जींद: दुर्जनपुर में 3500 एकड़ कपास की फसल तबाह, किसानों की सीएम से मांग-50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दो
किसानों ने गुहार लगाई कि ज्यादा बरसात व गुलाबी सुंडी के प्रकोप से इस बार उनकी कमाई नहीं हो पाई। अब उनके पास आजीविका चलाने के लिए कोई साधन नहीं बचा है। जिसके चलते गांव में कोई भी घर ऐसा नहीं बचा, जिसके पास भविष्य में परिवार का खर्च चलाने के लिए कोई दूसरी फसल हो।
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जिले के गांव दुर्जनपुर के सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को डीसी कार्यालय में आकर एसडीएम राजेश डॉ. राजेश खोथ के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि बारिश और गुलाबी सुंडी के कारण उनकी लगभग 3500 एकड़ कपास की फसल तबाह हो गई है। उन्हें 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। खराब हुई फसल की गिरदावरी की जाए।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि उनके गांव में लगभग पूरी कपास की फसल तबाह हो गई है।
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अब भविष्य का क्या होगा, परिवार चलाने को नहीं पैसे
किसानों ने गुहार लगाई कि ज्यादा बरसात व गुलाबी सुंडी के प्रकोप से इस बार उनकी कमाई नहीं हो पाई। अब उनके पास आजीविका चलाने के लिए कोई साधन नहीं बचा है। जिसके चलते गांव में कोई भी घर ऐसा नहीं बचा, जिसके पास भविष्य में परिवार का खर्च चलाने के लिए कोई दूसरी फसल हो। उन्होंने कहा कि खराब हुई कपास की फसल की गिरदावरी करवाकर उनको 50,000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।