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Chandigarh: अकाली दल के चंडीगढ़ अध्यक्ष हरदीप सिंह ने छोड़ी पार्टी, चुनावी टिकट भी लौटाया
Mon, 06 May 2024 05:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 06 May 2024 05:10 PM IST
सार
शिअद चंडीगढ़ अध्यक्ष हरदीप सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
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हरदीप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिरोमणि अकाली दल को जोरदार झटका लगा है। वह भी चुनावी दौर में जब लोकसभा चुनाव का प्रचार शिखर पर है। चंडीगढ़ शिअद अध्यक्ष हरदीप सिंह ने पूरी टीम के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हरदीप सिंह ने यह जानकारी सोमवार को सेक्टर 27 स्थित प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी पार्टी में जाने की चर्चा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह आजाद हैं। पार्टी के लिए यह बहुत बड़ी परेशानी बन गया है। कि चल रहे चुनाव में प्रदेश का अध्यक्ष सहित पूरी टीम इस्तीफा दे दे और पार्टी का टिकट भी लौटा दे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता ने तीन बार लगातार भारी मतों से पार्षद बनाया। उन्होंने कहा कि वह गरीब परिवार के बेटे हैं। पिता और बड़ा भाई का साया उठ गया है। वे दोनों अब इस दुनिया में नहीं है। लोगों ने मुझे प्यार दिया है। पार्टी ने शहर के लोगों के प्यार मिलने के कारण ही चंडीगढ़ का अध्यक्ष बनाया। उन्होंने कहा कि मेरी ईमानदारी के कारण शिअद ने मुझे इस बार चंडीगढ़ लोकसभा का उम्मीदवार बनाया।
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हरदीप सिंह ने कहा कि शिअद चंडीगढ़ की पूरी यूनिट ने प्रधान सुखबीर सिंह बादल को सूचित किया था कि वह बहुत ही साधारण परिवार से हैं। चुनाव का खर्च नहीं उठा सकते। इसके बाद सुखबीर बादल ने कहा था कि हरदीप सिंह की ईमानदारी पर भरोसा है। यह चुनाव हरदीप सिंह के जरिए ही लड़ सकते हैं।
हरदीप सिंह ने कहा कि सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ की टीम को भरोसा दिया था कि आप लोग सिफ चुनाव प्रचार कीजिए। लोगों के बीच जाइए। बाकी का खर्च पार्टी अपने स्तर पर करेगी। हरदीप ने कहा कि पिछले कई दिनों से लोगों के बीच प्रचार कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान पार्टी की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई।
प्रेसवार्ता के दौरान हरदीप ने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसी गहरी साजिश के तहत हमारा इस्तेमाल करना चाहती है। हम किसी भी प्रकार से इस गंदी साजिश का शिकार होने के लिए तैयार नहीं हैं।
इन्होंने दिया इस्तीफा....
प्रधान हरदीप सिंह, संरक्षक ओम प्रकाश काका, उपाध्यक्ष बारा सिंह और गुलाब सिंह, महासचिव सुखविंदर सिंह भाटिया, चरणजीत सिंह विल्ली, सतवंत कौर जौहल, जसवंत कौर, कवलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी, कुलदीप सिंह धनास, जगतार सिंह अटावा, खजांची सुरजीत सिंह, प्रवक्ता अजीत सिंह, यूथ अकाली दल के प्रधान गुरप्रीत सिंह, उपाध्यक्ष हर सिमरण सिंह सिद्धू, महासचिव अमनदीप सिंह कजहेड़ी, बीसी विंग के प्रधान अवतार सिंह मनीमाजरा ने इस्तीफा दिया है। इसके अलावा सर्किल अध्यक्षों में गुरप्रीत सिंह सोमल, बलविंदर सिंह, अवतार सिंह, गुरदीप सिंह, मनीमाजरा पार्टी इंचार्ज गुरदीप सिंह ढिल्लों और धनास के पार्टी इंचार्ज महिंदर सिंह बागी ने इस्तीफा दे दिया है।
नहीं लड़ना था तो टिकट नहीं लेना चाहिए था...
यह खबर सुनकर बहुत ही हैरान हूं यदि नहीं लड़ना था तो टिकट ही नहीं लेनी थी। उन्होंने मुझसे कोई सलाह नहीं ली न मेरे पास आए हैं। यह हरदीप की स्वयं की असफलता है। -हरजिंदर कौर, एसजीपीसी सदस्य और पूर्व मेयर चंडीगढ़
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उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी पार्टी में जाने की चर्चा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब वह आजाद हैं। पार्टी के लिए यह बहुत बड़ी परेशानी बन गया है। कि चल रहे चुनाव में प्रदेश का अध्यक्ष सहित पूरी टीम इस्तीफा दे दे और पार्टी का टिकट भी लौटा दे।
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उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता ने तीन बार लगातार भारी मतों से पार्षद बनाया। उन्होंने कहा कि वह गरीब परिवार के बेटे हैं। पिता और बड़ा भाई का साया उठ गया है। वे दोनों अब इस दुनिया में नहीं है। लोगों ने मुझे प्यार दिया है। पार्टी ने शहर के लोगों के प्यार मिलने के कारण ही चंडीगढ़ का अध्यक्ष बनाया। उन्होंने कहा कि मेरी ईमानदारी के कारण शिअद ने मुझे इस बार चंडीगढ़ लोकसभा का उम्मीदवार बनाया।
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हरदीप सिंह ने कहा कि शिअद चंडीगढ़ की पूरी यूनिट ने प्रधान सुखबीर सिंह बादल को सूचित किया था कि वह बहुत ही साधारण परिवार से हैं। चुनाव का खर्च नहीं उठा सकते। इसके बाद सुखबीर बादल ने कहा था कि हरदीप सिंह की ईमानदारी पर भरोसा है। यह चुनाव हरदीप सिंह के जरिए ही लड़ सकते हैं।
हरदीप सिंह ने कहा कि सुखबीर बादल ने चंडीगढ़ की टीम को भरोसा दिया था कि आप लोग सिफ चुनाव प्रचार कीजिए। लोगों के बीच जाइए। बाकी का खर्च पार्टी अपने स्तर पर करेगी। हरदीप ने कहा कि पिछले कई दिनों से लोगों के बीच प्रचार कर रहे हैं। लेकिन इस दौरान पार्टी की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई।
प्रेसवार्ता के दौरान हरदीप ने यह भी कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसी गहरी साजिश के तहत हमारा इस्तेमाल करना चाहती है। हम किसी भी प्रकार से इस गंदी साजिश का शिकार होने के लिए तैयार नहीं हैं।
इन्होंने दिया इस्तीफा....
प्रधान हरदीप सिंह, संरक्षक ओम प्रकाश काका, उपाध्यक्ष बारा सिंह और गुलाब सिंह, महासचिव सुखविंदर सिंह भाटिया, चरणजीत सिंह विल्ली, सतवंत कौर जौहल, जसवंत कौर, कवलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह पूर्व चेयरमैन मार्केट कमेटी, कुलदीप सिंह धनास, जगतार सिंह अटावा, खजांची सुरजीत सिंह, प्रवक्ता अजीत सिंह, यूथ अकाली दल के प्रधान गुरप्रीत सिंह, उपाध्यक्ष हर सिमरण सिंह सिद्धू, महासचिव अमनदीप सिंह कजहेड़ी, बीसी विंग के प्रधान अवतार सिंह मनीमाजरा ने इस्तीफा दिया है। इसके अलावा सर्किल अध्यक्षों में गुरप्रीत सिंह सोमल, बलविंदर सिंह, अवतार सिंह, गुरदीप सिंह, मनीमाजरा पार्टी इंचार्ज गुरदीप सिंह ढिल्लों और धनास के पार्टी इंचार्ज महिंदर सिंह बागी ने इस्तीफा दे दिया है।
नहीं लड़ना था तो टिकट नहीं लेना चाहिए था...
यह खबर सुनकर बहुत ही हैरान हूं यदि नहीं लड़ना था तो टिकट ही नहीं लेनी थी। उन्होंने मुझसे कोई सलाह नहीं ली न मेरे पास आए हैं। यह हरदीप की स्वयं की असफलता है। -हरजिंदर कौर, एसजीपीसी सदस्य और पूर्व मेयर चंडीगढ़