फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Amendments in Punjab Municipal Building Bylaws-2018, architect attest map up to 500 square yard

बड़ी राहत: पंजाब में 500 वर्ग गज तक का नक्शा पास कर सकेंगे आर्किटेक्ट, म्युनिसिपल बिल्डिंग बायलाज में संशोधन

Sat, 27 Jan 2024 11:31 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 27 Jan 2024 11:31 PM IST
सार

पंजाब में इस नए संशोधन के फैसले के साथ मकान बनवाना आसान होगा। पंजाब में 85 से 90 प्रतिशत लोग 500 वर्ग गज से कम के रिहायशी मकानों में रहते हैं। इस फैसले से पंजाब सरकार ने प्रदेश के एक बड़े वर्ग को राहत दी है। यह राहत प्रदेश के कई इकाईयों में नक्शा से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा करेगा।

विज्ञापन
Amendments in Punjab Municipal Building Bylaws-2018, architect attest map up to 500 square yard
भगवंत मान - फोटो : twitter

विस्तार

पंजाब के लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। शहरी इलाके में रह रहे लोगों को अब अपने मकान का नक्शा पास करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों और अफसरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। 

विज्ञापन


सीएम भगवंत मान ने पंजाब म्युनिसिपल बिल्डिंग बायलाज-2018 में जो संशोधन किए हैं। उसके मुताबिक 500 वर्ग गज तक के रिहायशी मकान या खाली पड़े प्लाट पर बनने वाली इमारत का नक्शा स्व तस्दीक किया जाएगा। यह स्व तस्दीकी आर्किटेक्ट द्वारा की जाएगी। 
विज्ञापन


इसमें ध्यान देने योग्य यह है कि लोगों को 500 वर्ग गज तक के रिहायशी मकान का नक्शा केवल उसी आर्किटेक्ट से स्व तस्दीक करवाना होगा, जोकि स्थानीय नगरपालिका प्राधिकारी से पंजीकृत, मान्यता प्राप्त या फिर इम्पैनलड हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


गलत नक्शा जमा कराने पर आर्किटेक्ट पर होगी कार्रवाई, जुर्माना का भी प्रावधान
अगर आर्किटेक्ट रिहायशी इमारत का गलत नक्शा या बिल्डिंग प्लान देता है तो उस पर संबंधित अथॉरिटी कार्रवाई कर सकती है। या नक्शा पास कराने के बाद रिहायशी इमारत में चेकिंग के दौरान किसी प्रकार की कोई खामी नजर आती है तो उस पर आर्किटेक्ट से पूछताछ हो सकती है। यहां तक की इसके लिए आर्किटेक्ट पर जुर्माना भी लग सकता है।

संशोधन नियम के तहत आवेदक के तौर पर इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट को ये दस्तावेज देने जरूरी
- एप्लिकेशन के साथ आर्किटेक्ट को सेल्फ सर्टिफिकेशन स्कीम का प्रमाण जोकि स्थानीय नगरपालिका या संबंधित अथॉरिटी से मान्यता प्राप्त हो।
-प्लॉट मालिक द्वारा इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट के रूप में नियुक्ति का प्रमाण पत्र, जोकि सत्यापित करता होकि उसके द्वारा सेल्फ सर्टिफिकेशन स्कीम के अंतर्गत मंजूरी दी है। इसके साथ ही निर्माण उसकी निगरानी में हुआ हो।

- इमारत के नक्शे की जांच रिपोर्ट, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क/कर आदि की रिपोर्ट।
- आवेदक को स्व तस्दीक किए हुए नक्शे के चार अलग-अलग कॉपी जमा करानी होगी।
- रिहायशी इमारत के निर्माण के समय भू-मालिक को इम्पैनल्ट आर्किटेक्ट का नाम और बिल्डिंग एप्लिकेशन नंबर साइट पर स्पष्ट करना होगा।
- नए रिहायशी इमारत के निर्माण के समय आर्किटेक्ट को अलग-अलग स्तर पर स्व तस्दीक सर्टिफिकेट या कागजी प्रमाण देने होंगे। इनमें खुदाई, डीपीसी, रूफ लेवल यानी छत पड़ते समय और कंप्लिशन यानी पूरे निर्माण के नक्शा सहित दस्तावेज देने होंगे। इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि आर्किटेक्ट को या भू-मालिक को डीपीसी रिपोर्ट के बाद 15 दिन का इंतजार करना होगा।

संशोधित नियम में ध्यान देने वाली बातें
- रिहायशी इमारत के निर्माण या इम्पैनल्ड आर्किटेक्ट को अगर भू-मालिक बदलता है उसकी जानकारी संबंधित अथॉरिटी को देनी होगी।
- नए आर्किटेक्ट को नियुक्त करने से पहले 7 दिन के भीतर रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए यह जानकारी प्राधिकारी को देनी होगी।
- अगर भू-मालिक यह जानकारी नहीं देता है तो इसकी जिम्मेदारी नए आर्किटेक्ट की होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed