फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   80 crores will be saved in 5 years due to the decision of getting pension of only one term for former MLAs in Punjab

पंजाब: पूर्व विधायकों को एक ही कार्यकाल की पेंशन मिलने से 5 साल में बचेंगे 80 करोड़, ऐसे हो जाती थी लाखों की पेंशन

Fri, 25 Mar 2022 11:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 25 Mar 2022 11:36 PM IST
सार

फिजूलखर्ची को लेकर मान सख्त हो नजर आ रहे हैं। फैसले से बचत छोटी पर संदेश बड़ा दिया है। कई और विभागों के खर्च में कटौती होगी। राज्य में होने वाले जनहित के कार्यों पर ही सरकार का फोकस रहेगा।

विज्ञापन
80 crores will be saved in 5 years due to the decision of getting pension of only one term for former MLAs in Punjab
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पंजाब में विधायकों की पेंशन को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के फैसले से बचत भले ही छोटी हुई हो, लेकिन संदेश बड़ा गया है। राज्य में होने वाली फिजूलखर्ची को लेकर मान के इस सख्त फैसले के बाद कई और विभागों में होने वाले फिजूल के खर्चों में भी कटौती की जाएगी। राज्य के खजाने के मुख्यमंत्री के फैसले से पांच साल के कार्यकाल में 80 करोड़ रुपये की बचत होगी।

विज्ञापन


2017 में विपक्ष में रहते हुए आम आदमी पार्टी ने विधायकों को एक से अधिक टर्म पेंशन को नैतिक और सैद्धांतिक रूप से गलत बताया था। मुख्यमंत्री के फैसले से कई पूर्व विधायकों को लाखों रुपये की मिलने वाली पेंशन पर कैंची चल गई है। इनमें राज्य के पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल के अलावा, कई पूर्व विधायक हैं जो छह बार विधायक बनने पर 3,25,650 रुपये के लिए पेंशन के पात्र हो गए थे। इनमें पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, पूर्व वित्त मंत्री लाल सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल शामिल हैं। 
विज्ञापन


जिनको पांच बार विधायक बनने पर 2,75,550 रुपये पेंशन मिलनी थी उनमें पूर्व जेल मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर, पूर्व मंत्री बलविंदर सिंह भुंदड़, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा और मनप्रीत बादल शामिल हैं। इनमें दिलचस्प बात यह है कि लगभग 225 पूर्व विधायक एक से अधिक पेंशन के पात्र हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब विधानसभा के अभिलेखों के अनुसार लगभग 325 पूर्व विधायक इस बार पेंशन के लिए पात्र होंगे, जो सबसे अधिक संख्या है, क्योंकि 15वीं विधानसभा के करीब 80 सेवारत सदस्य हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव हार गए थे। अब इन 325 विधायकों को वन टर्म के रूप में सभी भत्तों को मिलाकर सिर्फ 75 हजार रुपये ही पेंशन के रूप में प्राप्त हो सकेंगे।

ऐसे हो जाती थी लाखों की पेंशन
पंजाब विधानमंडल सदस्य (पेंशन एवं चिकित्सा सुविधा नियमन) नियम-1977 की धारा 3 (1) एवं पंजाब विधानमंडल सदस्य (पेंशन एवं चिकित्सा सुविधा नियमन) नियम-1984 के अनुसार मूल मासिक पेंशन की राशि की अधिसूचना के अनुसार 26 अक्तूबर, 2016 पहले कार्यकाल के लिए 15,000 रुपये और बाद के प्रत्येक कार्यकाल के लिए 10,000 रुपये है।

लाभार्थियों को मासिक पेंशन के अलावा 50 प्रतिशत विलय महंगाई भत्ता (डीए) और वर्तमान में लागू डीए भी मिलता है। इस प्रकार, पहली टर्म पेंशन का कुल योग 75,150 रुपये आता है। यह हर टर्म के साथ 50,100 रुपये बढ़ता रहता है। एक पूर्व विधायक पेंशन के लिए तभी पात्र होता है जब वह विधानसभा का सदस्य नहीं रहता है। एक बार जब वह फिर से निर्वाचित हो जाता है, तो उसे केवल वेतन दिया जाता है और पेंशन रोक दी जाती है।

घोषणा से पहले बादल ने खेला था बड़ा दांव
मुख्यमंत्री भगवंत मान की पेंशन को लेकर लिए जाने वाले फैसले से पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बड़ा दांव खेल दिया था। उन्होंने घोषणा की थी कि वह पूर्व विधायक के रूप में पेंशन स्वीकार नहीं करेंगे। यदि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब विधानसभा पेंशन से इनकार नहीं किया होता तो वे 5,76,150 रुपये प्राप्त कर राज्य में सबसे अधिक पाने वाले पेंशनभोगी होते। बादल ने पंजाब विधानसभा में 11 बार विधायक के रूप में कार्य किया है।


पंचायती फंड पर लग चुकी है रोक
आप सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा मंजूर पंचायती फंड के खर्च पर रोक लगा चुकी है। इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से पंजाब के सभी एडिशनल डिप्टी कमिश्नरों (विकास), उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि वर्ष 2021-22 के दौरान जो 11 ग्रांट जारी की गई थीं (जिन्हें सरकारी खजाने से ड्रॉ तो करा लिया गया है, लेकिन एजेंसियों को अब तक जारी नहीं किया गया है) को खर्च करने पर रोक लगाई जाती है। आदेश में यह भी साफ कर दिया गया है कि उक्त 11 ग्रांटों के अलावा अगर कोई ग्रांट भी जारी की गई है तो उसे खर्च करने पर भी फिलहाल रोक लगाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed