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संपत्ति कर न भरने वाले 700 लोगों को भेजे जाएंगे पानी कनेक्शन काटने के नोटिस
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चंडीगढ़। संपत्ति कर नहीं भरने वाले 700 लोगों को नगर निगम सोमवार से नोटिस भेजेगा। नोटिस के दो सप्ताह के भीतर संपत्ति कर नहीं जमा कराने वालों के पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इसके लिए निगम के संपत्ति कर विभाग के छह कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के नोटिस तैयार कर लिए हैं। प्रतिदिन 55 से 60 लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
55 गज से ऊपर के मकानों के मालिकों को संपत्ति कर देना होता है। शहर में 26 हजार व्यावसायिक और 70 हजार रिहायशी इमारतें हैं। एक अप्रैल से 31 मई तक सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत व्यावसायिक और रिहायशी संपत्तियों के मालिकों को कर जमा करने के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। समय सीमा समाप्त होने के बाद 12 प्रतिशत ब्याज के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त कर देना होता है। अब 31 जुलाई तक संपत्ति कर न जमा करने वालों को निगम नोटिस भेजेगा।
नए सत्र में 55 करोड़ की वसूली का लक्ष्य
नए वित्तीय सत्र में नगर निगम ने 55 करोड़ रुपये के संपत्ति कर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल निगम ने संपत्ति कर से 53 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हालांकि निगम को उम्मीद है कि वह लक्ष्य से ज्यादा संपत्ति कर प्राप्त करेगा।
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लापरवाही के चलते पिछले साल कुछ ही लोगों के ही कटे थे कनेक्शन
पिछली बार भी संपत्ति कर न जमा करने वाले 300 लोगों को निगम ने नोटिस जारी किया था। एक्सईएन की लापरवाही के कारण मात्र कुछ ही लोगों के पानी के कनेक्शन काटे गए। इस कारण मात्र 10 प्रतिशत लोगों ने ही संपत्ति कर भरा। इस बार संपत्ति कर विभाग नोटिस भेजने के बाद एसई पब्लिक हेल्थ के साथ बैठक भी करेगा ताकि कनेक्शन काटने की कार्रवाई पूरी तरह से हो सके।
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55 गज से ऊपर के मकानों के मालिकों को संपत्ति कर देना होता है। शहर में 26 हजार व्यावसायिक और 70 हजार रिहायशी इमारतें हैं। एक अप्रैल से 31 मई तक सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत व्यावसायिक और रिहायशी संपत्तियों के मालिकों को कर जमा करने के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। समय सीमा समाप्त होने के बाद 12 प्रतिशत ब्याज के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त कर देना होता है। अब 31 जुलाई तक संपत्ति कर न जमा करने वालों को निगम नोटिस भेजेगा।
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नए सत्र में 55 करोड़ की वसूली का लक्ष्य
नए वित्तीय सत्र में नगर निगम ने 55 करोड़ रुपये के संपत्ति कर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल निगम ने संपत्ति कर से 53 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हालांकि निगम को उम्मीद है कि वह लक्ष्य से ज्यादा संपत्ति कर प्राप्त करेगा।
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लापरवाही के चलते पिछले साल कुछ ही लोगों के ही कटे थे कनेक्शन
पिछली बार भी संपत्ति कर न जमा करने वाले 300 लोगों को निगम ने नोटिस जारी किया था। एक्सईएन की लापरवाही के कारण मात्र कुछ ही लोगों के पानी के कनेक्शन काटे गए। इस कारण मात्र 10 प्रतिशत लोगों ने ही संपत्ति कर भरा। इस बार संपत्ति कर विभाग नोटिस भेजने के बाद एसई पब्लिक हेल्थ के साथ बैठक भी करेगा ताकि कनेक्शन काटने की कार्रवाई पूरी तरह से हो सके।