{"_id":"5f49dca78ebc3e17543ddafc","slug":"agriculture-ordinance-opposed-in-punjab-assembly-session","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाब विधानसभा में कृषि अध्यादेशों के विरोध के बाद हरियाणा में सियासत गर्म, रद्द करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब विधानसभा में कृषि अध्यादेशों के विरोध के बाद हरियाणा में सियासत गर्म, रद्द करने की मांग
Sat, 29 Aug 2020 10:22 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 29 Aug 2020 10:22 AM IST
सार
- भाजपा ने कैप्टन की आलोचना की महम के विधायक पक्ष में उतरे
- कहा, पंजाब रद्द कर सकता है तो हरियाणा सरकार क्यों नहीं
- अभय चौटाला व किरण चौधरी ने भी किसान अध्यादेशों का किया विरोध
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा सत्र में मौजूद कैप्टन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में कृषि अध्यादेशों के विरोध के बाद हरियाणा की सियासत गर्म हो गई है। पंजाब सरकार के विरोध के फैसले के बाद हरियाणा में किसानों के हक में नेताओं ने बयानबाजी शुरू कर दी है। हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा है कि पंजाब सरकार किसान विरोधी और मंडी फीस के लालच को नहीं छोड़ पा रही है। इसलिए किसानों को गुमराह कर रही है।
उधर, महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि जब पंजाब सरकार किसान विरोधी इन अध्यादेशों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकती है तो हरियाणा सरकार क्यों नहीं। उसे भी किसान हित में ऐसी ही पहल करनी चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि तीनों कृषि अध्यादेश किसानों के हित में हैं। अगर कोई इसका विरोध करता है तो वह किसान और देश विरोधी है।
पंजाब ने पहले देश में शुरू हुई प्रधानमंत्री बीमा योजना को भी लागू नहीं किया था और अब एक बार फिर यह किसान विरोधी फैसले ले रहे हैं। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी सिस्टम के साथ कोई छेड़छाड़ नही की है और मंडी सिस्टम और न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तरह ही जारी रहेगा। इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला तथा कांग्रेस विधायक दल की पूर्व नेता किरण चौधरी ने भी तीनों कृषि अध्यादेशों का विरोध करते हुए कहा कि इन्हें किसान हित में रद्द किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि जब पंजाब सरकार किसान विरोधी इन अध्यादेशों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकती है तो हरियाणा सरकार क्यों नहीं। उसे भी किसान हित में ऐसी ही पहल करनी चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि तीनों कृषि अध्यादेश किसानों के हित में हैं। अगर कोई इसका विरोध करता है तो वह किसान और देश विरोधी है।
विज्ञापन
पंजाब ने पहले देश में शुरू हुई प्रधानमंत्री बीमा योजना को भी लागू नहीं किया था और अब एक बार फिर यह किसान विरोधी फैसले ले रहे हैं। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी सिस्टम के साथ कोई छेड़छाड़ नही की है और मंडी सिस्टम और न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले की तरह ही जारी रहेगा। इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला तथा कांग्रेस विधायक दल की पूर्व नेता किरण चौधरी ने भी तीनों कृषि अध्यादेशों का विरोध करते हुए कहा कि इन्हें किसान हित में रद्द किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
हरियाणा सरकार भी प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजे: कुंडू
महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने कहा है कि पंजाब की तरह हरियाणा सरकार भी तीनों किसान विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो विधायक अभय चौटाला समेत किसी भी नेता ने इन अध्यादेशों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला, क्योंकि उनकी सोच किसानों के बीच कुछ और तथा विधानसभा में कुछ और होती है।