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मां बेचती है मछली और पिता कारपेंटर, मेहनत कर बेटा बना भारतीय टीम का कप्तान
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Oct 2017 09:07 AM IST
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Amarjit Singh Kiyam
रिंदों को नहीं तालीम दी जाती उड़ानों की, वो खुद ही सीख लेते हैं बुलंदी आसमानोें की। किसी शायर के इस नाजुक कलाम को मजबूत इरादों के साथ सच साबित करने के लिए तैयार है सिटी ब्यूटीफुल की फुटबॉल अकादमी का ट्रेनी युवक अमरजीत सिंह।
जिंदगी ने भले ही अमरजीत को हर कदम पर दिक्कतों में उलझाया हो, लेकिन उसके मजबूत पैरों से फुटबॉल को नहीं छुड़ा सकी। मां ने मछली बेचकर और पिता ने कारपेंटर के काम में पसीना बहाकर वो खिलाड़ी तैयार किया, जो भारत में पहली बार हो रहे फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली टीम की कप्तानी करेगा। इस युवा कप्तान अमरजीत सिंह से अमर उजाला ने खास बातचीत की।
मूलरूप से मणिपुर के रहने वाले अमरजीत सिंह क्याम ने गरीबी में फुटबॉल खेलने का सपना देखा। इनके पिता छोटे से गांव थॉबाल में किसानी में दिहाड़ी के साथ-साथ कारपेंटर का काम भी करते हैं। अमरजीत की मां घर से 22 किलोमीटर दूर इंफाल जाकर रोजाना मछली बेचती हैं। अमरजीत ने बताया कि पिता किसानी के साथ-साथ ऑफ सीजन में कारपेंटर का काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हाेंने कभी मुझे अपने साथ काम में हाथ बंटाने को नहीं कहा।
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जिंदगी ने भले ही अमरजीत को हर कदम पर दिक्कतों में उलझाया हो, लेकिन उसके मजबूत पैरों से फुटबॉल को नहीं छुड़ा सकी। मां ने मछली बेचकर और पिता ने कारपेंटर के काम में पसीना बहाकर वो खिलाड़ी तैयार किया, जो भारत में पहली बार हो रहे फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली टीम की कप्तानी करेगा। इस युवा कप्तान अमरजीत सिंह से अमर उजाला ने खास बातचीत की।
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मूलरूप से मणिपुर के रहने वाले अमरजीत सिंह क्याम ने गरीबी में फुटबॉल खेलने का सपना देखा। इनके पिता छोटे से गांव थॉबाल में किसानी में दिहाड़ी के साथ-साथ कारपेंटर का काम भी करते हैं। अमरजीत की मां घर से 22 किलोमीटर दूर इंफाल जाकर रोजाना मछली बेचती हैं। अमरजीत ने बताया कि पिता किसानी के साथ-साथ ऑफ सीजन में कारपेंटर का काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हाेंने कभी मुझे अपने साथ काम में हाथ बंटाने को नहीं कहा।
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Amarjit Singh Kiyam
- फोटो : File Photo
पिता और मां ने फुटबॉल के प्रति मेरे लगाव को देखने हुए हर समय फुटबॉल खेलने को प्रेरित किया। चंडीगढ़ की अकादमी से शुरू हुए सफर के बारे में बताते हुए अमरजीत सिंह ने कहा कि मणिपुर से हमारे जानने वाले चंडीगढ़ में पढ़ाई करते थे। उन्हाेंने यहां की फुटबॉल अकादमी के बारे में बताया। इसके बाद यहां आया और ट्रायल दिए। इसमें चयनित होने के बाद अकादमी में प्रवेश मिल गया। यहीं से कोच हरजिंदर और संदीप से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं और आज भारतीय टीम का कप्तान बन बैठा।
दिल्ली में होगा फुटबॉल का महाकुंभ
फुटबॉल का महाकुंभ कहा जाने वाला ये टूर्नामेंट 6 से 28 अक्तूबर तक खेला जाएगा। इसमें विश्व के कई देशों की दिग्गज टीमें अपनी दावेदारी पेश करेंगी। बता दें कि इसका उद्घाटन दिल्ली में होगा और देश के विभिन्न हिस्साें में इसके मुकाबले खेले जाने हैं। भारत को ए ग्रुप में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के साथ अमेरिका, कोलंबिया, गाना की टीमें हैं। विश्व कप के पहले मैच में भारत को अपना पहला मुकाबला अमेरिका से खेलना है।
इन दिनों भारतीय टीम का कैंप दिल्ली में लगा हुआ। भारत ने भी इस महाकुंभ के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सिटी ब्यूटीफुल भी इस महाकुंभ में अपनी भागेदारी कर रहा है। चंडीगढ़ फुटबॉल अकादमी के अमरजीत सिंह क्याम भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे।
दिल्ली में होगा फुटबॉल का महाकुंभ
फुटबॉल का महाकुंभ कहा जाने वाला ये टूर्नामेंट 6 से 28 अक्तूबर तक खेला जाएगा। इसमें विश्व के कई देशों की दिग्गज टीमें अपनी दावेदारी पेश करेंगी। बता दें कि इसका उद्घाटन दिल्ली में होगा और देश के विभिन्न हिस्साें में इसके मुकाबले खेले जाने हैं। भारत को ए ग्रुप में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के साथ अमेरिका, कोलंबिया, गाना की टीमें हैं। विश्व कप के पहले मैच में भारत को अपना पहला मुकाबला अमेरिका से खेलना है।
इन दिनों भारतीय टीम का कैंप दिल्ली में लगा हुआ। भारत ने भी इस महाकुंभ के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सिटी ब्यूटीफुल भी इस महाकुंभ में अपनी भागेदारी कर रहा है। चंडीगढ़ फुटबॉल अकादमी के अमरजीत सिंह क्याम भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे।