{"_id":"664e5e0af19baf9a140e7e14","slug":"aap-raised-questions-on-the-ballot-paper-chandigarh-news-c-16-pkl1010-427485-2024-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: आप ने बैलेट पेपर पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: आप ने बैलेट पेपर पर उठाए सवाल
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने बुधवार को बैलेट पेपर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कैथल चुनाव आयोग के अधिकारी शुरू से ही अपनी मनमानी कर रहे हैं। लगता है यहां के निर्वाचन अधिकारी को सरकार के बड़े मंत्रियों की शय प्राप्त है। इसलिए उन पर कार्रवाई भी नहीं होती।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 85 साल से ऊपर और विकलांगों व्यक्तियों के वोट डलवाने के लिए जो बैलेट प्रक्रिया शुरू की गई है। उस प्रक्रिया में जबरदस्त तरीके से धांधली चल रही थी, जिसमें बैलेट बॉक्स पर सील नहीं लगाई गई थी। आम आदमी पार्टी के नेता मास्टर सतबीर गोयत, जो खुद भी 25 साल तक इलेक्शन ड्यूटी कर चुके हैं। उन्होंने जब उसको इंगित किया कि इस प्रक्रिया में किस तरह की कमियां हैं। तो चुनाव आयोग ने उन कमियों को दुरुस्त करने के बजाय मास्टर सतबीर गोयत पर ही एफआईआर दर्ज कर दी। इसका मतलब है कि चुनाव आयोग के अधिकारी ऐसा माहौल बना रहे हैं कि यदि वोटिंग वाले दिन कहीं पर गड़बड़ हो भी रही हो तो लोगों को ये मैसेज देना चाहते हैं कि चुप रहिए नहीं तो एफआईआर कर देंगे।
विज्ञापन
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने बुधवार को बैलेट पेपर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कैथल चुनाव आयोग के अधिकारी शुरू से ही अपनी मनमानी कर रहे हैं। लगता है यहां के निर्वाचन अधिकारी को सरकार के बड़े मंत्रियों की शय प्राप्त है। इसलिए उन पर कार्रवाई भी नहीं होती।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि 85 साल से ऊपर और विकलांगों व्यक्तियों के वोट डलवाने के लिए जो बैलेट प्रक्रिया शुरू की गई है। उस प्रक्रिया में जबरदस्त तरीके से धांधली चल रही थी, जिसमें बैलेट बॉक्स पर सील नहीं लगाई गई थी। आम आदमी पार्टी के नेता मास्टर सतबीर गोयत, जो खुद भी 25 साल तक इलेक्शन ड्यूटी कर चुके हैं। उन्होंने जब उसको इंगित किया कि इस प्रक्रिया में किस तरह की कमियां हैं। तो चुनाव आयोग ने उन कमियों को दुरुस्त करने के बजाय मास्टर सतबीर गोयत पर ही एफआईआर दर्ज कर दी। इसका मतलब है कि चुनाव आयोग के अधिकारी ऐसा माहौल बना रहे हैं कि यदि वोटिंग वाले दिन कहीं पर गड़बड़ हो भी रही हो तो लोगों को ये मैसेज देना चाहते हैं कि चुप रहिए नहीं तो एफआईआर कर देंगे।
विज्ञापन