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हरियाणा रोडवेज के 365 चालक-परिचालक बर्खास्त, कर्मचारियों और सरकार में बढ़ सकता टकराव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
Updated Tue, 04 Dec 2018 09:16 AM IST
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Haryana Roadways
- फोटो : File Photo
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी व सरकार फिर आमने-सामने आ सकते हैं। सरकार ने रोडवेज के 365 चालक-परिचालकों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। जिस कारण पहले से अव्यवस्थित हो रही परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे प्रदेश की जनता को एक बार फिर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार के निर्देश पर रोडवेज से 365 चालक-परिचालकों को नौकरी से हटाने की निंदा की है।
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सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने आरोप लगाया कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है और जनता से सौतेला व्यवहार कर रही है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने 9 दिसंबर को रोहतक में राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें सरकार की वादाखिलाफी और जनता एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन का एलान किया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की निजीकरण के खिलाफ 18 दिन चली हड़ताल को तोड़ने में विफल रही थी।
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इस हड़ताल को प्रदेश की जनता व अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों ने खुलकर समर्थन किया था, जिससे बौखलाकर सरकार अब जनता और कर्मचारियों के साथ बदले की भावना से व्यवहार कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले तो बिना स्टाफ की भर्ती किए ओवरटाइम बंद करने के आदेश जारी किए, जिसके कारण लंबे रूटों पर चलने वाली बसें 500-600 किलोमीटर की बजाय 200-250 किलोमीटर ही चल रही है और घंटे भी कम हो गए हैं।
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रोडवेज विभाग ने गांवों में बसों के रात्रि ठहराव बंद कर दिए, जिसके कारण विभाग को दोहरा नुकसान हो रहा है। क्योंकि रात को खाली बस वापस डिपो में आती है और सुबह खाली बस गांवों में जाती है। महासचिव सुभाष लांबा ने बताया कि सरकार के ताजा फरमानों से हजारों बसें डिपो में खड़ी हो गई है, इसलिए अब 700 प्राइवेट बसों को किराए पर लेने की आवश्यकता नहीं है और न ही स्टाफ की भर्ती करने की जरूरत है।