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पीयू शिक्षक भर्ती को बनेगी नई कमेटी, सीनेट गठन के बाद 50 शिक्षकों की तैनाती की जा सकती
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय शिक्षक भर्ती को लेकर अब धीरे-धीरे गंभीर हो रहा है। इसके लिए अलग कमेटी बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि पीयू जुलाई 2022 से पहले 50 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती कर लेगी, ताकि नैक की टीम के समक्ष यह आंकड़े दिखाए जा सकें। इसके साथ ही शिक्षा गुणवत्ता भी इससे सुधरेगी।
पीयू में नैक का दौरा छह साल पहले हुआ था। उस दौरान विद्यार्थियों की कैंपस में 15 हजार से अधिक थी और शिक्षकों की संख्या लगभग 600 ही। इस पर नैक की टीम ने हैरत जताई थी कि इतने कम शिक्षकों में कैसे शिक्षा व्यवस्था चल रही है। कैसे शिक्षा गुणवत्ता बनाए रखी जा रही है। तमाम सवाल खड़े किए थे, जिससे पीयू कटघरे में आ गई थी। आश्वासन दिया था कि अगले दौरे से पहले शिक्षकों की भर्तियां होंगी। उस पर काम होगा। कोशिश होगी कि विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक ही शिक्षकों का अनुपात हो। इसके लिए प्रथम चरण में पहल नहीं की गई। ढाई साल पहले एक कमेटी इसके लिए बनाई गई जो विभागों से डाटा एकत्र कर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की। इस कमेटी ने 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की रिक्तियां निकालीं, लेकिन जैसे ही यह प्रस्ताव सिंडिकेट में गया तो वहां से अड़ंगा लग गया। सिंडिकेट ने रिक्तियां निकालने वालों को कटघरे में खड़ा कर दिया। पीयू ने रिक्तियां निकालीं तो इन पर एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे, जिनका निस्तारण आज तक नहीं हो पाया।
अब नैक का दौरा अगले साल जुलाई में है। शिक्षक भर्ती का मानक पीयू के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलग से अंक मिलेंगे। यदि भर्ती नहीं हो पाई तो फिर नैक की टीम अंक नहीं दे पाएगी। ऐसे में पीयू की रैंक गिर सकती है। सूत्रों का कहना है कि इसी को देखते हुए पीयू प्रशासन शिक्षक भर्ती में जुटा है। अगले सप्ताह इसके लिए नई कमेटी का गठन किया जाएगा, जो विभागवार डाटा एकत्रित करके रिक्तियां निकालेगी। पूर्व में मांगे गए आवेदनों पर भी विचार होगा। उन अभ्यर्थियों को नए सिरे से आवेदन करने होंगे या फिर पुराने आवेदन चलेंगे, यह तय होगा। माना जा रहा है कि अधिकांश विभागों को एक-एक शिक्षक मिल जाएगा। इससे कुछ विभागों को भी राहत मिलेगी। रिक्तियों का प्रस्ताव पीयू प्रशासन सिंडिकेट व सीनेट में ले जाएगा, वहां से मंजूरी के बाद धरातल पर उतरेगा।
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पीयू में नैक का दौरा छह साल पहले हुआ था। उस दौरान विद्यार्थियों की कैंपस में 15 हजार से अधिक थी और शिक्षकों की संख्या लगभग 600 ही। इस पर नैक की टीम ने हैरत जताई थी कि इतने कम शिक्षकों में कैसे शिक्षा व्यवस्था चल रही है। कैसे शिक्षा गुणवत्ता बनाए रखी जा रही है। तमाम सवाल खड़े किए थे, जिससे पीयू कटघरे में आ गई थी। आश्वासन दिया था कि अगले दौरे से पहले शिक्षकों की भर्तियां होंगी। उस पर काम होगा। कोशिश होगी कि विद्यार्थियों की संख्या के मुताबिक ही शिक्षकों का अनुपात हो। इसके लिए प्रथम चरण में पहल नहीं की गई। ढाई साल पहले एक कमेटी इसके लिए बनाई गई जो विभागों से डाटा एकत्र कर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की। इस कमेटी ने 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की रिक्तियां निकालीं, लेकिन जैसे ही यह प्रस्ताव सिंडिकेट में गया तो वहां से अड़ंगा लग गया। सिंडिकेट ने रिक्तियां निकालने वालों को कटघरे में खड़ा कर दिया। पीयू ने रिक्तियां निकालीं तो इन पर एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे, जिनका निस्तारण आज तक नहीं हो पाया।
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अब नैक का दौरा अगले साल जुलाई में है। शिक्षक भर्ती का मानक पीयू के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलग से अंक मिलेंगे। यदि भर्ती नहीं हो पाई तो फिर नैक की टीम अंक नहीं दे पाएगी। ऐसे में पीयू की रैंक गिर सकती है। सूत्रों का कहना है कि इसी को देखते हुए पीयू प्रशासन शिक्षक भर्ती में जुटा है। अगले सप्ताह इसके लिए नई कमेटी का गठन किया जाएगा, जो विभागवार डाटा एकत्रित करके रिक्तियां निकालेगी। पूर्व में मांगे गए आवेदनों पर भी विचार होगा। उन अभ्यर्थियों को नए सिरे से आवेदन करने होंगे या फिर पुराने आवेदन चलेंगे, यह तय होगा। माना जा रहा है कि अधिकांश विभागों को एक-एक शिक्षक मिल जाएगा। इससे कुछ विभागों को भी राहत मिलेगी। रिक्तियों का प्रस्ताव पीयू प्रशासन सिंडिकेट व सीनेट में ले जाएगा, वहां से मंजूरी के बाद धरातल पर उतरेगा।
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