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पीयू के 80 फीसदी छात्रों ने लगवाया कोरोना टीका
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के 80 फीसदी छात्रों ने कोरोना टीका लगवा लिया है। एनएसयूआई ने सर्वे करके यह पता लगाया है। पूरी सर्वे रिपोर्ट पीयू के अधिकारियों के सामने रखकर कहा है कि अब कैंपस खोले जाएं। पदाधिकारियों ने कैंपस खोलने का रास्ता भी पीयू को दिखाया है।
ऑनलाइन किए गए सर्वे में एनएसयूआई ने काफी मेहनत की। इस सर्वे के पीछे उनका मकसद है कि पीयू कैंपस खोला जाए, क्योंकि इससे छात्रों को ही नहीं, पीयू को भी नुकसान हो रहा है। छात्र दो साल से बिना किसी प्रयोग के ऑनलाइन पढ़ रहे हैं। यदि एक या दो सेमेस्टर और ऑनलाइन पढ़ेंगे तो वे पासआउट हो जाएंगे। इसके बाद जैसे ही वे बाजार में जाएंगे तो बिना प्रयोग के उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। छात्रों की डिग्रियों पर पीयू का नाम लिखा होगा। ऐसे में पीयू की साख भी खराब होगी। साथ ही पीयू को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है, जो कैंपस खोलने से पूरा होगा।
यह दिखाया रास्ता
एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा के नेतृत्व में पदाधिकारी पीयू प्रशासन के अधिकारियों से मिले और सर्वे रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने पीयू खोलने के लिए रास्ता बताया कि पहले ऑनलाइन छात्रावास बुकिंग का कार्य शुरू करें। जैसे ही परीक्षाएं खत्म हो जाएं तो स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया जाए। यह वे छात्र होंगे, जिन्होंने एक डोज कोरोना वैक्सीन की ली होगी। उसके बाद तकनीकी कोर्स से जुड़े छात्रों, विज्ञान संकाय व बीडीएस के छात्रों को बुलाया जाए। इन सबके आने के 15 दिन बाद बाकी छात्रों को भी कैंपस में आने की अनुमति दें।
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ऑनलाइन किए गए सर्वे में एनएसयूआई ने काफी मेहनत की। इस सर्वे के पीछे उनका मकसद है कि पीयू कैंपस खोला जाए, क्योंकि इससे छात्रों को ही नहीं, पीयू को भी नुकसान हो रहा है। छात्र दो साल से बिना किसी प्रयोग के ऑनलाइन पढ़ रहे हैं। यदि एक या दो सेमेस्टर और ऑनलाइन पढ़ेंगे तो वे पासआउट हो जाएंगे। इसके बाद जैसे ही वे बाजार में जाएंगे तो बिना प्रयोग के उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी। छात्रों की डिग्रियों पर पीयू का नाम लिखा होगा। ऐसे में पीयू की साख भी खराब होगी। साथ ही पीयू को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है, जो कैंपस खोलने से पूरा होगा।
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यह दिखाया रास्ता
एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा के नेतृत्व में पदाधिकारी पीयू प्रशासन के अधिकारियों से मिले और सर्वे रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने पीयू खोलने के लिए रास्ता बताया कि पहले ऑनलाइन छात्रावास बुकिंग का कार्य शुरू करें। जैसे ही परीक्षाएं खत्म हो जाएं तो स्नातक व परास्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों को बुलाया जाए। यह वे छात्र होंगे, जिन्होंने एक डोज कोरोना वैक्सीन की ली होगी। उसके बाद तकनीकी कोर्स से जुड़े छात्रों, विज्ञान संकाय व बीडीएस के छात्रों को बुलाया जाए। इन सबके आने के 15 दिन बाद बाकी छात्रों को भी कैंपस में आने की अनुमति दें।
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