फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bihar News: RJD reached SC on voter list amendment in Bihar, challenged decision of Election Commission

Bihar News: बिहार में मतदाता सूची संशोधन पर राजद सुप्रीम कोर्ट पहुंची, चुनाव आयोग के फैसले को दी चुनौती

Sun, 06 Jul 2025 08:01 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना/नई दिल्ली Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 06 Jul 2025 08:01 PM IST
सार

Bihar News: मनोज झा ने चुनाव आयोग के उस निर्णय को अदालत में खारिज करने की मांग की है, जिसमें आयोग ने बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। पढ़ें पूरी खबर...।

विज्ञापन
Bihar News: RJD reached SC on voter list amendment in Bihar, challenged decision of Election Commission
वरिष्ठ राजद नेता मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के चुनाव आयोग के निर्देश को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस फैसले को चुनौती दी है।

विज्ञापन

 
मनोज झा ने चुनाव आयोग के उस निर्णय को अदालत में खारिज करने की मांग की है, जिसमें आयोग ने बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। राजद का कहना है कि विधानसभा चुनाव के ठीक कुछ महीने पहले इस तरह की प्रक्रिया चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Bihar News: मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चुनाव आयोग के आदेशानुसार जारी, अफवाहों पर निर्वाचन कार्यालय की सफाई
विज्ञापन
विज्ञापन

 
 
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की संभावना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग के निर्देश को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत क्या रुख अपनाती है और इसका असर बिहार चुनावी तैयारियों पर कितना पड़ता है।
 

Bihar News: RJD reached SC on voter list amendment in Bihar, challenged decision of Election Commission
तृणमूल कांग्रेस की नेता और सांसद महुआ मोइत्रा - फोटो : ANI

मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ महुआ मोइत्रा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं 
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मामला लगातार गर्माता जा रहा है। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अब तृणमूल कांग्रेस की नेता और सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। महुआ मोइत्रा ने भारत निर्वाचन आयोग के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। महुआ मोइत्रा ने अपनी याचिका में कहा कि वह निर्वाचन आयोग के 24 जून के उस आदेश को रद्द करने का अनुरोध करती हैं, जिसके तहत संविधान के विभिन्न प्रावधानों का कथित उल्लंघन करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया जा रहा है।

याचिका के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत जनहित में दायर वर्तमान रिट याचिका में भारत निर्वाचन आयोग के 24 जून को जारी आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। आदेश के तहत बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए), 21, 325, 328 व जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।

महुआ ने अपनी याचिका में कहा, अगर इस आदेश को रद्द नहीं किया गया, तो यह देश में बड़े पैमाने पर पात्र मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकता है, जिससे लोकतंत्र, स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कमजोर हो सकते हैं। महुआ ने शीर्ष अदालत से भारत निर्वाचन आयोग को देश के अन्य राज्यों में मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण के इस तरह के आदेश जारी करने से रोकने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

यह भी पढ़ें- Bihar: मोहर्रम जुलूस के दौरान महावीर मंदिर चौक पर पथराव, तनाव के बीच मौके पर भारी पुलिस बल तैनात; DM भी पहुंचे

अधिवक्ता नेहा राठी के माध्यम से दायर की गई इस याचिका में कहा गया, देश में यह पहली बार है कि ईसीआई द्वारा इस तरह का अभ्यास किया जा रहा है, जहां उन मतदाताओं से अपनी पात्रता साबित करने के लिए कहा जा रहा है, जिनके नाम पहले से ही मतदाता सूची में हैं या पहले भी कई बार मतदान कर चुके हैं। यह आवश्यकता अनुच्छेद 326 के विपरीत है और संविधान के आरपी अधिनियम 1950 द्वारा परिकल्पित नहीं की गई बाहरी योग्यताएं पेश करती है।

बता दें कि इस मामले में गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ ने भी एक याचिका दायर कर चुका है, जिसमें बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश को चुनौती दी गई है।चुनाव आयोग ने 24 जून को बिहार में एसआईआर करने के निर्देश जारी किए थे, जिसका उद्देश्य अपात्र नामों को हटाना और यह सुनिश्चित करना था कि केवल पात्र नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल हों। बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed