{"_id":"60cb8fa5f4cfa043947eb7f6","slug":"administration-conducted-last-rites-of-deceased-corona-patient-in-jalandhar-of-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"जालंधर: कोरोना मरीज को अस्पताल में भर्ती करा गायब हुए अपने, शव लेने भी नहीं पहुंचे, दो हफ्ते बाद हुआ अंतिम संस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालंधर: कोरोना मरीज को अस्पताल में भर्ती करा गायब हुए अपने, शव लेने भी नहीं पहुंचे, दो हफ्ते बाद हुआ अंतिम संस्कार
Fri, 18 Jun 2021 02:10 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 18 Jun 2021 02:10 AM IST
सार
कोरोना के खौफ के आगे रिश्ते-नाते भी बौने साबित हो रहे हैं। पंजाब के जालंधर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक अस्पताल में कोरोना मरीज को दाखिल करा कर तथाकथित अपने गायब हो गए। प्रशासन मरीज की मौत के बाद दो हफ्ते तक घरवालों का इंतजार करता रहा। घर पुलिस भी भेजी लेकिन कोई नहीं आया। अंत में प्रशासन को ही 50 वर्षीय मृतक का अंतिम संस्कार करवाना पड़ा।
विज्ञापन
कोरोना से मौत (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दहशत में रिश्ते नाते तार-तार होने लगे हैं। जालंधर की एक घटना ने इंसानियत को फिर शर्मसार कर दिया है। कोरोना के मरीज को अस्पताल में भर्ती करा रिश्तेदार गायब हो गए और मौत के बाद कोई शव लेने भी नहीं आया। आखिरकार, प्रशासन ने करीब दो सप्ताह तक इंतजार करने के बाद गुरुवार को 50 वर्षीय कोरोना पीड़ित का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रशासन का सहयोग 'आखिरी उम्मीद' संस्था ने किया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक जालंधर में कपूरथला रोड़ के रहने वाले निर्मल सिंह कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्हें कुछ रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती कराकर गायब हो गए। अगले ही दिन कोरोना पीड़ित ने दम तोड़ दिया। घर-परिवार का पता न चले, इसलिए परिवार वालों ने कोरोना पीड़ित का पता भी अधूरा दिया।
विज्ञापन
निर्मल सिंह की मौत के बाद तमाम रिश्तेदारों ने फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। प्रशासन मृतक निर्मल सिंह के शव को शवगृह में रख रिश्तेदारों का इंतजार करता रहा लेकिन कोई नहीं आया। उनके बताए पते पर पुलिस भी भेजी गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। जब मृतक के परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो सिविल अस्पताल के डॉक्टर कामराज की देखरेख में 'आखिरी उम्मीद' संस्था की सहायता से व्यक्ति का अंतिम संस्कार करवाया गया।
विज्ञापन