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कृषि विधेयक: पंजाब और हरियाणा में 25 सितंबर के भारत बंद को सफल बनाने में जुटे किसान नेता
Wed, 23 Sep 2020 11:00 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 23 Sep 2020 11:00 AM IST
सार
- शांतिपूर्ण तरीके से लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी में किसान
- फिलहाल अपने असल मुद्दे पर ही डटे रहेंगे
- सरकार व पुलिस प्रशासन से नहीं उलझेंगे
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धरने पर बैठे किसान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब और हरियाणा के किसानों ने कृषि विधेयकों के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से लंबी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इसके लिए अब वे 25 सितंबर के पंजाब बंद का सफल बनाने की रणनीति में जुट गए हैं। किसानों ने साफ कर दिया है कि वे कृषि विधेयकों को बिल्कुल स्वीकर नहीं करेंगे। लेकिन आंदोलन को उग्र बनाकर सरकार व पुलिस प्रशासन से कोई पंगा भी नहीं लेंगे।
फिलहाल उनका असल लक्ष्य इन विधेयकों को वापस करवाना है। किसान को-आर्डिनेशन कमेटी के सदस्य सतनाम सिंह बहिरू ने पटियाला में कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को फुसलाने के लिए एमएसपी में जो बढ़ोतरी की है, वह बेहद मामूली है। यह एलान किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
भाकियू एकता उगराहां के नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार का रवैया किसानों के साथ अब तक ठीक ही रहा है। उधर, मुक्तसर में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल व हरसिमरत कौर बादल निवास के समक्ष पिछले आठ दिनों से चल रहे किसानों के धरने हटा दिया गया है।
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यूनियन की कार्यकारी प्रदेश महासचिव हरिंदर कौर बिंदू व वरिष्ठ नेता शिंगारा सिंह मान ने बताया कि 25 सितंबर को पंजाब बंद के दौरान धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे और 24 से 26 सितंबर तक रेलें रोक कर केंद्र सरकार के खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके लिए बुधवार से ही किसान रेल पटरियों पर टेंट लगाकर बैठ जाएंगे।
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फिलहाल उनका असल लक्ष्य इन विधेयकों को वापस करवाना है। किसान को-आर्डिनेशन कमेटी के सदस्य सतनाम सिंह बहिरू ने पटियाला में कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को फुसलाने के लिए एमएसपी में जो बढ़ोतरी की है, वह बेहद मामूली है। यह एलान किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
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भाकियू एकता उगराहां के नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार का रवैया किसानों के साथ अब तक ठीक ही रहा है। उधर, मुक्तसर में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल व हरसिमरत कौर बादल निवास के समक्ष पिछले आठ दिनों से चल रहे किसानों के धरने हटा दिया गया है।
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यूनियन की कार्यकारी प्रदेश महासचिव हरिंदर कौर बिंदू व वरिष्ठ नेता शिंगारा सिंह मान ने बताया कि 25 सितंबर को पंजाब बंद के दौरान धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे और 24 से 26 सितंबर तक रेलें रोक कर केंद्र सरकार के खिलाफ अर्थी फूंक प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके लिए बुधवार से ही किसान रेल पटरियों पर टेंट लगाकर बैठ जाएंगे।
25 सितंबर को पंजाब में चक्का जाम करेगी शिअद
शिअद ने कृषि विधेयकों के खिलाफ 25 सितंबर को सूबे में चक्का जाम करने का एलान किया। इसके अलावा 1 अक्तूबर से सिख धार्मिक तख्तों से मोहाली तक किसान मार्च भी निकाला जाएगा। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल की अध्यक्षता में सोमवार देर रात हुई बैठक में फैसला किया गया कि सुखबीर 26 से 29 सितंबर तक पार्टी कैडर के साथ बातचीत करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेंगे।
पार्टी प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी नेताओं से कहा गया है कि वे किसानों, खेत मजदूरों, आढ़तियों के साथ सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चक्का जाम करें। इसके लिए सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक का समय तय किया है। हालांकि सब पार्टी कार्यकर्ताओं को आपातकालीन सेवाओं को न रोकने को कहा गया है।
कोर कमेटी ने 1 अक्तूबर को श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब और श्री केशगढ़ साहिब से किसान मार्च निकालने का निर्णय किया है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भी इसमें भाग लेंगी। मोहाली दशहरा ग्राउंड में मार्च का समापन होगा, जिसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन देगा।
पार्टी प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी नेताओं से कहा गया है कि वे किसानों, खेत मजदूरों, आढ़तियों के साथ सभी निर्वाचन क्षेत्रों में चक्का जाम करें। इसके लिए सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक का समय तय किया है। हालांकि सब पार्टी कार्यकर्ताओं को आपातकालीन सेवाओं को न रोकने को कहा गया है।
कोर कमेटी ने 1 अक्तूबर को श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब और श्री केशगढ़ साहिब से किसान मार्च निकालने का निर्णय किया है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भी इसमें भाग लेंगी। मोहाली दशहरा ग्राउंड में मार्च का समापन होगा, जिसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन देगा।