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महिलाओं की सुरक्षा के लिए पंचकूला की सीमा सिंह को 14909 डॉलर का अनुदान
Updated Tue, 22 May 2018 01:48 AM IST
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महिलाओं की सुरक्षा के लिए पंचकूला की सीमा सिंह को 14909 डॉलर का अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते वक्त महिलाओं के लिए सुरक्षा संबंधी चुनौतियां, अनुभवों और इसके इस्तेमाल सहित अन्य पहलुओं के आकलन के लिए पंचकूला की सीमा सिंह ने एक पहल की है। सेफ्टी ऑडिट के तहत पीएचडी स्कॉलर ने इस परियोजना के लिए 14909 डॉलर एगेंज्ड कॉर्नेल अनुदान जीतकर पंचकूला का नाम रोशन किया है।
एगेंजड कॉर्नेल छात्रों को उनके समुदाय-केंद्रित डॉक्टरेट शोध प्रबंध से सीधे काम करने, पूरा करने के लिए स्नातक स्तर की अनुदान प्रदान करता है। अपने शोध के साथ साथ सिंह इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि महिलाएं भारत में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, अनुभव और उपयोग कैसे करती हैं।
सिंह ने कहा मेरा व्यापक शोध प्रबंध भारतीय संदर्भ में परिवहन योजना और नीति बनाने में महिलाओं की चिंताओं को मुख्यधारा के शामिल करने संबंधी है। सीमा सिंह भारत यात्रा के लिए कॉर्नेल अनुदान का उपयोग करेंगी। इसके तहत वह नीतियों, योजनाओं के क्रियान्वयन प्रक्रिया, महिलाओं से संबंधी तमाम जरूरतों की बारीकियों को समझेंगी। सिंह ने कहा कि हमने महसूस किया है कि यात्रा के दौरान महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग जरूरतें हैं। दोनों के सफर के दौरान प्राथमिकताएं अलग होती हैं, इसलिए यात्रा के पैटर्न में भी फर्क है। गर्मी और सर्दियों के बाद सीमा सिंह सुरक्षा लेखा परीक्षा में शामिल होने के लिए भारत पहुंचकर पंचकूला के संदर्भ में महिलाओं की चिंताओं से संबंधित अनुसंधान करेंगी। सिंह की थीसिस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर मीकल टॉमलन, प्रोफेसर मिल्ड्रेड वार्नर और सहायक प्रोफेसर निकोलस क्लेन शामिल हैं, जिसे न्यूयॉर्क के समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते वक्त महिलाओं के लिए सुरक्षा संबंधी चुनौतियां, अनुभवों और इसके इस्तेमाल सहित अन्य पहलुओं के आकलन के लिए पंचकूला की सीमा सिंह ने एक पहल की है। सेफ्टी ऑडिट के तहत पीएचडी स्कॉलर ने इस परियोजना के लिए 14909 डॉलर एगेंज्ड कॉर्नेल अनुदान जीतकर पंचकूला का नाम रोशन किया है।
एगेंजड कॉर्नेल छात्रों को उनके समुदाय-केंद्रित डॉक्टरेट शोध प्रबंध से सीधे काम करने, पूरा करने के लिए स्नातक स्तर की अनुदान प्रदान करता है। अपने शोध के साथ साथ सिंह इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि महिलाएं भारत में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, अनुभव और उपयोग कैसे करती हैं।
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सिंह ने कहा मेरा व्यापक शोध प्रबंध भारतीय संदर्भ में परिवहन योजना और नीति बनाने में महिलाओं की चिंताओं को मुख्यधारा के शामिल करने संबंधी है। सीमा सिंह भारत यात्रा के लिए कॉर्नेल अनुदान का उपयोग करेंगी। इसके तहत वह नीतियों, योजनाओं के क्रियान्वयन प्रक्रिया, महिलाओं से संबंधी तमाम जरूरतों की बारीकियों को समझेंगी। सिंह ने कहा कि हमने महसूस किया है कि यात्रा के दौरान महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग जरूरतें हैं। दोनों के सफर के दौरान प्राथमिकताएं अलग होती हैं, इसलिए यात्रा के पैटर्न में भी फर्क है। गर्मी और सर्दियों के बाद सीमा सिंह सुरक्षा लेखा परीक्षा में शामिल होने के लिए भारत पहुंचकर पंचकूला के संदर्भ में महिलाओं की चिंताओं से संबंधित अनुसंधान करेंगी। सिंह की थीसिस समिति के सदस्यों में प्रोफेसर मीकल टॉमलन, प्रोफेसर मिल्ड्रेड वार्नर और सहायक प्रोफेसर निकोलस क्लेन शामिल हैं, जिसे न्यूयॉर्क के समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया है।
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