Amritpal Singh: अब साथ नहीं अमृतपाल और पपलप्रीत, 29 मार्च को बदला अपना रास्ता, एप से साथियों के संपर्क में
पुलिस को शक है कि अमृतपाल और उसके साथी अब भी कोटफतूही के इलाके में छिपे हैं। वहीं, अमृतपाल के किसी धार्मिक स्थान में छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पंजाब व निकटवर्ती राज्यों के 340 से अधिक डेरों और धार्मिक स्थानों पर नजर रख रही हैं।
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वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल की तलाश में पुलिस दिनभर बारिश के बीच छापे मारती रही लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। वहीं, होशियारपुर के धार्मिक स्थल से फरार अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह के बारे में नई जानकारी सामने आने से एजेंसियों की जांच की दिशा बदल गई है। अब पपलप्रीत व अमृतपाल सिंह अलग-अलग हो गए हैं। अमृतपाल सिंह के साथ उसके पुराने साथी हैं लेकिन एक एप के माध्यम से यह आपस में संपर्क में है। दोनों ने एक दूसरे का साथ 29 मार्च दोपहर के बाद से छोड़ दिया। अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह अलग क्यों हुए, इससे एजेंसियां खुद हैरत में हैं। उनके निकटवर्ती साथियों से पूछताछ की जा रही है।
अमृतपाल सिंह व उसके साथियों की होशियारपुर-फगवाड़ा रोड के आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में तलाश की जा रही है। वाहनों की सघन जांच की जा रही है। 28 मार्च की देर रात जब होशियारपुर-फगवाड़ा मार्ग पर काउंटर इंटेलिजेंस की टीम एक फॉर्च्यूनर व इनोवा गाड़ी का पीछा कर रही थी तो इनोवा गाड़ी में सवार दो युवकों ने वाहन को मरनाईयां गांव की ओर मोड़ लिया था लेकिन रास्ता बंद होने के कारण वे चलती गाड़ी छोड़कर भाग गए थे। पुलिस के अनुसार इनोवा कार में अमृतपाल सिंह के साथ उसका साथी पपलप्रीत सिंह भी था।
सूत्रों के मुताबिक 27 मार्च को अमृतपाल सिंह और उसके साथी कोटफतूही के पास एक धार्मिक स्थल पर रुके थे और 28 मार्च की रात वहां से रवाना हुए। इसकी गुप्त सूचना काउंटर इंटेलिजेंस टीम को मिली, जो 28 मार्च की रात उनका पीछा कर रही थी। बताया जाता है कि अमृतपाल सिंह की इनोवा गाड़ी के आगे एक पायलट गाड़ी भी चल रही थी, जो उसे आगे किसी खतरे की जानकारी दे रही थी।
पुलिस को शक है कि अमृतपाल और उसके साथी अब भी कोटफतूही के इलाके में छिपे हैं। वहीं, अमृतपाल के किसी धार्मिक स्थान में छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पंजाब व निकटवर्ती राज्यों के 340 से अधिक डेरों और धार्मिक स्थानों पर नजर रख रही हैं।
इंटर स्टेट नाके सील: डीआईजी
इस बीच डीआईजी नरिंदर भार्गव शुक्रवार को पठानकोट पहुंचे और जम्मू-कश्मीर सीमा स्थित माधोपुर इंटर स्टेट नाके पर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। उनके साथ एसएसपी पठानकोट हरकमलप्रीत सिंह खख और एसपी ठाकुर मनोज सिंह भी पहुंचे। अमृतपाल पर डीआईजी ने कहा कि सभी इंटर स्टेट नाके सील किए गए हैं। पठानकोट के साथ लगते अन्य प्वाइंटों पर भी मुस्तैदी से नाकेबंदी की जा रही है। अमृतपाल को लेकर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पाकिस्तान की ओर से नशा तस्करी पर उन्होंने कहा कि कई ड्रोन गिराकर और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियारों की रिकवरी की गई है। बीएसएफ के साथ तालमेल बनाकर ड्रोन गतिविधियों पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।