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एक और बड़े विखंडन की ओर आम आदमी पार्टी, इस बार नींव हिलेगी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:49 PM IST
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केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
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आम आदमी पार्टी पंजाब में एक और विखंडन की ओर बढ़ रही है। इस बार पार्टी की नींव हिलेगी और बड़ा झटका लगेगा। इस बार नेता नहीं, बल्कि पार्टी की नींव माने जाने वाले वॉलंटियर ही आप को अलविदा कहेंगे।
तरनतारन निवासी आप के किसान सेल के जोनल इंचार्ज डॉ. हरिंदर सिंह जीरा की अगुवाई में वॉलंटियरों ने दो दिन पहले पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला था। बागी गुट ने राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
उनका कहना था कि पार्टी ने 59 दागी उम्मीदवारों को टिकट दी। टिकट वितरण में पार्टी के 3-सी करप्शन, क्राइम व कैरेक्टर को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। उनकी मांग थी कि इन दागी उम्मीदवारों को बदला जाए। संजय सिंह, दुर्गेश पाठक और उनकी दिल्ली की टीम को वापस बुलाया जाए।
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साथ ही पार्टी के पुराने नेताओं सांसद डॉ. धरमवीर गांधी व हरिंदर खालसा, डॉ. दलजीत सिंह, जस्सी जसराज को बिना शर्त वापस लिया जाए। सुच्चा सिंह छोटेपुर के स्टिंग की सीडी सार्वजनिक की जाए।
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तरनतारन निवासी आप के किसान सेल के जोनल इंचार्ज डॉ. हरिंदर सिंह जीरा की अगुवाई में वॉलंटियरों ने दो दिन पहले पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला था। बागी गुट ने राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
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उनका कहना था कि पार्टी ने 59 दागी उम्मीदवारों को टिकट दी। टिकट वितरण में पार्टी के 3-सी करप्शन, क्राइम व कैरेक्टर को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। उनकी मांग थी कि इन दागी उम्मीदवारों को बदला जाए। संजय सिंह, दुर्गेश पाठक और उनकी दिल्ली की टीम को वापस बुलाया जाए।
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साथ ही पार्टी के पुराने नेताओं सांसद डॉ. धरमवीर गांधी व हरिंदर खालसा, डॉ. दलजीत सिंह, जस्सी जसराज को बिना शर्त वापस लिया जाए। सुच्चा सिंह छोटेपुर के स्टिंग की सीडी सार्वजनिक की जाए।
अल्टीमेटम का समय निकला, पार्टी ने नहीं मनाया
अमृतसर पहुंचे अरविन्द केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार दोपहर दो बजे अल्टीमेटम का समय निकल गया, लेकिन पार्टी ने इन्हें मनाने की कोई कोशिश नहीं की। जिसके बाद अब इस गुट ने सारे पंजाब में टिकट वितरण से नाराज वॉलंटियर्स को एक प्लेटफार्म पर लाने की कवायद शुरू कर दी है।
जिसके लिए शनिवार को जालंधर के देश भगत यादगार हॉल में कन्वेंशन बुलाई गई है। जिसमें हर विधानसभा हलकेसे करीब दस लोगों को जुटाने की तैयारी की गई है। कन्वेंशन के दौरान दागी उम्मीदवारों के बारे में सबूत दिए जाएंगे। दिल्ली के नेताओं के बारे में खुलासे किए जाएंगे।
साथ ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। टिकट वितरण से पंजाब में काफी वॉलंटियर नाराज हैं, जिन्होंने केजरीवाल के दौरे के समय खुलेआम रोष जताया था। अगर वे सभी एक प्लेटफार्म पर आ जाते हैं तो आप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जिसके लिए शनिवार को जालंधर के देश भगत यादगार हॉल में कन्वेंशन बुलाई गई है। जिसमें हर विधानसभा हलकेसे करीब दस लोगों को जुटाने की तैयारी की गई है। कन्वेंशन के दौरान दागी उम्मीदवारों के बारे में सबूत दिए जाएंगे। दिल्ली के नेताओं के बारे में खुलासे किए जाएंगे।
साथ ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। टिकट वितरण से पंजाब में काफी वॉलंटियर नाराज हैं, जिन्होंने केजरीवाल के दौरे के समय खुलेआम रोष जताया था। अगर वे सभी एक प्लेटफार्म पर आ जाते हैं तो आप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
गांधी, छोटेपुर को साथ लाकर बन सकता है एक फ्रंट
जालंधर के शाहकोट विधानसभा हलके में रैली करते अरविंद केजरीवाल
बागी गुट की अगुवाई कर रहे डॉ. हरिंदर सिंह जीरा ने कहा कि शुक्रवार दोपहर से ही वह पूरे पंजाब के वॉलंटियरों के संपर्क में हैं। पार्टी के टिकट वितरण के चलते हर हलके में कई गुट बन गए हैं, जो नाराज हैं। सभी को एक प्लेटफार्म पर लाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, आगे की रणनीति शनिवार को जालंधर में होने वाली कन्वेंशन में तय होगी। सभी की राय है कि पार्टी से अलग हुए सीनियर नेताओं डॉ. धरमवीर गांधी, हरिंदर खालसा, सुच्चा सिंह छोटेपुर, डॉ. दलजीत सिंह, जस्सी जसराज से अपील की जाए कि वे सारे वॉलंटियरों की अगुवाई करें और एक मजबूत फ्रंट बनाएं।
डॉ. गांधी व छोटेपुर के करीबी लोगों से इस बारे में बात हो चुकी है, उनकी रजामंदी है। छोटेपुर अपनी पार्टी बना चुके हैं, पर फिर भी कोई समीकरण बन सकते हैं।
हालांकि, आगे की रणनीति शनिवार को जालंधर में होने वाली कन्वेंशन में तय होगी। सभी की राय है कि पार्टी से अलग हुए सीनियर नेताओं डॉ. धरमवीर गांधी, हरिंदर खालसा, सुच्चा सिंह छोटेपुर, डॉ. दलजीत सिंह, जस्सी जसराज से अपील की जाए कि वे सारे वॉलंटियरों की अगुवाई करें और एक मजबूत फ्रंट बनाएं।
डॉ. गांधी व छोटेपुर के करीबी लोगों से इस बारे में बात हो चुकी है, उनकी रजामंदी है। छोटेपुर अपनी पार्टी बना चुके हैं, पर फिर भी कोई समीकरण बन सकते हैं।