चंडीगढ़ः एसआई का अदालत में आत्मसमर्पण, सीबीआई ने थाने में पांच घंटे की पूछताछ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोरी के मामले में चार आरोपी नाबालिगों पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में उनसे दस हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपी सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह ने बुधवार को जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सूचना पाकर थाना पुलिस अदालत पहुंची और आरोपी का पांच दिन का रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने पुलिस को आरोपी के तीन दिन के रिमांड की मंजूरी दी। पुलिस ने उसे सेक्टर-31 थाने ले जाकर हवालात में भेज दिया।
आरोपी का रिमांड भले ही यूटी पुलिस ने लिया, लेकिन सीबीआई के तीन जांच अधिकारियों ने दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस थाने पहुंचकर उससे पूछताछ की। सीबीआई टीम आरोपी एसआई राजबीर सिंह को इंटेरोगेशन रूम में ले गई। दोपहर करीब ढाई बजे उससे सवाल शुरू किए गए और शाम करीब सात बजे तक सवाल जवाब का दौर जारी रहा।
पूछताछ के दौरान थाने के सब इंस्पेक्टर लखमीर सिंह को इंटोरोगेशन रूम में साथ बैठाया गया। एसआई लखमीर सिंह ने सभी सवाल जवाब सुने। लखमीर सिंह ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार किया। पुलिस रिमांड खत्म होने पर सीबीआई आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी।
सीबीआई के सवाल:
1. आरोपी ने किसके कहने पर नाबालिगों से पैसे मांगे?
2. आरोपी ने रिश्वत की रकम कहां छुपाई?
3. तत्कालीन एसएचओ की भूमिका कितनी रही?
4. रिश्वत के 15 हजार रुपये किस-किस को गए?
5. फरार होने के बाद आरोपी किनकी मदद से कहां-कहां छुपा?
6. गाड़ी को एयरपोर्ट के समीप छोड़ने का क्या मकसद था?
7. यदि निर्दोष था तो कारों को टक्कर मार, लोगों की जान जोखिम में डालकर फरार क्यों हुआ?
8. आरोप निराधार हैं तो मोबाइल पर की बात की रिकॉर्डिंग का सच?
मामले के शिकायतकर्ता सीता राम भी दोपहर को सेक्टर-31 थाने पहुंचे, लेकिन आरोपी को उनके सामने नहीं लाया गया और न ही दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। सीता राम को सीबीआई ऑफिस भी बुलाया गया था, लेकिन वे उन्हें जरूरी काम होने की बात कहकर चले गए।
शिकायतकर्ता के लिए जाएंगे वॉयस सैंपल
सीबीआई ने फिलहाल शिकायतकर्ता सीता राम के वायस सैंपल नहीं लिए हैं। आगामी दिनों में सीबीआई उसके पास मौजूद ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता साबित करने के लिए सीता राम के वायस सैंपल भी लेगी। साथ ही आरोपी और शिकायतकर्ता को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है।
यूटी पुलिस ने हत्या के प्रयास केस में की पूछताछ
आरोपी पर सेक्टर-31 थाने में लापरवाह तरीके से कार भगाने के दौरान सीबीआई की गाड़ी को टक्कर मारने सहित अन्य लोगों की जान जोखिम में डालने पर हत्या के प्रयास के तहत केस दर्ज है। इस कारण सीबीआई की पूछताछ शुरू होने से पहले और पूरी होने के बाद यूटी पुलिस ने भी आरोपी से पूछताछ की। हालांकि यूटी पुलिस ने भी आरोपी के अधिक कुछ जानकारी साझा नहीं करने की बात कही।
यह था मामला
करीब तीन महीने पूर्व हल्लोमाजरा निवासी महिला के घर से करीब 2.50 लाख रुपये के गहने चोरी हुए। महिला को कुछ नाबालिगों पर शक था। मामले की जांच के दौरान एसआई राजबीर सिंह ने चार आरोपी नाबालिगों से कार्रवाई नहीं करने के एवज में पैसों की डिमांड की। पहले पांच हजार रुपये लिए और बीते शुक्रवार को दस हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप हैं। आरोपी ने हल्लोमाजरा में मीट की दुकान के समीप पैसे लिए, लेकिन ट्रैप की भनक लगने पर आरोपी कार से तेज रफ्तार में फरार हो गया था।