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फतेहगढ़ साहिब में सियासी स्टेज पर पाबंदी, 'आप' के बाद शिअद-कांग्रेस भी पीछे हटी

Thu, 21 Dec 2017 09:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Thu, 21 Dec 2017 09:01 PM IST
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AAP, Cong, SAD not to hold political conferences on Jor Mela
Fatehgarh Sahib Jor Mela - फोटो : File Photo
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने फरमान जारी किया है कि फतेहगढ़ साहिब में 27 दिसंबर को होने वाले शहीदी समागम में सियासी दलों को स्टेज नहीं लगाने दी जाएगी। उन्होंने कहा है कि सिख धर्म व सिख इतिहास पर सियासत करने वालों को कहीं भी धार्मिक स्थल पर मंच नहीं दिया जाएगा।
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जत्थेदार ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह, साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह से जुड़ी फतेहगढ़ साहिब की धरती सिख कौम के लिए अहम स्थान रखती है। विंडबना यह है कि इस धरती पर होने वाले शहीदी समागम में सियासी दल हमेशा मंच लगाकर एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने से बाज नहीं आते। 
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गुरिंदर की भूख हड़ताल रंग लाई
शहीदी समागम में अलग-अलग सियासी दल स्टेज लगाकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं। इसके विरोध में जालंधर के गांव जमशेर निवासी गुरिंदर पाल सिंह पिछले कई दिन से भूख हड़ताल पर हैं। मामले ने तूल पकड़ा तो बात जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के पास पहुंची। उन्होंने तत्काल फरमान जारी करते हुए सियासी कांफ्रेंस पर रोक लगा दी। 
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आप के बाद शिअद और कांग्रेस भी पीछे हटी
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के फरमान के बाद शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने शहीदी जोड़ मेले में इस बार सियासी कांफ्रेंस न करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी पहले ही वहां कांफ्रेंस करने से इनकार कर चुकी है। 
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