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सियासत: 'लालटेन' से 'चिराग' रोशन करने की कोशिश, तेजस्वी का संदेश लेकर लालू से मिले श्याम रजक

बिहार का तापमान इस वक्त भले ही कम हो, लेकिन सियासी पारा रोज बढ़ रहा है। दिल्ली में नेताओं की भेंट-मुलाकात ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। ताजा मामला राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, श्याम रजक एवं मनोज झा के बीच सियासी मुलाकात है। राजद के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यसभा सांसद मनोज झा रविवार को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से मिले। इस मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि रजक शनिवार को चिराग पासवान से मिले थे। श्याम रजक और मनोज झा की लालू यादव के साथ करीब 2 घंटे तक बैठक चली। इससे पहले श्याम रजक कांग्रेस की नेता मीरा कुमार और बिहार प्रभारी भक्त चरण दास से भी मिले थे।

लालू यादव ने चिराग पासवान को किया फोन
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो श्याम रजक से मुलाकात के बाद लालू यादव ने लोजपा नेता चिराग पासवान को फोन किया था। नए समीकरण को लेकर लालू यादव और चिराग पासवान के बीच करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई। बातचीत के बाद चिराग ने कहा कि राजद प्रमुख लालू यादव से बिहार के सियासी घटनाक्रम पर स्वस्थ्य चर्चा हुई है। 

तेजस्वी ने चिराग की प्रशंसा की
दरअसल, राजद प्रमुख लालू प्रसाद दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। जेल से बाहर आने के बाद वह अभी तक बिहार नहीं आए हैं, लेकिन वह दिल्ली से ही राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले दिनों राजद के स्थापना दिवस और लोजपा संस्थापक राम विलास पासवान की जयंती पर तेजस्वी यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। साथ ही कहा था कि चिराग पासवान के साथ उनकी अच्छी जोड़ी है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी कह चुके हैं कि इस संबंध में फैसला चिराग पासवान को लेना है। लोजपा में दो फाड़ होने के बाद से राजद की नजर चिराग पासवान पर है। क्योंकि चिराग को चाचा पशुपति कुमार पारस ने जो झटका दिया है उससे चिराग पासवान बेहद खफा हैं। 

चिराग पर 'लालटेन' की नजर
 सियासी गलियारों में अब सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या श्याम रजक दिल्ली में लालू प्रसाद के यहां तेजस्वी यादव का कोई खास संदेश लेकर पहुंचे थे? क्या बिहार में राजद कोई नया समीकरण गढ़ने की कोशिश में है? ऐसे में सियासी खिचड़ी पक रही है कि क्या लालू यादव चिराग पासवान को अपने साथ लेने की रणनीति बना रहे हैं। क्योंकि श्याम रजक की लालू यादव से लगातार मुलाकातें तो यही इशारा कर रही हैं। इसके अलावा पिछले महीने राजद प्रवक्ता ने एक डिबेट के दौरान कहा था कि लालू यादव के बाहर आने के बाद बिहार की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदलेगी। 
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बिहार: ..तो क्या सच में जगदानंद सिंह ने राजद प्रदेश अध्यक्ष से दिया था इस्तीफा?, जानें लालू से चंद मिनटों की बात में कैसे हो गए 'रिचार्ज'

राष्ट्रीय जनता दल में मची सियासी हलचल के बीच लालू यादव ने हालात को संभाल लिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार प्रदेश आरजेडी के अध्यक्ष जगदानंद सिंह पार्टी छोड़ दिए थे, लेकिन लालू यादव उन्हें मनाने में कामयाब हो गए, जिसके बाद पार्टी के अंदर जारी खींचतान खत्म हो गया। तेजप्रताप से अनबन के बाद  बीते शुक्रवार को जगदानंद सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पार्टी में सियासी भूचाल मच गया। आनन फानन में यह बात दिल्ली में स्वास्थ्य लाभ कर रहे लालू प्रसाद तक पहुंची,  जिसके बाद समय रहते लालू प्रसाद यादव ने हस्तक्षेप किया और उन्हें पद पर बने रहने के लिए मना लिया।

मामला 9 जुलाई का है। अचानक खबर फैली कि आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और अब वह पार्टी कार्यलाय भी नहीं जाएंगे, लेकिन आरजेडी ने तत्काल उनके इस्तीफे से इनकार किया। जब तक मीडिया आरजेडी कार्यालय पहुंची, जगदानंद सिंह वहां आकर प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हो चुके थे।

इस्तीफे की खबर पर खुलकर नहीं बोले जगदानंदन सिंह
इस्तीफे की खबर को लेकर जब मीडिया ने उनसे पूछा तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बचकाने सवालों का जवाब देना मैं सही नहीं समझता। ऐसे में उन्होंने अपने इस्तीफे की खबर की पुष्टि नहीं की तो की तो स्पष्ट तार पर खंडन भी नहीं किया। लिहाजा इस मामले में संशय  बरकरार रहा।

तेज प्रताप और जगदानंद के बीच रहे हैं कड़वे रिश्ते
बता दें कि लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप और जगदानंद सिंह से कड़वे रिश्ते समय-समय पर सार्वजनिक होते रहे हैं। ज्यादा दिन नहीं हुए, जब तेज प्रताप ने पिता लालू प्रसाद यादव की जेल से रिहाई के लिए पोस्ट कार्ड अभियान चलाया था। तब भी उन्होंने जगदानंद सिंह पर इसमें रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया था।  

आरजेडी के 25वें स्थापना दिवस समारोह में तेज प्रताप यादव ने जगदानंद सिंह पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी। बताया जाता है कि जगदानंद सिंह इससे नाराज थे। हालांकि, तेज प्रताप यादव ने जगदानंद सिंह को अभिभावक बताते हुए उनकी नाराजगी की बात को बेबुनियाद बताया था।
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बिहार: भाजपा को हराने वाले नेता जदयू में हुए शामिल, नीतीश कुमार ने कराई घर वापसी

बिहार में नीतीश कुमार ने एक ऐसे नेता की घर वापसी करा दी है कि वह चर्चा का विषय बना हुआ है। 2020 विधानसभा चुनाव में जिस नेता के चलते भाजपा की हार हुई थी एक साल के अंदर ही वह जदयू में शामिल हो गए हैं।  शनिवार को मंजीत सिंह ने जदयू नेताओं की मौजूदगी में जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्हें उपाध्यक्ष भी बना दिया गया । सदस्यता ग्रहण के दौरान जनता दल यूनाइटेड के बड़े नेता सांसद ललन सिंह, मंत्री लेसी सिंह, विजय कुमार चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा मौजूद थे। 

भाजपा उम्मीदवार की हुई थी हार
दरअसल, 2020 बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बैकुंठपुर सीट भाजपा के खाते में चली गई थी। इस बात को लेकर तत्कालीन जदयू नेता मंजीत सिंह नाराज हो गए थे और उन्होंने पार्टी छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था। मंजीत सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार मिथिलेश तिवारी चुनाव हार गए और आरजेडी की इस सीट पर जीत हुई।

राजद में शामिल होने वाले थे मंजीत सिंह
 पिछले दिनों मंजीत सिंह आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से मिले और पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी, लेकिन नीतीश कुमार बिना मौका गबाए उन्हें पार्टी में आने का न्योता दे दिया। 10 जुलाई को पटना में उन्हें फिर से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता दिलाई गई
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बिहार: जातीय आधारित जनगणना पर सियासत तेज, भाजपा नेता बोले- कोटा पॉलिटिक्स कर रहा विपक्ष

बिहार में जातीय आधार पर जनगणना को लेकर सियासत तेज होती जा रही है। सरकार और विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होता दिख रहा है। वहीं, एनडीए सहयोगी दल भाजपा इससे पूरी तरह अलग है। बिहार सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के एमएलसी संजय पासवान ने विपक्ष पर रिजर्वेशन की राजनीति करने का आरोप लगाया है। पटना में मंगलवार को उन्होंने कहा कि इस समय गरीबों की जनगणना करने की जरूरत है ना कि जातीय आधार पर जनगणना की।

उनका यह बयान तब आया है जब जनता दल (यूनाइटेड) के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इसकी मांग को लेकर पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललन सिंह की अगुआई में गृहमंत्री अमित शाह मुलाकात की थी। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पीएम मोदी से मिलकर जनगणना कराने की अपील करने वाले हैं। 

वोट बैंक की राजनीति के लिए जातीय आधारित जनगणना- भाजपा
एक अंग्रेजी मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता संजय पासवान ने कहा कि विपक्ष और समाजवादी दल आरक्षण वाली राजनीति करना चाहते हैं, जबकि भाजपा ने ईडब्ल्यूएस को दस फीसदी कोटा देकर आरक्षण की राजनीति को खत्म किया है, जो लोग जातीय आधारित जनगणना चाह रहे हैं, वे ओबीसी और ईबीसी में अपना वोट बैंक देख रहे हैं। 
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संजय पासवान संजय पासवान

बिहार: एसडीओपी मैडम ने पति को बना दिया 'आईपीएस', पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव की डीएसपी रेशू कृष्णा को अपने पति को आईपीएस अधिकारी बनाने की सूझी। फिर क्या था मेडम ने उन्हें आईपीएस की वर्दी पहनाई और दोनों की वर्दी पहने मुस्कुराते हुए सेल्फी ले ली। बात यहीं नहीं रुकी उसे सोशल मीडिया में खुद ही शेयर कर अपराध का कबूलनामा भी कर दिया। अब पीएमओ तक मामला पहुंच चुका हैै। जांच चल रही है और कार्रवाई हुई तो सलाखों तक बात जा सकती है। 

