{"_id":"5e9ded298ebc3ed5492f9943","slug":"9th-and-11th-class-results-declared-in-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़: 9वीं और 11वीं के नतीजे घोषित, कोरोना के चलते किसी विद्यार्थी को नहीं किया फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़: 9वीं और 11वीं के नतीजे घोषित, कोरोना के चलते किसी विद्यार्थी को नहीं किया फेल
Tue, 21 Apr 2020 12:14 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 21 Apr 2020 12:14 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा विभाग ने सोमवार को 9वीं और 11वीं क्लास का रिजल्ट घोषित किया। इस बार कोरोना वायरस के चलते किसी भी स्टूडेंट्स को फेल नहीं किया गया और सभी को 30-30 नंबर ग्रेस मार्क्स के रूप में दिए गए। दोनों क्लास के नतीजों को घोषित करने के साथ ही शिक्षा विभाग ने रि-अपीयर एग्जाम की तारीख की भी घोषणा कर दी है।
विज्ञापन
15 मई को परीक्षा का आयोजन होगा। साथ ही सभी स्कूल प्रशासन ने स्टूडेंट्स को रिजल्ट भेजने के साथ ही एग्जाम की डेटशीट भी भेज दी है। जिला शिक्षा अधिकारी अल्का मेहता ने बताया कि इस बार किसी भी स्टूडेंट्स को फेल नहीं किया है। सभी स्टूडेंट्स को 30 ग्रेस मार्क्स दिए है, जिससे उन्हें पास होने में मदद मिली है।
विज्ञापन
9वीं में 4000 व 11वीं में 550 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट
घोषित नतीजों में उन स्टूडेंट्स को भी कंपार्टमेंट दी है, जिन्होंने एग्जाम में कुछ भी नहीं किया। अल्का मेहता ने कहा कि इस बार नौवीं क्लास में 4000 के करीब स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट दी गई है। इसके अलावा 11वीं क्लास में भी 550 स्टूडेंट्स की कंपार्टमेंट आई है। उन्होंने कहा कि ग्रेस मार्क्स देने के बाद भी इन स्टूडेंट्स के पास होने के लायक नंबर नहीं आए।
विज्ञापन
पिछले वर्ष के मुकाबले बेहतर रहा रिजल्ट
पिछले वर्ष नौवी क्लास का रिजल्ट 55 प्रतिशत रहा था और 11वीं का 70.56 प्रतिशत रहा था। इस वर्ष दोनों क्लास के रिजल्ट में अच्छा प्रदर्शन हुआ है। नौवीं क्लास का रिजल्ट इस वर्ष 72.2 प्रतिशत और 11वीं क्लास का 95.5 प्रतिशत रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी शिक्षा विभाग ने पहली से आठवीं क्लास के स्टूडेंट्स को पास कर दिया गया था।