Mohali News: खुफिया मुख्यालय में हमले की गुत्थी सुलझी, लॉरेंस के गुर्गों ने दागा था रॉकेट
दीपक हरियाणा के झज्जर जिले के गांव सूरजपुर का रहने वाला है और हमले से कुछ देर पहले वह इंटेलिजेंस ऑफिस के नजदीक सीसीटीवी में कैद हुआ था। दीपक के साथ यूपी का एक नाबालिग हमलावर भी था। दोनों पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
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पंजाब पुलिस के मोहाली स्थित खुफिया मुख्यालय पर दो महीने पहले हुए राकेट हमले के तार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ गए हैं। मुख्यालय पर दीपक और अन्य अपराधी ने हमला किया था। दोनों गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के ही गुर्गें हैं। यह खुलासा दिल्ली पुलिस और चंडीगढ़ इंटेलिजेंस की जांच में हुआ है।
लॉरेंस पर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या कराने का आरोप है और पंजाब पुलिस इन दिनों उसे अपनी कस्टडी में रखकर पूछताछ कर रही है। अब खुफिया मुख्यालय पर हमले की घटना को लेकर भी उससे पूछताछ होगी। पंजाब पुलिस ने पहले यह खुलासा किया था कि खुफिया मुख्यालय पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने हमला कराया है और यह काम पाकिस्तान में छिपे गैंगस्टर व आतंकी हरविंदर रिंदा को सौंपा गया था।
रिंदा ने कनाडा में छिपे गैंगस्टर लखबीर से हमला करवाया लेकिन इस खुलासे के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। इससे साफ हो गया कि कनाडा में छिपे गैंगस्टर लखबीर, पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर हरविंदर रिंदा और लॉरेंस मिलकर काम कर रहे हैं। इस साठगांठ में पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई भी शामिल है।
सीसीटीवी में कैद आरोपी
दीपक हरियाणा के झज्जर जिले के गांव सूरजपुर का रहने वाला है और हमले से कुछ देर पहले वह इंटेलिजेंस ऑफिस के नजदीक सीसीटीवी में कैद हुआ था। दीपक के साथ यूपी का एक नाबालिग हमलावर भी था। दोनों पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। चंडीगढ़ इंटेलिजेंस को दीपक की तलाश शहर में एक प्रापर्टी डीलर की हत्या के मामले में भी है।
एक साथ जेल में बंद थे रिंदा और लॉरेंस
अधिकारियों का मानना है कि मुख्यालय में आरपीजी दागने वाले लॉरेंस के गुर्गें रिंदा और लखबीर के लिए भी काम कर रहे हैं। रिंदा आईएसआई के लिए काम करता है। अधिकारियों को यह भी संदेह है कि अब तक उत्तर भारत में सक्रिय रहा लॉरेंस गैंग संभवत: अत्याधुनिक हथियार हासिल करने के लिए विदेश में छिपे गैंगस्टरों और आतंकियों के हाथों में खेल रहा है।
दरअसल, लॉरेंस और रिंदा 2016-17 के दौरान पंजाब की जेल में एक साथ बंद थे और उनके बीच दोस्ती हुई थी। रिंदा जेल से निकलकर पाकिस्तान भाग गया, जहां से लॉरेंस बिश्नोई उसका करीबी संपर्क भी बन गया। पुलिस का कहना है कि मुख्यालय पर हमला करने वाले दीपक और अन्य नाबालिग को रिंदा ने लॉरेंस की मदद से वारदात के लिए चुना था। फिलहाल पंजाब पुलिस ने मुख्यालय पर हमले के मामले में रेकी करने वाले मोहाली के जगदीप कंग और चरत सिंह के अलावा निशान सिंह, बलजिंदर रैंबों, अनंतदीप उर्फ सोनू अंबरसरिया, कंवर बाठ, बलजीत कौर को गिरफ्तार किया है।