फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   again latter bomb of bjp leaders, now opened secret of shanta kumar

एक और लेटर बम, अब शांता कुमार की खोली पोल

Fri, 24 Jul 2015 08:55 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, जालंधर(पंजाब)
ब्यूरो/अमरउजाला, जालंधर(पंजाब) Updated Fri, 24 Jul 2015 08:55 AM IST
विज्ञापन
again latter bomb of bjp leaders, now opened secret of shanta kumar

राष्ट्रीयस्तर पर एक के बाद एक लग रहे घोटाले के आरोपों ने भाजपा में अंदरूनी कलह बढ़ा दी है। हालत यह हो गई है कि अब नेता आपस में लेटर बम दाग कर एक दूसरे की पोल खोल रहे हैं।

विज्ञापन


वरिष्ठ भाजपा नेता शांता कुमार ने व्यापम घोटाले में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर जो लेटर बम दागा था उसका जवाब पंजाब के भाजपा विधायक मनोरंजन कालिया ने ऐसे ही पत्र से दिया है।
विज्ञापन


कालिया की ओर से मीडिया के एक वर्ग को इस पत्र की प्रति भी व्हाट्सएप की गई है। पत्र में  शांता कुमार की पोल पट्टी खोलने का दावा करते हुए उन पर कई आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनाव के पैसे का हिसाब नहीं दिया: कालिया ने दो पेज के पत्र में वरिष्ठ भाजपा नेता पर आरोप लगाया है कि शांता कुमार ने लोकसभा चुनाव में फंड न लेने की बात कही मगर पंजाब का प्रभारी रहते हुए खूब पैसा जमा किया। कालिया का दावा है कि इस फंड के बारे में उन्होंने शांता कुमार के दिल्ली निवास पर उनसे बात की थी मगर वह चुप्पी साध गए थे। मगर जब गलती से यह पैसा विजय सांपला के पास चला गया तो बाद में शांता कुमार ने इसे यह कहकर वापस मंगवाया कि यह पैसा सांपला के लिए नहीं बल्कि उनके लिए था।

कालिया ने पत्र में सवाल किया, आरोपों की झड़ी लगाई

again latter bomb of bjp leaders, now opened secret of shanta kumar

कालिया ने पत्र में सवाल किया है कि क्या यह सत्य नहीं था। आपके पास पैसा गया, उसका कोई हिसाब किताब होना चाहिए। क्या पार्टी को इस पैसे का ब्योरा दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि क्या यह पैसा एक नंबर में चेक की ओर से लिया गया था या दो नंबर में। अगर नंबर दो में लिया गया तो आपको यूनाइटेड नेशन में काले धन पर बोलने का क्या अधिकार है।

स्वामी विवेकानंद अनुसंधान केंद्र पालमपुर पर उठाई अंगुली: कालिया ने शांता कुमार को पत्र में सवाल पूछा कि यह सत्य नहीं है कि जब आप केंद्रीय मंत्री थे तो हिमाचल के पालमपुर में स्वामी विवेकानंद अनुसंधान केंद्र का काम तेजी से करवाया गया। आपने अपना जन्म दिन मनाकर फंड एकत्रित किया।

इस संस्थान को जो पैसा दिया गया, अधिकतर वह अधिकारी थे जो उस समय आपके विभाग से जुड़े हुए थे। क्या यह सत्य नहीं कि आपके रिश्तेदार, दोस्त, मित्र ही इस अनुसंधान केंद्र को संभाल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed