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Chandigarh News: आप पार्षद दमनप्रीत का हाथ मरोड़ा<bha>;</bha> धक्का देकर ले गई पुलिस, पार्षद नेहा को भी लिया हिरासत में
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चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड के आयोजन को लेकर चंडीगढ़ में भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद व कार्यकर्ता रविवार को आमने-सामने आ गए। कार्यक्रम का विरोध कर रहे आप के दो पार्षदों दमनप्रीत सिंह और नेहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने पार्षद दमनप्रीत सिंह की गर्दन पकड़कर उनका हाथ मरोड़ दिया और धक्का देकर पुलिस की गाड़ी में बैठाकर साथ ले गए। दोनों पार्षदों को कार्यक्रम के बाद छोड़ा गया। बता दें कि आम आदमी पार्टी के पार्षदों का आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम राजनीतिक है, इसलिए नियमानुसार सामुदायिक केंद्र में इसका आयोजन नहीं किया जा सकता। हालांकि विरोध के बावजूद भाजपा नेताओं की तरफ से अलग-अलग जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेक्टर-22, रामदरबार, सेक्टर-37 समेत कई सेक्टरों के सामुदायिक केंद्रों में आयोजित कार्यक्रम का आप के पार्षदों ने विरोध किया।
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि वह सेक्टर-22 के सामुदायिक केंद्र में मन की बात कार्यक्रम नहीं होने देंगे। पुलिस को अंदेशा था कि यहां पर आप और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ सकते हैं। सुबह से ही कई पुलिसकर्मी सामुदायिक केंद्र के गेट पर तैनात थे। जैसे ही पार्षद दमनप्रीत सिंह को कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी मिली, वह अपनी गाड़ी से सामुदायिक केंद्र पहुंचे। उनके पहुंचते ही पुलिसकर्मी उनकी गाड़ी की तरफ दौड़ पड़े और उनके गाड़ी से नीचे उतरने से पहले उन्हें दबोच लिया। पुलिसकर्मियों ने पार्षद दमनप्रीत सिंह की गर्दन पकड़ी और उनका हाथ मरोड़ते हुए धक्का देकर जबरन पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी ही दमनप्रीत सिंह की गाड़ी को सामुदायिक केंद्र की पार्किंग में लगाते हुए नजर आए। दमनप्रीत के समर्थन में कई पार्षद भी सेक्टर-17 पुलिस पुलिस स्टेशन पहुंचे। बाद में मन की बात कार्यक्रम के खत्म होने पर उन्हें छोड़ा गया।
रामदरबार में भाजपा के खिलाफ नारेबाजी, कार्यकर्ता भी हिरासत में
उधर, रामदरबार के सामुदायिक केंद्र के बाहर सुबह 9:30 बजे पार्षद नेहा अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही सामुदायकि केंद्र में राजनीतिक कार्यक्रम कराने का विरोध किया। थोड़ी देर बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। नेहा ने कहा कि इस सामुदायिक केंद्र में अभी बुकिंग भी शुरू नहीं हुई है लेकिन यहां पर राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है, जो सही नहीं है। सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र में भी कार्यक्रम का विरोध हुआ। पार्षद योगेश ढींगरा ने सवाल उठाया कि सामुदायिक केंद्र की बुकिंग रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक के नाम पर की गई है लेकिन उसकी जगह राजनीतिक कार्यक्रम हुआ है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को सदन में उठाएंगी। पार्षद मुनव्वर ने भी सामुदायिक केंद्र को ताला लगाकर अपना विरोध जताया।
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कुछ बोलने से बचते नजर आए अधिकारी
इस मामले पर नगर निगम के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आए। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह शहर से बाहर हैं। बता दें कि शहर में सामुदायिक केंद्र की बुकिंग नीति के अनुसार किसी भी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम या सेमिनार केंद्र के अंदर नहीं किया जा सकता।
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नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने एक दिन पहले ही घोषणा की थी कि वह सेक्टर-22 के सामुदायिक केंद्र में मन की बात कार्यक्रम नहीं होने देंगे। पुलिस को अंदेशा था कि यहां पर आप और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ सकते हैं। सुबह से ही कई पुलिसकर्मी सामुदायिक केंद्र के गेट पर तैनात थे। जैसे ही पार्षद दमनप्रीत सिंह को कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी मिली, वह अपनी गाड़ी से सामुदायिक केंद्र पहुंचे। उनके पहुंचते ही पुलिसकर्मी उनकी गाड़ी की तरफ दौड़ पड़े और उनके गाड़ी से नीचे उतरने से पहले उन्हें दबोच लिया। पुलिसकर्मियों ने पार्षद दमनप्रीत सिंह की गर्दन पकड़ी और उनका हाथ मरोड़ते हुए धक्का देकर जबरन पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी ही दमनप्रीत सिंह की गाड़ी को सामुदायिक केंद्र की पार्किंग में लगाते हुए नजर आए। दमनप्रीत के समर्थन में कई पार्षद भी सेक्टर-17 पुलिस पुलिस स्टेशन पहुंचे। बाद में मन की बात कार्यक्रम के खत्म होने पर उन्हें छोड़ा गया।
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रामदरबार में भाजपा के खिलाफ नारेबाजी, कार्यकर्ता भी हिरासत में
उधर, रामदरबार के सामुदायिक केंद्र के बाहर सुबह 9:30 बजे पार्षद नेहा अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गईं और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही सामुदायकि केंद्र में राजनीतिक कार्यक्रम कराने का विरोध किया। थोड़ी देर बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। नेहा ने कहा कि इस सामुदायिक केंद्र में अभी बुकिंग भी शुरू नहीं हुई है लेकिन यहां पर राजनीतिक कार्यक्रम हो रहा है, जो सही नहीं है। सेक्टर-37 के सामुदायिक केंद्र में भी कार्यक्रम का विरोध हुआ। पार्षद योगेश ढींगरा ने सवाल उठाया कि सामुदायिक केंद्र की बुकिंग रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक के नाम पर की गई है लेकिन उसकी जगह राजनीतिक कार्यक्रम हुआ है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को सदन में उठाएंगी। पार्षद मुनव्वर ने भी सामुदायिक केंद्र को ताला लगाकर अपना विरोध जताया।
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कुछ बोलने से बचते नजर आए अधिकारी
इस मामले पर नगर निगम के अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आए। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह शहर से बाहर हैं। बता दें कि शहर में सामुदायिक केंद्र की बुकिंग नीति के अनुसार किसी भी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम या सेमिनार केंद्र के अंदर नहीं किया जा सकता।