फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   दर्द से कराहती गर्भवती को ले जा रही एंबुलेंस का पुलिस ने रोका रास्ता

दर्द से कराहती गर्भवती को ले जा रही एंबुलेंस का पुलिस ने रोका रास्ता

Thu, 15 Mar 2018 02:00 AM IST
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
दर्द से कराहती गर्भवती को ले जा रही एंबुलेंस का पुलिस ने रोका रास्ता
दर्द से कराहती गर्भवती को ले जा रही एंबुलेंस का पुलिस ने रोका रास्ता
विज्ञापन

सड़क हादसे में पति और बेटी की मौत के बाद घायल होने पर गर्भ में पल रहे बच्चे की हालत थी नाजुक

- गर्भवती महिला के पैरों में फ्रैक्चर होने के बाद पंचकूला से जीएमसीएच किया था रेफर
- एक्सटेंशन लेक्चरार प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड चौक पर लगाया था बैरियर, घटना के समय नहीं थे प्रदर्शनकारी

दीपक शाही/ भव्य नरेश
पंचकूला।
सड़क हादसे में पति और अपनी चार साल की बेटी को गवां चुकी एक महिला की आखिरी उम्मीद उसके गर्भ में पल रहा आठ माह का बच्चा है। जिसकी धड़कने बुधवार को एंबुलेंस के पहियों पर टिकी थी। जब भी एंबुलेंस का पहिया कहीं थमता, दर्द से कराहती मां घबरा जाती, कि कहीं उसके बच्चे की धड़कने थम न जाएं। उसके घर का आखिरी चिराग न बुझ जाए, लेकिन एंबुलेंस में तड़पती एक मां पंचकूला-चंडीगढ़ बार्डर पर तैनात पुलिस के सामने बेबस पड़ गई। महिला एंबुलेंस से बाहर आकर पुलिस कर्मियों से गुहार लगाना चाहती थी, कि एंबुलेंस को जाने के लिए रास्ता तो दे दो।
पर क्या करें महिला की विवशता तो देखिए उसके दोनों पैर टूटे हुए थे और पैरों पर पट्टियां बंधी थीं। ऐसे में एक महिला अपने बच्चे की सलामती के लिए किसके सामने गिड़गिड़ाए। एंबुलेंस में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने भी पुलिस के सामने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए हाथ जोड़े, महिला की स्थिति के बारे में पुलिस कर्मियों को अवगत भी करवाया, लेकिन पुलिस की निष्ठुरता तो देखिए एंबुलेंस को अस्पताल ले जाने के लिए बैरियर तक नहीं हटाए गए।
विज्ञापन


सड़क हादसे में तीन की मौत, महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति नाजुक
नारायणगढ़ में सडोरा रोड पर आमली गांव के पास बुधवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे सड़क हादसा हुआ। इसमें महिला (कविता) का पति, उसकी चार साल की बेटी व सास की डेथ हो गई। महिला को तुरंत एंबुलेंस नारायणगढ़ सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने महिला के दोनों पैरों में फ्रैक्चर बताया। वहीं जांच में महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ के जीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौके पर मौजूद नहीं थे एक्सटेंशन लेक्चरार, फिर भी नहीं दिया रास्ता
विधानसभा घेराव के लिए जाने वाले एक्सटेंशन लेक्चरार अभी पंचकूला-चंडीगढ़ बार्डर पर नहीं पहुंचे थे। पुलिस ने बैरिकेट्स लगाकर पंचकूला सेक्टर सात और अठारह की डिवाइडिंग रोड को हाउसिंग बोर्ड तक बंद कर दिया था। अब सवाल ये है कि एक्सटेंशन लेक्चरार जब हाउसिंग बोर्ड तक पहुंचे ही नहीं थे, तो पुलिस ने एंबुलेंस को रास्ता क्यों नहीं दिया। अगर पेशेंट को कुछ हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। पुलिस की, प्रशासन की या फिर सरकार की।


बैरीगेट्स हटाने की मिन्नतें भी की, लेकिन...
गौरव राणा ने बताया कि नारायणगढ़ स्थित अमली गांव के पास बुधवार को सड़क हादसे में घायल होने के बाद कविता को सिविल अस्पताल में लाया गया, कविता के दोनों पाव में फ्रैक्चर है और वह आठ माह की गर्भवती है। बच्चे और महिला की स्थिति नाजुक होने के चलते डॉक्टरों ने जीएमसीएच रेफर कर दिया। एंबुलेंस लेकर पंचकूला के रास्ते हाउसिंग बोर्ड के पास पंचकूला नाले तक पहुंचे, जहां पुलिस ने किसी प्रदर्शन को लेकर बैरीकेट्स लगा रखे थे। पुलिस से बैरीगेट्स हटाने की मिन्नतें भी की, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी, फिर एंबुलेंस को मोड़कर मनीमाजरा रेलवे लाइन होते हुए जीएमसीएच लेकर पहुंचे। इस बीच महिला की तबीयत और ज्यादा बिगड़ने लगी। क्योंकि इस दौरान करीब आधा घंटा समय खराब हो गया। अभी महिला का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed