पंजाब कांग्रेस में धड़ेबंदी : चरणजीत चन्नी के आवास पर जुटे दो मंत्री व 12 विधायक, कयासबाजी शुरू
चंडीगढ़ में चन्नी के आवास के बाहर जब वेरका से सवाल किया गया कि क्या वे भी कैप्टन सरकार से नाराज हैं? क्या आप खाली पड़ा एक कैबिनेट मंत्री का पद किसी दलित नेता को दिए जाने की मांग उठाने वाले हैं? इन सवालों से वेरका बचते नजर आए।
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अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में शुरू हुई उथल-पुथल अब धड़ेबंदी में बदलने लगी है। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर दो मंत्रियों और 12 विधायकों की मौजूदगी में काफी लंबी बैठक चली। बैठक के बाद विधायक राजकुमार वेरका ने कहा कि यह मीटिंग सरकार के खिलाफ नहीं थी। यह राज्य में दलितों के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई थी।
चंडीगढ़ में चन्नी के आवास के बाहर जब वेरका से सवाल किया गया कि क्या वे भी कैप्टन सरकार से नाराज हैं? क्या आप खाली पड़ा एक कैबिनेट मंत्री का पद किसी दलित नेता को दिए जाने की मांग उठाने वाले हैं? इन सवालों से वेरका बचते नजर आए। उन्होंने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। गौरतलब है कि एक दिन पहले सोमवार को ही कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के निवास पर भी ऐसी ही बैठक हुई थी जिसमें दो मंत्री और दो विधायक मौजूद थे।
घर की बातें घर पर ही रहनी चाहिए : जाखड़
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ से जब चन्नी के आवास पर हुई बैठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इतना ही कहा कि घर की बातें घर में ही रहनी चाहिए। बाहर जाकर इस तरह की बातें करके अपनी स्थिति हास्यास्पद नहीं बनानी चाहिए।
नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटे कैप्टन
पंजाब कांग्रेस के अनेक असंतुष्ट नेता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। इसके अलावा नवजोत सिद्धू बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड में दोषियों को सजा नहीं दिला पाने के लिए कैप्टन पर सरेआम उंगली उठा चुके हैं। पूर्व कांग्रेस प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा पहले से ही कैप्टन के खिलाफ मुखर हैं।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सुखजिंदर रंधावा और चरणजीत चन्नी के आवास पर हुई बैठकों में एकत्र हुए सभी विधायक मुख्यमंत्री से नाराज हैं। इन नेताओं का मानना है कि बेअदबी के मामलों में असफलता 2022 के चुनाव में प्रदेश कांग्रेस को करारा झटका देगी।
कैप्टन अगली बार अपने दम पर कांग्रेस को सत्ता में लौटा नहीं पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, सुखजिंदर रंधावा के घर हुई बैठक के बाद कैप्टन ने भी अपने नाराज मंत्रियों और विधायकों को मनाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं। इसके तहत वे फोन पर नाराज नेताओं से बातचीत कर रहे हैं।
पंजाब के लोग मांग रहे न्याय: सिद्धू
कैप्टन के खिलाफ लगातार हमलावर हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, पंजाब के लोग एक सुर मेन्याय मांग रहे हैं। उन्होंने 2018 में रुपिंदर सिंह और जसविंदर सिंह से मुलाकात के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उन बेकसूरों को बेअदबी मामलों में पुलिस ने प्रताड़ित किया। सिद्धू ने आगे लिखा- हम आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं।