लॉकडाउन: 85 बसों में 2666 लोग उत्तराखंड रवाना, दूसरे दिन 49 बसों में 1239 लोग हिमाचल पहुंचे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड सरकार ने चंडीगढ़ में रह रहे प्रदेश के लोगों की वापसी के लिए सोमवार को 85 बसें भेजीं। शहर में 9 स्थानों से लोगों को भेजने की व्यवस्था की गई। इन 85 बसों में 2666 लोगों को देहरादून भेजा गया। रुड़की और ऋषिकेश डिपो की 40 सीटर बस में 25 से 30 लोगों को बैठाया गया। हालांकि, इस दौरान कुछ अव्यवस्थाएं भी दिखीं।
बसों के देहरादून पहुंचने पर यात्रियों को अलग बसें उनके गृह जिले लेकर जाएंगी। उत्तराखंड से 90 बसें भेजी गई थीं, जिसमें से 5 बसें खराब हो जाने के चलते सवारियां लेकर नहीं जा सकीं। बड़ी बात यह है कि उत्तराखंड जाने वाले लोगों को रजिस्ट्रेशन के बाद कहां जाना है, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
लोग इधर-उधर घूमते रहे। सुबह 10 बजे का समय दिया गया था लेकिन बसें दोपहर बाद पहुंचीं। धूप में लोग परेशान रहे। इन बसों को सुबह 10 बजे तक शहर के 9 स्थानों से लोगों को लेकर जाना था। चंडीगढ़ पुलिस भी सुबह 6 बजे तक तैनात हो गई। लोग भी जल्दी जाने के चक्कर मे सुबह 5 बजे से आना शुरू हो गए।
सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए लोग भी कतार में बैठ गए। लोगों की स्क्रीनिंग भी करा दी गई। जब दोपहर 12 बज गए तो पुलिस ने फोन कर उत्तराखंड के प्रबंधन से पूछा तो कहा कि थोड़ी देर में बस आ जाएगी लेकिन बसें दोपहर 2 बजे के बाद पहुंचीं। बस में कंडक्टर व चालक थे। उनके पास जाने वाले लोगों की लिस्ट नहीं थी। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ देर शाम तक बसों को रवाना किया गया।
इन सेक्टरों से रवाना हुईं बसें
उत्तराखंड की बसों के लिए यूटी प्रशासन की ओर से 9 सेक्टरों में व्यवस्था की गई थी। सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में 8, सेक्टर-17 में 4, सेक्टर-8 गुरुद्वारा के पीछे ग्राउंड में 8, कम्युनिटी सेंटर में 6, शिवालिक गार्डन मनीमाजरा में 12, इंफोसिस बिल्डिंग के पास मैदान में 10, सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में 20, सेक्टर-43 बस अड्डा में 8 और सेक्टर-40 मनी मैदान में 12 बसें पहुंचीं।
नहीं मिल पाया सही पता
उत्तराखंड से पहुंचने वाली बसों के लिए सुबह 10 बजे का समय निर्धारित किया गया था लेकिन चंडीगढ़ पहली बार पहुंचने के कारण बसों के चालकों को पता ढूंढने में काफी परेशानी हुई। इस वजह से बसें अपनी निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाईं।
कुछ बसों में आई खराबी
चंडीगढ़ आ रही कुछ बसों में रास्ते में तकनीकी दिक्कतें आईं। जिसके कारण बसें चंडीगढ़ नहीं पहुंच पाईं। बसों में 21 से 25 लोगों को बैठने के निर्देश थे लेकिन 25 से 30 लोगों को बैठाना पड़ा।
मदद के लिए आगे आईं उत्तराखंड की संस्थाएं
बसों के इंतजार में घर जाने के लिए परेशान लोगों की मदद के लिए उत्तराखंड की संस्थाएं आगे आईं। उत्तराखंड युवा मंच, गढ़वाल सभा और कुमाऊं सभा के पदाधिकारियों ने सभी 9 स्थानों पर पहुंच कर लोगों की मदद की। पानी पिलाया और खाना खिलाया। सेक्टर-40 में सबसे अधिक बसों की संख्या होने के कारण उत्तराखंड मूल की पार्षद गुरबख्श रावत अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहीं।
चंडीगढ़ से दूसरे दिन 49 बसों में 1239 लोग हिमाचल रवाना
कोरोना के चलते लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच दूसरे दिन भी एचआरटीसी बसों में चंडीगढ़ से 1239 लोग हिमाचल रवाना हुए। दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों को वापस लाने के लिए परिवहन निगम की 49 बसें चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन पहुंचीं। लोग भी सुबह 6 बजे हिमाचल भवन पहुंच गए थे।
लॉकडाउन के चलते ये लोग चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में फंसे थे। इन्होंने सरकार से वापस घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। सोमवार को वापस लाए गए लोगों में 622 मंडी, 365 बिलासपुर, 191 कुल्लू और 61 लाहौल-स्पीति जिले से संबंधित हैं। उधर, हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ से लाए गए सभी लोगों को स्वास्थ्य जांच के बाद क्वारंटीन किया गया है।
उन्होंने कहा कि बाहरी राज्यों विशेषकर रेड या ऑरेंज जोन से वापस हिमाचल आने वाले लोगों को क्वारंटीन में रहना होगा। इसके अलावा वे अपने परिजनों के साथ भी उचित दूरी बनाएं रखें। इन लोगों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें।