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हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने दिए जांच के आदेश
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:06 AM IST
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गलत ऑपरेशन से मौत के मामले में जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में पिंजौर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन का आरोप लगा है। ये आरोप पिंजौर के गांव टिपरा निवासी हिमांत कुमार ने लगाया है। बैठक की अध्यक्षता कर रही हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री एवं जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की अध्यक्ष कविता जैन के सामने हिमांत ने बताया कि 27 मई को उसके पिता के पित्ते की पत्थरी का ऑपरेशन पिंजौर के एक मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में किया गया था। हिमांत ने डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान गलत नस कटने के कारण पिता की मौत हो गई। जब निजी अस्पताल के डॉक्टरों से उसके पिता का केस बिगड़ गया तो उन्होंने उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई ले जाते वक्त उसके पिता के शरीर में तेरह ग्राम से मात्र एक ग्राम ब्लड बचा था। पीजीआई के डॉक्टरों ने देखते ही साफ कह दिया था कि केस खराब हो चुका है। बचने की उम्मीद कम है और कुछ देर बाद उसके पिता की मौत हो गई। उसने मंत्री को बताया कि इसकी शिकायत उसने पिंजौर के एसएचओ को भी दी थी। लेकिन अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मंत्री कविता जैन ने बैठक में मौजूद पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा कि इस मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट दें। उन्होंने कार्रवाई न किए जाने पर भी जवाब तलब किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में पिंजौर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन का आरोप लगा है। ये आरोप पिंजौर के गांव टिपरा निवासी हिमांत कुमार ने लगाया है। बैठक की अध्यक्षता कर रही हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री एवं जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की अध्यक्ष कविता जैन के सामने हिमांत ने बताया कि 27 मई को उसके पिता के पित्ते की पत्थरी का ऑपरेशन पिंजौर के एक मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में किया गया था। हिमांत ने डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान गलत नस कटने के कारण पिता की मौत हो गई। जब निजी अस्पताल के डॉक्टरों से उसके पिता का केस बिगड़ गया तो उन्होंने उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई ले जाते वक्त उसके पिता के शरीर में तेरह ग्राम से मात्र एक ग्राम ब्लड बचा था। पीजीआई के डॉक्टरों ने देखते ही साफ कह दिया था कि केस खराब हो चुका है। बचने की उम्मीद कम है और कुछ देर बाद उसके पिता की मौत हो गई। उसने मंत्री को बताया कि इसकी शिकायत उसने पिंजौर के एसएचओ को भी दी थी। लेकिन अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मंत्री कविता जैन ने बैठक में मौजूद पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा कि इस मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट दें। उन्होंने कार्रवाई न किए जाने पर भी जवाब तलब किया है।