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साइबर कैफे और पीजी संचालकों के लिए सरकारी फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 06 Feb 2016 12:04 AM IST
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आतंकी खतरे और अन्य अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए डीसी ने साइबर कैफे, इमीग्रेशन कंपनियों, पीजी और होम सर्वेंट के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीसी अजीत बालाजी जोशी ने सख्त आदेश जारी कर सभी शहरवासियों से चौकसी बरतने की नसीहत दी है।
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खासकर साइबर कैफे, इमीग्रेशन कंपनियों, पीजी और होम सर्वेंट या हेल्पर के मामले में जांच परख कर उन्हें रखने के आदेश दिए हैं। अंजान व्यक्ति को साइबर कैफे का इस्तेमाल करने देने और पीजी देने या नौकर रखने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही है। कैफे संचालक को यूजर की पहचान रजिस्टर में दर्ज करनी होगी।
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यूजर को अपने हाथों से अपना नाम, पता, फोन नंबर और आईडी प्रूफ रजिस्टर में दर्ज करना होगा। कंप्यूटर पर देखे गए डाटा का रिकॉर्ड भी रखना होगा। अगर यूजर पर जरा भी शक होता है तो पुलिस को जानकारी देनी होगी। इसके अलावा कंसल्टेंसी के नाम पर बिना लाइसेंस इमीग्रेशन का काम करने वालों पर भी कार्रवाई होगी। कंसल्टेंसी शुरू करने से पहले संचालक को सात दिन में पुलिस को सूचना देनी होगी।
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चंडीगढ़ में रहने वाले बाहरी लोगों को पीजी या घर किराये पर देने के मामले में भी जानकारी पुलिस को देनी होगी। ऐसा न करने पर पीजी संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही घर में नौकर या हेल्पर रखने पर भी पूरी जानकारी पुलिस को देनी होगी। जोशी ने कहा कि इसके लिए अधिकारी बीच-बीच में औचक निरीक्षण भी करेंगे।