माना भी भरना होगा।
अगर धर्म परिवर्तन का मामला अवयस्क महिला, अनूसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के संबंध में हुआ तो दोषी को तीन वर्ष से 10 वर्ष तक कारावास की सजा और न्यूनतम 25,000 रुपये जुर्माना अदा करना पड़ेगा।
अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के सभी पहलुओं पर प्रावधान तय किए गए हैं। इसके अनुसार धर्म परिवर्तन का इच्छुक होने पर संबंधित पक्षों को तय प्रारूप पर जिला मजिस्ट्रेट को दो माह पहले सूचना देनी होगी। इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। इस अपराध में न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये तय किया गया है।
सामूहिक धर्म परिवर्तन पर भी लगाम लगाने की तैयारी
योगी सरकार ने सामूहिक धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर लगाम लगाने के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। नए कानून में सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में तीन से 10 वर्ष तक जेल हो सकती है और कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा।