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छह साल में 8432 नाबालिग लापता, 1491 का सुराग नहीं, सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियां बनी शिकार

Sat, 08 Feb 2020 07:33 PM IST
ajay kumar वरिन्दर राणा, अमर उजाला, लुधियाना ( पंजाब)
वरिन्दर राणा, अमर उजाला, लुधियाना ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sat, 08 Feb 2020 07:33 PM IST
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8432 minors missing in six years in Punjab
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

पंजाब में नाबालिग लड़के और लड़कियों के गायब होने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते छह साल के आंकड़ों पर गौर करे तो 8432 नाबालिग पूरे सूबे से लापता हुए। पुलिस इसमें 6941 को ढूंढने में सफल हो सकी है, यानी अभी तक 1491 नाबालिगों का सुराग पुलिस ढूंढने में नाकामयाब रही है। 

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इन आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाले तथ्य हैं कि अनट्रेस केस में सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियां हैं। जिनकी संख्या 1012 है, जबकि नाबालिग लड़कों की संख्या 479 है। नाबालिग लड़कियों के अनट्रेस केस की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। इसमें लुधियाना सबसे पहले, श्री मुक्तसर साहिब दूसरे और जालंधर तीसरे नंबर पर है। रोचक बात है कि गुरदासपुर में अनट्रेस केस की संख्या जीरो है। 
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आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल बताते हैं कि उन्होंने आरटीआई एक्ट के तहत पंजाब पुलिस से एक जनवरी 2013 से लेकर 31 अक्तूबर 2019 तक नाबालिग लापता बच्चों का डाटा मांगा था। आरटीआई के तहत मिले रिकॉर्ड पर गौर करे तो तथ्य सामने आया कि नाबालिग लड़कियों के गायब होने का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है।
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अनट्रेस केस मामले भी नाबालिग लड़कियों का ग्राफ ऊपर है। यह सारा रिकॉर्ड जुटाने के बाद उन्होंने नेशनल कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट को शिकायत भेजी है ताकि लापता नाबालिग बच्चों को ढूंढने में तेजी लाई जा सके। 

छह साल में गायब बच्चों का ब्योरा

  • 2013 में पूरे प्रदेश से 1218 नाबालिग बच्चे गायब हुए। इसमें 1152 नाबालिगों को ढूंढने में पुलिस सफल रही, जबकि 66 मामले अभी तक अनट्रेस हैं। 
  • 2014 में 1409 नाबालिग लापता हो गए, इसमें पुलिस 1282 को ढूंढने में सफल रही, जबकि 127 का कुछ पता नहीं चल सका। 
  • 2015 में 1172 नाबालिग लापता हुए, इसमें 1052 पुलिस को मिल गए जबकि 120 का कुछ पता नहीं चला। 
  • 2016 में 1053 नाबालिग लापता हुए, इसमें 893 मिले, जबकि 160 का कुछ पता पता नहीं लगा। 
  • 2017 में 1006 नालाबिग लापता हो गए, इसमें 826 मिल गए 180 नहीं मिल सके। 
  • 2018 में 1231 नाबालिग लापता हुए इसमें 897 को पुलिस ढूंढ सकी, जबकि 334 का कुछ पता नहीं चला। 
  • 31 अक्तूबर 2019 तक 1343 नाबालिग लापता हुए इसमें 839 मिले जबकि 504 का कुछ पता नहीं चल सका है।

नाबालिग लड़कियों के अनट्रेस केस ज्यादा
अनट्रेस केस पर गौर करें तो सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियां अभी तक नहीं मिल सकी हैं। छह साल के दौरान 1012 लापता नाबालिग लड़कियों का कुछ पता नहीं चल सका है। 2013 में 28, 2014 में 54, 2015 में 73, 2016 में 106, 2017 में 114, 2018 में 241 और 31 अक्तूबर 2019 तक 396 नाबालिग लड़कियों का कुछ पता नहीं चल पाया।

जिला वार अनट्रेस केस 
लुधियाना 319
श्री मुक्तसर साहिब 128
जालंधर 107
एसएएस नगर 99
तरनतारन 81
अमृतसर 81
फिरोजुपर 71
संगरूर 65
पटियाला 64
जालंधर देहात 49
फाजिल्का 46
कपूरथला 46
होशियारपुर 36
एसबीएस नगर 34
फरीदकोट 33, 
खन्ना 32, 
रूपनगर 30, 
बरनाला 27, 
लुधियाना देहात 26, 
अमृतसर देहात 24, 
बठिंडा 24, 
बटाला 20, 
फतेहगढ़ साहिब 16, 
मोगा 13, 
जीआरपी पटियाला 7, 
मानसा 5 और 
गुरदासपुर शून्य।

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