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राशन वितरण मशीनों के ठप्प होने भटकने को मजबूर ग्रामीण
Updated Sun, 09 Jul 2017 02:07 AM IST
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डिपो में पड़ा राशन सड़ने के कगार पर
ग्रामीणों की खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री से मांग, समस्या का हो समाधान
भूखे सो रहे आर्थिक रूप से पिछड़े गरीब
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी।
मोरनी में सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए उपलब्ध कराई गईं मशीनें ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। ये मशीनें अधिकतर समय ठप रहने, नेटवर्क न पकड़ने, अंगूठे के निशान का मिलान न होने से ग्रामीणों को राशन नहीं मिल रहा है। ऐसी ही परेशानी तीन महीने से मोरनी की तीन पंचायतों धारला, दाबसू व ठंडोग के ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। तीनों पंचायतों के ग्रामीणों मशीन की समस्या से परेशान हो चुके हैं। मजे की बात है कि डीपो में राशन की पर्याप्त मात्रा है। इसके बाद भी ग्रामीण राशन से वंचित हैं। बता दें कि मई और जून का राशन डीपो में पड़ा है। बारिश के इस मौसम में काफी दिनों से पड़ा राशन खराब होने के कगार पर है। यह अगर जल्द नहीं बांटा गया तो सड़ सकता है।
तीन महीने से नहीं मिला राशन
धारला पंचायत के सरपंच सुरेश पाल ने बताया कि तीन महीने से राशन न मिलने से दर्जनों गांवों के लोग राशन के लिए डीपो के चक्कर लगा रहे हैं। आर्थिक रूप से पिछड़ों की सूची में आने वालों को घर चलाने के लिए सरकार की ओर से सहायता स्वरूप मिलने वाले राशन पर काफी निर्भर रहते हैं। उन्हें इन दिनों भूखे रहने की नौबत आ गई है। इन ग्रामीणों ने हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज से इस समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
मई में ही अधिकारियों को बताया था
डिपो होल्डर मोलक राम का कहना है कि जब तक मशीन नहीं चलती तब तक वह राशन वितरण नहीं कर सकते। उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को मई माह में ही मशीन के न चलने के बारे में अवगत करा दिया था। उसके बाद विभाग की तरफ से आए इंजीनियर ने इन मशीनों को चलाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। आज तक यह मशीनें बंद पड़ी हैं।
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मोबाइल नेटवर्क की सबसे अधिक दिक्कत
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार की ओर से जो डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह मोरनी में जरूरी संसाधनों के अभाव में फ्लॉप हो गया है।राशन वितरण मशीन हो या फिर कैशलेस योजना, या अन्य आधुनिकीकरण से संबंधित योजना। अब तक कोई भी योजना यहां सफल नहीं हो रही है। इनके सही क्रियान्वयन के लिए हरियाणा सरकार को मोरनी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था पर अधिक काम करने की जरूरत है। जो इस आधुनिक युग में सबसे जरूरी है
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ग्रामीणों की खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री से मांग, समस्या का हो समाधान
भूखे सो रहे आर्थिक रूप से पिछड़े गरीब
अमर उजाला ब्यूरो
मोरनी।
मोरनी में सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए उपलब्ध कराई गईं मशीनें ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। ये मशीनें अधिकतर समय ठप रहने, नेटवर्क न पकड़ने, अंगूठे के निशान का मिलान न होने से ग्रामीणों को राशन नहीं मिल रहा है। ऐसी ही परेशानी तीन महीने से मोरनी की तीन पंचायतों धारला, दाबसू व ठंडोग के ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है। तीनों पंचायतों के ग्रामीणों मशीन की समस्या से परेशान हो चुके हैं। मजे की बात है कि डीपो में राशन की पर्याप्त मात्रा है। इसके बाद भी ग्रामीण राशन से वंचित हैं। बता दें कि मई और जून का राशन डीपो में पड़ा है। बारिश के इस मौसम में काफी दिनों से पड़ा राशन खराब होने के कगार पर है। यह अगर जल्द नहीं बांटा गया तो सड़ सकता है।
तीन महीने से नहीं मिला राशन
धारला पंचायत के सरपंच सुरेश पाल ने बताया कि तीन महीने से राशन न मिलने से दर्जनों गांवों के लोग राशन के लिए डीपो के चक्कर लगा रहे हैं। आर्थिक रूप से पिछड़ों की सूची में आने वालों को घर चलाने के लिए सरकार की ओर से सहायता स्वरूप मिलने वाले राशन पर काफी निर्भर रहते हैं। उन्हें इन दिनों भूखे रहने की नौबत आ गई है। इन ग्रामीणों ने हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्ण देव कंबोज से इस समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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मई में ही अधिकारियों को बताया था
डिपो होल्डर मोलक राम का कहना है कि जब तक मशीन नहीं चलती तब तक वह राशन वितरण नहीं कर सकते। उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को मई माह में ही मशीन के न चलने के बारे में अवगत करा दिया था। उसके बाद विभाग की तरफ से आए इंजीनियर ने इन मशीनों को चलाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। आज तक यह मशीनें बंद पड़ी हैं।
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मोबाइल नेटवर्क की सबसे अधिक दिक्कत
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार की ओर से जो डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह मोरनी में जरूरी संसाधनों के अभाव में फ्लॉप हो गया है।राशन वितरण मशीन हो या फिर कैशलेस योजना, या अन्य आधुनिकीकरण से संबंधित योजना। अब तक कोई भी योजना यहां सफल नहीं हो रही है। इनके सही क्रियान्वयन के लिए हरियाणा सरकार को मोरनी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की व्यवस्था पर अधिक काम करने की जरूरत है। जो इस आधुनिक युग में सबसे जरूरी है