{"_id":"6562560e0194b44ecb0b862a","slug":"additional-seat-will-be-created-for-transgender-students-in-every-course-of-pu-chandigarh-news-c-16-sml1026-292306-2023-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीयू के हर कोर्स में ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए बनेगी अतिरिक्त सीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीयू के हर कोर्स में ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए बनेगी अतिरिक्त सीट
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के हर कोर्स में सत्र 2024-25 के दौरान ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए एक अतिरिक्त सीट बनाई जाएगी। पीयू में शनिवार को हुई 15 सदस्यीय सिंडिकेट की बैठक में ट्रांसजेंडर के लिए अतिरिक्त सीट बनाने के एजेंडे पर मुहर लगाई गई।
प्रो. अंजू सुरी की अध्यक्षता में 28 अगस्त को ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के हित में दो विषयों पर चर्चा की गई। इसमें उनके लिए भेदभाव न हो, इसलिए पीयू वेबसाइट पर स्थायी सेल का पेज बनाने और समावेशी शिक्षा के लिए हर कोर्स में ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए एक सीट बनाने का मुद्दा रखा गया। विभिन्न विश्वविद्यालयों में ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए भेदभाव रहित माहौल बनाने के लिए किए प्रयासों के अंतर्गत समिति ने यह मुद्दा रखा। फैसला हुआ कि पीयू के विभागों और क्षेत्रीय केंद्र के हर कोर्स में एक अतिरिक्त सीट ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए बनाई जाएगी। इसमें नियामक संस्थाओं की ओर से होने वाले कोर्स जैसे इंजीनियरिंग, डेंटल आदि शामिल नहीं रहेंगे।
एससी विद्यार्थियों के लिए भी बनेगी नीति
परीक्षा शुल्क भर रहे पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के विद्यार्थियों के लिए नीति बनाने पर सिंडिकेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे एससी विद्यार्थियों के लिए 2023-24 और आने वाले सत्रों के लिए नीति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा बैठक में इंटरडिसिप्लनरी सेंटर फॉर स्वामी विवेकानंद स्टडीज में पीएचडी प्रोग्राम में पंजीकरण करने के लिए दिशा-निर्देश हैंडबुक के अनुसार ही रहेंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के संबद्ध कॉलेज में प्रोफेसर और प्राचार्य की सीधी भर्ती के लिए यूजीसी के 18 जुलाई 2018 के दिशा-निर्देश अनुसार टेंप्लेट और आवेदन पत्र बनाने की मंजूरी दे दी गई।
विज्ञापन
फाइन आर्ट्स म्यूजियम को बीएन गोस्वामी के नाम पर रखने पर हुई बात
हालही में कला इतिहासकार बीएन गोस्वामी के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए हिंदी विभाग से प्रो. गुरमीत सिंह ने फाइन आर्ट्स म्यूजियम को उनके नाम पर रखने का सुझाव दिया। बीएन गोस्वामी आर्ट हिस्ट्री और विजुअल आर्ट विभाग के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं। विभाग में विजुअल आर्ट को प्रोत्साहन देने के लिए उन्होंने आजीवन काम किया और म्यूजियम भी उसी का हिस्सा है। सिंडिकेट में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। हालांकि सुझाव के लिए सभी का सकारात्मक बरताव रहा।
विज्ञापन
प्रो. अंजू सुरी की अध्यक्षता में 28 अगस्त को ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के हित में दो विषयों पर चर्चा की गई। इसमें उनके लिए भेदभाव न हो, इसलिए पीयू वेबसाइट पर स्थायी सेल का पेज बनाने और समावेशी शिक्षा के लिए हर कोर्स में ट्रांसजेंडर विद्यार्थी के लिए एक सीट बनाने का मुद्दा रखा गया। विभिन्न विश्वविद्यालयों में ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए भेदभाव रहित माहौल बनाने के लिए किए प्रयासों के अंतर्गत समिति ने यह मुद्दा रखा। फैसला हुआ कि पीयू के विभागों और क्षेत्रीय केंद्र के हर कोर्स में एक अतिरिक्त सीट ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए बनाई जाएगी। इसमें नियामक संस्थाओं की ओर से होने वाले कोर्स जैसे इंजीनियरिंग, डेंटल आदि शामिल नहीं रहेंगे।
विज्ञापन
एससी विद्यार्थियों के लिए भी बनेगी नीति
परीक्षा शुल्क भर रहे पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति के विद्यार्थियों के लिए नीति बनाने पर सिंडिकेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे एससी विद्यार्थियों के लिए 2023-24 और आने वाले सत्रों के लिए नीति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा बैठक में इंटरडिसिप्लनरी सेंटर फॉर स्वामी विवेकानंद स्टडीज में पीएचडी प्रोग्राम में पंजीकरण करने के लिए दिशा-निर्देश हैंडबुक के अनुसार ही रहेंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के संबद्ध कॉलेज में प्रोफेसर और प्राचार्य की सीधी भर्ती के लिए यूजीसी के 18 जुलाई 2018 के दिशा-निर्देश अनुसार टेंप्लेट और आवेदन पत्र बनाने की मंजूरी दे दी गई।
विज्ञापन
फाइन आर्ट्स म्यूजियम को बीएन गोस्वामी के नाम पर रखने पर हुई बात
हालही में कला इतिहासकार बीएन गोस्वामी के निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए हिंदी विभाग से प्रो. गुरमीत सिंह ने फाइन आर्ट्स म्यूजियम को उनके नाम पर रखने का सुझाव दिया। बीएन गोस्वामी आर्ट हिस्ट्री और विजुअल आर्ट विभाग के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं। विभाग में विजुअल आर्ट को प्रोत्साहन देने के लिए उन्होंने आजीवन काम किया और म्यूजियम भी उसी का हिस्सा है। सिंडिकेट में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। हालांकि सुझाव के लिए सभी का सकारात्मक बरताव रहा।