चंडीगढ़ : परास्नातक में प्रवेश परीक्षा कराने की मांग, एबीवीपी का पीयू में हंगामा, सुरक्षा घेरा तोड़ा
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परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर कराने समेत कई मांगों को लेकर मंगलवार को एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के कार्यकर्ताओं ने पंजाब विश्वविद्यालय के एडमिन ब्लॉक के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन कर नारेबाजी की। यही नहीं छात्र सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्यद्वार तक जा पहुंचे। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई। आखिर में डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर व कंट्रोलर प्रो. परविंदर सिंह पहुंचे। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। इस प्रदर्शन के कारण बाहर से आए विद्यार्थियों को काम न होने के कारण मायूस लौटना पड़ा।
एबीवीपी कार्यकर्ता दोपहर में पीयू के एडमिन ब्लॉक के बाहर एकत्रित हुए। उसके बाद उन्होंने बैठक की। एबीवीपी अध्यक्ष हरीश गुर्जर, जतिन सिंह ने कहा कि पीयू ने इंजीनियरिंग विभाग के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के परिणाम अभी जारी नहीं किए हैं जबकि 27 अक्तूबर ही परास्नातक कक्षाओं में आवेदन करने की आखिरी तिथि थी। हजारों विद्यार्थी पीजी कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन नहीं कर पाए।
पीयू के अलावा पंजाब के कुछ विश्वविद्यालयों के भी परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। एक तो रिजल्ट जारी नहीं हुआ और दूसरा वह परास्नातक कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए आवेदन नहीं कर पाए। ऐसे में उन विद्यार्थियों के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए। इसके अलावा परास्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू आदि ने प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की हैं। इसलिए पीयू भी आयोजित करे ताकि प्रवेश में पारदर्शिता बनी रहे।
वीसी समेत कई अधिकारियों के खिलाफ की नारेबाजी
कार्यकर्ताओं ने वीसी समेत कई अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक नारेबाजी की। कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो कार्यकर्ताओं का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने बैरिकेड पार करना चाहा लेकिन पुलिस ने रोक दिया। कुछ देर बाद छात्रों ने बैरिकेड गिरा दिए और एडमिन ब्लॉक के मुख्य गेट पर पहुंच गए। वहां गेट को खोलने की कोशिश की गई लेकिन कामयाबी नहीं मिली। वहीं पर छात्र धरने पर बैठ गए। उसके बाद पीयू के अधिकारी पहुंचे और उनकी बात सुनी। समस्या समाधान के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ।