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पंचकूला: कोरोना को रोकने के लिए ग्रामीणों ने कसी कमर, टीमें बना बारी-बारी से दे रहें हैं पहरा

Mon, 30 Mar 2020 10:57 PM IST
ajay kumar अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला ( हरियाणा)
अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला ( हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Mon, 30 Mar 2020 10:57 PM IST
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A village lockdown by Villagers for rescue from coronavirus
ग्रामीण खुद दे रहे हैं पहरा। - फोटो : अमर उजाला

कोरोना वायरस के प्रकोप से अपनों को बचाने के लिए अपनों ने ही सुरक्षा का बीड़ा उठाया है। शहर में भले ही पुलिस प्रशासन मुस्तैद है लेकिन जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां लॉकडाउन के बाद भी पुलिस जवान एक्टिव नहीं हैं। ऐसा नहीं है कि प्रशासन द्वारा गांवों में पुलिस जवानों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है, लेकिन मैनपावर कम होने के कारण जितनी मूवमेंट होनी चाहिए उतनी नहीं हो पा रही है। ऐसे में बाहरी लोगों को गांव में प्रवेश करने से रोकने के लिए गांव के लोग ही आगे आना शुरू हो गए हैं। उन्होंने गांव की सुरक्षा के लिए ठीकरी पहरा देना शुरू कर दिया है। यह मामला है पंचकूला जिले के रायपुररानी के गांव जयंतीपुर का। 

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जयंतीपुर गांव के लोगों ने इस विपदा की घड़ी में पुलिस प्रशासन पर निर्भर न रहकर सुरक्षा की दृष्टि से सराहनीय कदम उठाया है। उन्होंने सबसे पहले पूरे गांव को सैनिटाइज करने के बाद पांच-पांच लोगों की दो टीमों का गठन किया। इसके बाद वे दोनों टीमें पिछले 24 घंटे से गांव को जाने वाले रास्ते पर रस्सी लाकर ड्यूटी दे रही हैं। 

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गांव के पंच अब्दुल सवार ने बताया कि इससे पहले गांव में बिना किसी रोक के कोई भी व्यक्ति आ जाता था। इससे यहां के लोगों को कोरोना वायरस के फैलने का भय था। उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों से भी बात की। पुलिस की गाड़ी दिन में दो से चार बार गश्त तो करती है लेकिन पक्का नाका लगाने में सफल नहीं हो पाई। इसके बाद गांव के लोगों ने ही यह जिम्मेदारी उठाने का फैसला लिया। 

गांव से नहीं निकलते दे रहे हैं पहरेदार
24 घंटे पहरा देने वाले शकील खान और इकबाल खान ने बताया कि वह प्रशासन द्वारा जारी आदेश का सख्ती से पालन कर रहे हैं। वह गांव के उन्हीं लोगों को बाहर जाने की इजाजत दे रहे हैं जिन्हें अति आवश्यक कार्य है। इसके अलावा नाके पर आने वाले हर व्यक्ति के सबसे पहले सैनिटाइज से हाथ साफ करवाए जाते हैं। इसके बाद ही उसे गांव में प्रवेश करने की इजाजत दी जा रही है। एक टीम के सदस्य गांव के लोगों को कोरोना वायरस से जागरूक करते हैं तो दूसरी टीम के सदस्य नाके पर ड्यूटी देते हैं। 

ठीकरी पहरे की टीम में यह लोग हैं शामिल
पंच अब्दुल सवार ने बताया कि गांव वासियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई टीम में उनके अलावा शकील खान, इकबाल खान, जुल्फकार अली, असलम खान शामिल हैं। जब तक लॉकडाउन समाप्त नहीं हो जाता तब तक उनका ठीकरी पहरा जारी रहेगा। उन्होंने जिले के अन्य गांवों वालों को भी इस तरह ठीकरी पहरा देने का आह्वान किया है।

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