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पूर्व डीजीपी मामले में प्रशासन ने नहीं मांगी माफी
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:00 AM IST
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पूर्व डीजीपी मामले में प्रशासन ने नहीं मांगी माफी
मंच के सदस्यों ने दिया उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ मामले में दोषी करार दिए जा चुके पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर को गणतंत्र दिवस के मौके पर मंच साझा करने के मामले में प्रशासन की ओर से माफी नहीं मांगे जाने पर आनंद प्रकाश स्मृति मंच के सदस्यों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने प्रशासन से बगैर किसी शर्त माफी की मांग की है। इस संबंध में मंच की ओर से पहले भी उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा जा चुका है, बावजूद इसके प्रशासन पर मंच के सदस्यों ने अनदेखी का आरोप लगाया है।
सदस्यों ने इस मामले को लेकर प्रशासन के अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की। रुचिका की मित्र आराधना गुप्ता ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे हमारा न्याय के लिए किया संघर्ष बेमानी था। सुप्रीम कोर्ट ने राठौर को दोषी करार दिया, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अतिथि की तरह सम्मान दिया गया। आराधना ने अपने पिता आनंद प्रकाश के साथ इस मामले की 26 साल तक लड़ाई लड़ी। स्वराज इंडिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष मंडल शालिनी मालवीय ने रोष जताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्र्ीय पर्व हैं, लेकिन ऐसे मौके पर एक दोषी करार दिए जा चुके पूर्व डीजीपी को मंच साझा करने के लिए आमंत्रण दिया जाना खेदजनक है। सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
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मंच के सदस्यों ने दिया उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ मामले में दोषी करार दिए जा चुके पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर को गणतंत्र दिवस के मौके पर मंच साझा करने के मामले में प्रशासन की ओर से माफी नहीं मांगे जाने पर आनंद प्रकाश स्मृति मंच के सदस्यों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने प्रशासन से बगैर किसी शर्त माफी की मांग की है। इस संबंध में मंच की ओर से पहले भी उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा जा चुका है, बावजूद इसके प्रशासन पर मंच के सदस्यों ने अनदेखी का आरोप लगाया है।
सदस्यों ने इस मामले को लेकर प्रशासन के अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की। रुचिका की मित्र आराधना गुप्ता ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे हमारा न्याय के लिए किया संघर्ष बेमानी था। सुप्रीम कोर्ट ने राठौर को दोषी करार दिया, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अतिथि की तरह सम्मान दिया गया। आराधना ने अपने पिता आनंद प्रकाश के साथ इस मामले की 26 साल तक लड़ाई लड़ी। स्वराज इंडिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष मंडल शालिनी मालवीय ने रोष जताते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्र्ीय पर्व हैं, लेकिन ऐसे मौके पर एक दोषी करार दिए जा चुके पूर्व डीजीपी को मंच साझा करने के लिए आमंत्रण दिया जाना खेदजनक है। सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।
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