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डीएसपी रामगोपाल पर कैट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगा प्रशासन

Fri, 27 Nov 2020 09:38 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 09:38 PM IST
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Administration will challenge CAT's decision on DSP Ramgopal in High Court
माई सिटी रिपोर्टर
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चंडीगढ़। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने डीएसपी रामगोपाल की याचिका पर फैसला सुनाते हुए उन्हें दो महीने के भीतर पदोन्नति देने के आदेश दिए हैं। उधर, चंडीगढ़ प्रशासन कैट के इस आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है। यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का कहना है कि प्रशासन वकीलों से सलाह ले रहा है और जल्द ही कैट के फैसले को चुनौती दी जाएगी।

मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच बहस खत्म होने के बाद कैट ने अपना फैसला सुनाया था और डीएसपी रामगोपाल को जून 2015 से सभी लाभ और वरिष्ठता देने के आदेश दिए थे। एसपी पदोन्नति नहीं मिलने पर डीएसपी रामगोपाल ने कैट में चंडीगढ़ प्रशासन, प्रशासक के सलाहकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय, यूटी गृह सचिव और डीजीपी के खिलाफ केस दायर किया था। वर्ष 2017 में दायर याचिका में कहा गया था कि डीएसपी पद से एसपी पद पर छह साल में पदोन्नति देने का प्रावधान है। चंडीगढ़ पुलिस विभाग पंजाब के नियमों को फॉलो करता है। ऐसे में पंजाब पुलिस सर्विस रूल्स (1959) के अनुसार, किसी भी डीएसपी पद पर तैनात अधिकारी का अगर लगातार 6 वर्ष कार्य का अनुभव हो तो वह एसपी रैंक पर प्रमोट किया जा सकता है। रामगोपाल डीएसपी पद पर जून 2009 से तैनात है। बावजूद इसके उन्हें अब तक एसपी की पदोन्नति नहीं दी गई थी। वहीं, यूटी डीजीपी ने 16 सितंबर 2017 को होम सेक्रेटरी को पत्र लिखकर यह जानकारी दी थी उनके पास डीएसपी से एसपी (नॉन आईपीएस) प्रमोट करने के लिए कोई रिक्ति नहीं है। इसके अलावा कैट में जवाब दायर करते हुए प्रतिवादियों ने कहा कि चंडीगढ़ में सिर्फ चार एसपी पद ही हैं और वह भी आईपीएस पोस्ट हैं। उनके पास कोई ऐसी पोस्ट नहीं है, जिसमें नॉन आईपीएस को एसपी प्रमोट किया जा सके, लेकिन कैट ने प्रशासन की इन दलीलों को नहीं माना। इसलिए प्रशासन अब कैट के आदेश को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।
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