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गजब उपकरण: कचरे को घंटों में खाद बना देगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 24 Nov 2014 04:00 PM IST
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सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में सीआईआई एग्रोटेक में गोदावरी ग्रीन्स ने एक ऐसा उपकरण पेश किया है, जो कूड़े को 24 घंटे के भीतर खाद में बदल देता है। इस उपकरण का प्रयोग नगर निगम, फल व सब्जी की मंडियां, सरकारी व गैर सरकारी अस्पताल, भवन, टाउनशिप, होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन व शापिंग मॉल में किया जा सकता है।
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गोदावरी ग्रीन्स के एन विस्हारड ने बताया कि यह एक आटोमैटिक मशीन है। इसकी खास बात यह है कि खाद बनाने की प्रक्रिया में न तो बदबू आती और न ही कोई आवाज। न तो केमिकल डालने की जरूरत पड़ती है और न ही बैक्टीरिया की। उन्होंने बताया कि जो खाद बनती है उसे फर्टिलाइजर कंट्रोल लैब में टेस्ट कराया गया है।
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लैब के मुताबिक खाद की गुणवत्ता सर्वश्रेष्ठ है। कंपनी ने इसका नाम फूडी रखा है। सबसे छोटी मशीन प्रतिदिन तीन किलोग्राम खाद बनाने में सक्षम है। इसकी कीमत करीब 30 हजार रुपये है, जबकि सबसे बड़ी मशीन की क्षमता प्रतिदिन पांच हजार किलोग्राम कूड़े को खाद बनाने की क्षमता है। इसकी कीमत करीब 80 लाख रुपये है।
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किसकी बन सकती है खाद किसकी नहीं
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि इस मशीन से सब्जियां, मांस, मछली, चिकन, अंडों के छिलके, बेकरी का सामान, उद्यान का कूड़ा, बचा हुआ खाना और फास्ट फूड से खाद बनाई जा सकती है। जबकि, रबड़, शीशा, बड़ी हड्डियां, सिगरेट, बैटरी, प्लास्टिक टेप, नारियल के खोल, लोहे से संबंधित वस्तुएं, प्लास्टिक के बैग्स, दवाओं के पैकेट व न गलने वाले पदार्थ से खाद नहीं बनाई जा सकती।
चंडीगढ़ नगर निगम को भेजा प्रस्ताव
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि उनकी मशीन पुणे व दिल्ली में ट्रायल के तौर पर लगाई गई है। इससे शहर के कूड़े को खाद में तब्दील किया जा रहा है। उन्होंने चंडीगढ़ नगर निगम को भी प्रस्ताव भेजा है। इस बारे में बातचीत अंतिम दौर में है। हालांकि, एक सेक्टर के हिसाब यह काफी महंगा प्रोजेक्ट है।
यदि सेक्टर में यह मशीन लगाई जाती है तो करीब 80 लाख रुपये का खर्चा आएगा। उसके बाद इसे चलाने में बिजली का खर्चा आएगा। इस पर कंपनी का कहना है कि मशीन में बनी खाद को बेचा जा सकता और इसके इस्तेमाल से पर्यावरण को बचाया जा सकता है।
एक से बढ़कर एक ट्रैक्टर
एग्रोटेक में सभी के आकर्षण का केंद्र ट्रैक्टर हैं। न्यू हालैंड फिएट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बूम स्प्रेयर व 3006-02 आलरांउडर लॉन्च किया गया। इसमें कई आकर्षण फीचर है। इसकी स्पीड 39.5 प्रतिघंटा है। इस ट्रैक्टर का इस्तेमाल रफ कंडीशन में किया जा सकता है। फ्रंट टायर काफी बड़े हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने अर्जुन नोवा ट्रैक्टर लॉन्च किया। युवराज 215 नेक्स्ट ट्रैक्टर एचपी नए फीचर्स के साथ आया है। इस ट्रैक्टर की तकनीक यूनीक है। इस ट्रैक्टर ने काफी किसानों का ध्यान आकर्षित किया।
सीवरेज में फंसी कार, क्रेन से निकलवानी पड़ी
एग्रोटेक मेले में आए इन्वायरमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी एनके झ़िगन ने बताया कि उन्होंने शिवालिक व्यू के पीछे अपनी कार पार्क की थी। जब वे पार्किंग से अपनी कार निकाल रहे थे तभी बैक करते वक्त उनकी कार का पहिया सीवरेज के ढक्कन से टकराया और ढक्कन पीछे हट गया। इससे उनकी कार सीवरेज के होल में फंस गई। उसे निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन निकल नहीं पाई। बाद में क्रेन बुलानी पड़ी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की लापरवाही के कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।