{"_id":"618c238ff92ad0084153cba4","slug":"10-percent-compensation-to-cotton-farm-laborers-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैसला: कपास खेत मजदूरों को मिलेगा 10 फीसदी मुआवजा, पंजाब मंत्रिमंडल ने बैठक में दी मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैसला: कपास खेत मजदूरों को मिलेगा 10 फीसदी मुआवजा, पंजाब मंत्रिमंडल ने बैठक में दी मंजूरी
Thu, 11 Nov 2021 01:31 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 11 Nov 2021 01:31 AM IST
सार
एक अन्य ऐतिहासिक फैसले में पंजाब मंत्रिमंडल ने फीस की सीमा निश्चित किए जाने को रद्द कर दिया है, जिससे अब अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों की फीस भी जनरल श्रेणी के विद्यार्थियों के समान होगी।
विज्ञापन
पंजाब मंत्रिमंडल।
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने बुधवार को कपास की फसल पर गुलाबी सूंडी के हमले के कारण प्रभावित हुए कृषि मजदूरों के परिवारों को राहत देने की नीति को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत किसानों को अदा की जाने वाले कुल मुआवजे की 10 फीसदी राशि कृषि मजदूरों के परिवारों को मुहैया करवाई जाएगी।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि सरकार ने इससे पहले कपास उत्पादकों को मुआवजे की घोषणा करते हुए कपास खेत मजदूरों को 10 फीसदी मुआवजा देने का एलान किया था। बुधवार को लिए गए मंत्रिमंडल के फैसले में सरकार ने किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में से 10 फीसदी राशि खेत मजदूरों को मुआवजे के तौर पर देने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में सरकार देगी 433. 96 करोड़
पोस्ट-मैट्रिक एससी वजीफा स्कीम के मुद्दे पर मंत्रिमंडल ने स्कॉलरशिप स्कीम के लाभार्थी अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को पेश आ रही मुश्किलों पर विचार किया। यह विचार किया गया कि इस स्कीम की शुरुआत में भारत सरकार और पंजाब सरकार के मध्य 60:40 के अनुपात के मुताबिक हिस्सेदारी थी लेकिन भारत सरकार ने साल 2016 से इस स्कीम के तहत अपना हिस्सा देना बंद कर दिया। इस कारण मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि राज्य सरकार 2017-18 से अपने हिस्से 433.96 करोड़ रुपये की देनदारी वहन करेगी और यह रकम वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान दो किश्तों में अदा की जाएगी।
विज्ञापन