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Bihar News: मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण चुनाव आयोग के आदेशानुसार जारी, अफवाहों पर निर्वाचन कार्यालय की सफाई
Sun, 06 Jul 2025 05:15 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 06 Jul 2025 05:15 PM IST
सार
Patna News: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मौजूदा मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, भले ही उन्होंने शुरुआत में केवल नामांकन फॉर्म ही भरा हो। उन्होंने दोहराया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ संचालित हो रही है।
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बिहार निर्वाचन कार्यालय ने दी सफाई
- फोटो : AI Image- Freepik
विस्तार
बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) जोरशोर से जारी है। सोशल मीडिया पर इसके स्वरूप में बदलाव को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग (ECI) और बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के 24 जून 2025 के आदेश के अनुसार ही चल रही है, और इसमें किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है। चुनाव आयोग ने रविवार को अपने बयान में स्पष्ट किया कि एक अगस्त 2025 को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में उन सभी मौजूदा मतदाताओं के नाम शामिल रहेंगे, जिनके नामांकन फॉर्म प्राप्त हो चुके होंगे।
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सोशल मीडिया पर बदलाव की चर्चा, CEO ने दी सफाई
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया था कि आयोग ने बिहार में चल रहे विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम में कुछ बदलाव किए हैं। इन दावों के पीछे एक अखबार में प्रकाशित चुनाव आयोग के विज्ञापन को कारण बताया जा रहा था, जिसमें यह उल्लेख था कि जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं, वे केवल नामांकन फॉर्म जमा कर सकते हैं।
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इस विज्ञापन को लेकर यह धारणा बन गई थी कि आयोग ने पुनरीक्षण के लिए आवश्यक दस्तावेजों की अनिवार्यता से पीछे हटते हुए प्रक्रिया को शिथिल कर दिया है। हालांकि बिहार के CEO ने X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर पोस्ट कर इन अफवाहों का खंडन किया। उन्होंने लिखा कि महत्वपूर्ण सूचना– बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग के 24 जून 2025 के आदेश के अनुसार ही चल रहा है। एक अगस्त को जो ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी, उसमें उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिनके नामांकन फॉर्म प्राप्त हो चुके होंगे।
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दस्तावेजों के लिए समय, प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, भले ही उन्होंने शुरुआत में केवल नामांकन फॉर्म ही भरा हो। उन्होंने दोहराया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि हर स्तर पर मतदाताओं को मदद पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है और दस्तावेजों के संकलन एवं सत्यापन के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
विपक्षी दलों ने उठाए सवाल, नौ जुलाई को बिहार बंद की तैयारी
यह पूरा मामला ऐसे समय पर चर्चा में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। विपक्षी गठबंधन INDIA ने मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण अभियान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया नागरिकता परीक्षण जैसी हो गई है, जो लोगों को अनावश्यक रूप से डराने और मतदाता सूची से नाम हटाने की ओर ले जा सकती है।
वहीं, INDIA गठबंधन ने घोषणा की है कि नौ जुलाई को बिहार बंद के दौरान वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। वामपंथी श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भी इस मुद्दे को शामिल किया जाएगा।