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पंजाब: ट्रेन में यात्रियों के बीच छह घंटे तक सफर करती रही लाश, पांच बड़े स्टेशन और दो राज्य की सीमा पार कर लुधियाना पहुंची

Fri, 04 Mar 2022 01:37 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 04 Mar 2022 01:37 AM IST
सार

लुधियाना स्टेशन पर ट्रेन से शव उतरते देखकर डिप्टी एसएस अजय साहनी ने जीआरपी को सूचित किया। सूचना पाकर जीआरपी के डीएसपी बलराम राणा और एसएचओ जसकरण सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। 

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40 year old man died in Golden Temple Express
शव को कब्जे में लेने की कार्रवाई करते जीआरपी कर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

ट्रेन में सवार एक यात्री की मौत के बाद उसकी लाश पांच बड़े स्टेशन और दो राज्यों की सीमा पार कर पंजाब के लुधियाना पहुंच गई। यह लाश छह घंटे तक यात्रियों के बीच सफर करती रही और ट्रेन में बैठे किसी यात्री को इसकी भनक तक नहीं लगी। लुधियाना स्टेशन पर ट्रेन से लाश को उतारते देख ड्यूटी पर तैनात रेलवेकर्मियों ने जीआरपी को सूचित किया। 

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सूचना पाकर थाना जीआरपी की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की पहचान रणधीर सिंह (40) निवासी धूड़कोट मोगा के रूप में हुई। शव लेकर लुधियाना पहुंचे मृतक के साथी हरजिंदर सिंह और सुखशेर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह तीनों मुंबई से लुधियाना आ रहे थे। 
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वह बोरीवली स्टेशन से गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस के डिब्बा नंबर बी 5 में बैठे थे। रास्ते में रणधीर सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसकी हालत बिगड़ते देख उन्होंने पहले ट्रेन के टीटी को ढूंढने की कोशिश की और फिर रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचित किया। मेरठ स्टेशन आते ही रेलवे की मेडिकल टीम ट्रेन में पहुंच गई। रेलवे डॉक्टर ने उनके साथी का चेकअप कर उसे मृत करार दिया। इसके बाद वह लाश को ट्रेन में ही लुधियाना ले आए।

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उन्होंने मेरठ स्टेशन पर अनुरोध किया कि इसी तरह से शव को लुधियाना तक ले जाने की अनुमति दी जाए, जहां से वह शव को मोगा ले जाएंगे। इसके बाद उन्हें यात्री डिब्बे में ही शव ले जाने की अनुमति दे दी गई। लुधियाना स्टेशन पर ट्रेन से शव उतरते देखकर डिप्टी एसएस अजय साहनी ने जीआरपी को सूचित किया। सूचना पाकर जीआरपी के डीएसपी बलराम राणा और एसएचओ जसकरण सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। 

क्या कहते हैं रेलवे विभाग के नियम
रेलवे नियमों के मुताबिक, ट्रेन में किसी यात्री की मौत होने पर शव को नजदीकी स्टेशन पर उतारना होता है। शव को कब्जे में लेने की जिम्मेदारी नजदीकी जीआरपी थाने की है। पहले शव का पोस्टमार्टम करवाया जाता है फिर उसे परिजनों के हवाले किया जाता है। इसके बाद शव को एंबुलेंस की मदद से गंतव्य तक पहुंचाया जाता है। इस मामले में मेरठ स्टेशन पर न तो किसी ने शव को कब्जे में लिया और न ही उसका पोस्टमार्टम करवाया। कानूनी कार्रवाई के झंझट से बचने के लिए शव को ट्रेन में ही छोड़ दिया गया। यह शव बिना ताबूत और बिना किसी कोविड प्रोटोकॉल के ट्रेन की सीट पर ही लुधियाना पहुंच गया। यह गंभीर लापरवाही है।

इस तरह से शव को ट्रेन में रखकर ले जाने की अनुमति किसने दी, इसकी जांच की जाएगी। जीआरपी मेरठ से भी जवाब मांगा जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के बाद ही वारिसों के हवाले किया जाएगा। जसकरन सिंह, एसएचओ, जीआरपी, लुधियाना।

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