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Chandigarh News: भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे आप पार्षद ढींगरा, सदन से सस्पेंड
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चंडीगढ़। नगर निगम हाउस की मंगलवार को हुई बैठक में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत ने अपने ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले आप पार्षद योगेश ढींगरा को सदन से सस्पेंड करने की मांग उठाई। ढींगरा ने पांच पार्षदों पर एक कंपनी को टेंडर में फेवर करने के बदले पांच-पांच लाख रुपये लेने के आरोप लगाए थे।
मेयर सौरभ जोशी ने ढींगरा से सदन में पांचों पार्षदों के नाम बताने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि नाम नहीं बताए तो पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट-1976, चंडीगढ़ में विस्तारित कानून-1994 की धारा 62ए के तहत कार्रवाई होगी। ढींगरा ने नाम बताने के बजाय आप चंडीगढ़ प्रधान विजय पाल की डीजीपी को लिखी शिकायत सदन में पढ़कर सुनाई। इसके बाद मेयर ने वोटिंग कराकर उन्हें सस्पेंड कर दिया।
मेयर ने कहा कि सिर्फ एक वीडियो के आधार पर पांच पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगाए जा सकते। यदि नाम बताए जाते तो संबंधित पार्षदों पर कार्रवाई होती। उन्होंने वायरल वीडियो की सीएफएसएल रिपोर्ट के बारे में भी पूछा। ढींगरा ने जवाब दिया कि इसकी जांच पुलिस का काम है।
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ढींगरा ने सेक्टर-25 के ड्राई एंड वेट वेस्ट प्लांट के अपग्रेडेशन टेंडर को लेकर 25 लाख रुपये के कथित लेनदेन का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि नारायण ओझा ने सेक्टर-40 में पार्षद के पति से पैसे मांगे और मना करने पर थप्पड़ मारा। उन्होंने एक अन्य वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पूर्व मेयर के पति देवेंदर सिंह बबला पर गुरबख्श रावत को 80 लाख रुपये देने की बात कहने का आरोप लगाया। इन दोनों मामलों में आप प्रधान ने सीबीआई और डीजीपी को शिकायत दी है। ढींगरा ने कहा कि उन्होंने ये बातें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी थीं और मामला निगम सदन का नहीं है।
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मेयर सौरभ जोशी ने ढींगरा से सदन में पांचों पार्षदों के नाम बताने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि नाम नहीं बताए तो पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट-1976, चंडीगढ़ में विस्तारित कानून-1994 की धारा 62ए के तहत कार्रवाई होगी। ढींगरा ने नाम बताने के बजाय आप चंडीगढ़ प्रधान विजय पाल की डीजीपी को लिखी शिकायत सदन में पढ़कर सुनाई। इसके बाद मेयर ने वोटिंग कराकर उन्हें सस्पेंड कर दिया।
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मेयर ने कहा कि सिर्फ एक वीडियो के आधार पर पांच पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगाए जा सकते। यदि नाम बताए जाते तो संबंधित पार्षदों पर कार्रवाई होती। उन्होंने वायरल वीडियो की सीएफएसएल रिपोर्ट के बारे में भी पूछा। ढींगरा ने जवाब दिया कि इसकी जांच पुलिस का काम है।
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ढींगरा ने सेक्टर-25 के ड्राई एंड वेट वेस्ट प्लांट के अपग्रेडेशन टेंडर को लेकर 25 लाख रुपये के कथित लेनदेन का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि नारायण ओझा ने सेक्टर-40 में पार्षद के पति से पैसे मांगे और मना करने पर थप्पड़ मारा। उन्होंने एक अन्य वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पूर्व मेयर के पति देवेंदर सिंह बबला पर गुरबख्श रावत को 80 लाख रुपये देने की बात कहने का आरोप लगाया। इन दोनों मामलों में आप प्रधान ने सीबीआई और डीजीपी को शिकायत दी है। ढींगरा ने कहा कि उन्होंने ये बातें पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी थीं और मामला निगम सदन का नहीं है।