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Chandigarh News: 250 कॉलेजों व विश्वविद्यालयों ने नैक के महत्व पर किया मंथन
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चंडीगढ़। सेक्टर-42 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स के सबरस प्रेक्षागृह में उच्च शिक्षा विभाग की ओर से नैक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें पंजाब के लगभग 250 कॉलेजों व पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला, पीयू चंडीगढ़, गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के नैक समन्वयकों ने हिस्सा लिया।
इसमें मुख्यातिथि शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग रहीं। उन्होंने नैक के महत्व पर व्यापक चर्चा की और संगठनों को निरंतर सुधार के लिए उपलब्ध संसाधनों, क्षमताओं और अवसरों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में तीन तकनीकी सत्र हुए। पहले सत्र में नैक बेंगलुरु के सलाहकार डॉ जगन्नाथ पाटिल ने संशोधित प्रत्यायन ढांचे का अवलोकन किया। दूसरे सत्र में नैक बेंगलुरु के सहायक सलाहकार डॉ श्याम सिंह ने डाटा वैलिडेशन एंड वेरिफिकेशन, छात्र संतुष्टि सर्वेक्षण और पीयर टीम विजिट पर चर्चा की। तीसरे सत्र में एमिटी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ दलीप कुमार ने क्वालिटी इंडिकेटर फ्रेमवर्क के बारे में बताया कि यह नैक के मूल्यांकन और मान्यता प्रक्रिया की आधारशिला कैसे बनाता है। कार्यक्रम में पंजाब के डीपीआई राजीव कुमार गुप्ता, यूटी उच्च शिक्षा निदेशक अमनदीप सिंह भट्टी भी उपस्थित रहे। प्राचार्य प्रो निशा अग्रवाल ने प्रतिभागियों का आभार जताया।
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इसमें मुख्यातिथि शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग रहीं। उन्होंने नैक के महत्व पर व्यापक चर्चा की और संगठनों को निरंतर सुधार के लिए उपलब्ध संसाधनों, क्षमताओं और अवसरों का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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कार्यक्रम में तीन तकनीकी सत्र हुए। पहले सत्र में नैक बेंगलुरु के सलाहकार डॉ जगन्नाथ पाटिल ने संशोधित प्रत्यायन ढांचे का अवलोकन किया। दूसरे सत्र में नैक बेंगलुरु के सहायक सलाहकार डॉ श्याम सिंह ने डाटा वैलिडेशन एंड वेरिफिकेशन, छात्र संतुष्टि सर्वेक्षण और पीयर टीम विजिट पर चर्चा की। तीसरे सत्र में एमिटी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ दलीप कुमार ने क्वालिटी इंडिकेटर फ्रेमवर्क के बारे में बताया कि यह नैक के मूल्यांकन और मान्यता प्रक्रिया की आधारशिला कैसे बनाता है। कार्यक्रम में पंजाब के डीपीआई राजीव कुमार गुप्ता, यूटी उच्च शिक्षा निदेशक अमनदीप सिंह भट्टी भी उपस्थित रहे। प्राचार्य प्रो निशा अग्रवाल ने प्रतिभागियों का आभार जताया।
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