अब एसडीओपी रेशू कृष्णा की सेल्फी सुर्खियां बन रही है। सोशल मीडिया से शुरू हुई बात अब नेशनल मीडिया में आ गई है। मामला हाईप्रोफाइल होने से उलझना तय है। सूत्रों के अनुसार भागलपुर के एसएसपी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट बिहार पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। 

एसडीपीओ रेशू कृष्णा पटना की रहने वाली हैं और तेज तर्रार अफसर हैं। वह कई मामलों का खुलासा कर चुकी हैं, लेकिन अब तक मामलों का खुलासा करने वाली मेडम के खिलाफ ही अब मामला बन गया है। 

पति का पुलिस महकमे से नाता नहीं
सूत्रों का कहना है कि एसडीपीओ रेशू कृष्णा के पति का पुलिस महकमे से कोई नाता नहीं है, लेकिन उन्होंने अपने पति के साथ जो सेल्फी साझा की है, उसमें उनके पति आईपीएस की वर्दी पहने नजर आ रहे हैं। वह खुद अपने पति के साथ विक्ट्री साइन भी दिखा रही हैं। हालांकि बवाल मचने पर एसडीपीओ और उनके पति ने अपने-अपने सोशल मीडिया एकाउंट से आईपीएस वर्दी पहने फोटो को हटा दिया है। 

इस तरह पीएमओ तक पहुंचा मामला
सोशल मीडिया में रेशू कृष्णा की सेल्फी चर्चित होते ही उनके किसी शुभेच्छु ने इसे प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजकर शिकायत कर दी। शिकायतकर्ता ने कहा कि एसडीपीओ रेशू कृष्णा के पति ने आईपीएस की वर्दी कैसे पहनी? रेशू कृष्णा का दावा है कि उनके पति आईपीएस हैं और पीएमओ में तैनात हैं। इसके बाद पीएमओ ने बिहार पुलिस मुख्यालय को शिकायत भेजी और रिपोर्ट मांगी। 

पीएमओ द्वारा रिपोर्ट मांगते ही बिहार पुलिस मुख्यालय ने जांच शुरू की। इसमें पता चला है कि एसडीपीओ के पति आईपीएस अधिकारी नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार भागलपुर के एसएसपी ने जांच कर रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी है। अब एसडीओपी पर कार्रवाई हो सकती है। 

हो सकती है इतनी सजा
सेना और पुलिस की वर्दी कोई अन्य व्यक्ति नहीं पहन सकता। सशस्त्र बल अधिनियम, सरकारी गोपनीयता कानून और भारतीय दंड संहिता में इसके खिलाफ कई प्रावधान हैं। गोपनीयता कानून की धारा 6 में आम लोगों द्वारा पुलिस या सेना की वर्दी पहनने पर 3 साल की सजा और जुर्माने का भी प्रावधान है, जबकि भादंवि की धारा 140 में 3 महीने तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
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पटलवार: उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर सम्राट चौधरी बोले- अभी 10 साल पीएम की जगह खाली नहीं

बिहार एनडीए में सबकुछ सही नहीं चल रहा है। घटक दलों के नेताओं के बयान से हालात दिन ब दिन तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड के नेता उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर नीतीश सरकार में मंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने तीखा हमला बोला है। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सीट अगले दस साल के लिए खाली नहीं है। दरअसल, रविवार को उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पीएम मटैरियल बताया। 

नई दिल्ली में आयोजित जदयू कार्यकारिणी की बैठक में मुंगेर से सांसद राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह को जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने बयान देकर सियासी हल्कों में हलचल पैदा कर दी। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार हैं। 


बिहार सरकार में काम करना चुनौतीपूर्ण- सम्राट चौधरी
इतना ही मंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में गठबंधन सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा है कि बिहार में काम करना हमारे लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि चार विचारधाराएं एक साथ काम कर रही हैं। ऐसे में गठबंधन में बहुत कुछ सहना पड़ता है।औरंगाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हम गठबंधन की सरकार चला रहे हैं, ये हमारी स्वतंत्र सरकार नहीं। बगल के प्रदेशों में हम स्वतंत्र सरकार चला रहे हैं। यहां हमारा नेतृत्व होता था और हम चीजों को सार्थक करते थे, लेकिन बिहार की सरकार में  साथ काम करना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि दो नहीं चार-चार विचारधाराएं एक साथ हैं। 
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वारदात: पूर्व आरजेडी विधायक भोला यादव के बेटे को मारी गई गोली, गंभीर हालत में भागलपुर रेफर

बिहार में पूर्व राजद विधायक भोला यादव के बेटे को अपराधियों ने गोली मार दी। गंभीर घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने  उन्हें भागलपुर रेफर कर दिया गया। इधर समर्थकों ने आगजनी कर प्रदर्शन किया है।  बाइक सवार बदमाशों ने कटोरिया के पूर्व आरजेडी विधायक भोला यादव के बेटे पप्पू यादव को गोलीमार कर जख्मी कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पप्पू के कमर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए यहां के एक निजी अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों की चौक बाजार से लेकर अस्पताल तक पहुंच गई है। खबर है कि पप्पू मुखिया पद से चुनाव लड़ने वाले थे। 
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हादसा: छत पर पति से बातें कर रही थी नर्सिंग कॉलेज की छात्रा, अचानक फिसला पैर और नीचे जा गिरी

बिहार में पूर्व विधायक के बेटे को गोली मारी गई
बिहार के गया में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के नर्सिंग हॉस्टल में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जीएनएम सेकंड ईयर की छात्रा हॉस्टल की छत से नीचे गिर गई। घटना के बाद कॉलेज में मौजूद लोग वहां पहुंच गए। छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के बाद देर रात उसे पटना रेफर कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा हॉस्टल की छत पर रात 11 बजे अपने पति से फोन पर बात कर रही थी, इसी दौरान यह हादसा हो गया। 

वहीं, नर्सिंग छात्रावास की प्रभारी अमिता कुमारी ने कहा कि 29 जुलाई की रात करीब 11 बजे की ये घटना है। कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद छात्राओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जब मौके पर पहुंची, तो वहां बबिता खून से लथपथ बेहोशी की हालत में पड़ी थी।
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आग्रह: जातीय आधारित जनगणना पर सीएम नीतीश से मिले तेजस्वी, प्रधानमंत्री मोदी से अभियान शुरू कराने की अपील

देश में जातीय आधारित जनगणना का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। बिहार में जातीय आधारित जनगणना को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों एक्शन में हैं। विपक्ष ने सत्तापक्ष से मिलकर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव नीतीश कुमार से मिलने के लिए मुख्यमंत्री कक्ष में पहुंचे।

तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार से केंद्र से जातीय आधारित जनगणना कराने की मांग उठाने का आग्रह किया। इस दौरान राजद विधायक तेज प्रताप यादव, समेत अन्य विधायक भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर समर्थन करने का आश्वासन दिया है। 

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने फिर से ये प्रस्ताव रखा कि जातीय जनगणना में पिछड़ा और अति पिछड़ों की गिनती होनी चाहिए।  तेजस्वी ने बताया कि हमने मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें इसे लागू करवाने के लिए प्रधानमंत्री से जल्द से जल्द समय मांगने की अपील की है।

जातीय जनगणना पर सीएम ने दिया भरोसा
वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने खुद से अपने खर्च पर राज्य में जातीय जनगणना कराई थी। इस पर हम जानकारी जुटा रहे हैं और जो लीगल तरीका होगा उस पर विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा जातीय जनगणना के पक्षधर हैं, दिल्ली से लौटने के बाद 2 तारीख को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस पर विचार करने का आग्रह करेंगे। 

 


नीतीश कुमार का आज से दिल्ली दौरा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का चार दिवसीय दिल्ली दौरा शुक्रवार से शुरू हो रहा है। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।  दिल्ली रवाना होने से पहले तेजस्वी यादव ने उनसे मुलाकात कर जातीय आधारित जनगणना शुरू कराने की मांग की। 
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बिहार: जाति आधारित जनगणना पर सीएम नीतीश ने तोड़ी चुप्पी, बोले- इससे ज्यादा मिलेगा योजनाओं का लाभ

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जाति आधारित जनगणना कराने को एक बार फिर समर्थन किया है। नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने पहले ही सदन में इस पर अपना विचार रख चुके हैं।  फरवरी 2019 और 2020 में जाति आधारित जनगणना के बारे में विधानसभा में सरकार अपनी सोच रख चुकी है। 
 

जाति आधारित जनगणना एक बार जरूर होनी चाहिए- नीतीश कुमार
पटना में सीएनजी बसों को रवाना करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश ने ट्वीट "हम लोगों का मानना है कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए। बिहार विधान मंडल ने 18 फरवरी 2019 एवं पुनः 27 फरवरी 2020 को सर्वसम्मति से इस आशय का प्रस्ताव पारित किया था और इस प्रस्ताव को केन्द्र सरकार को भेजा गया था। केन्द्र सरकार को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करना चाहिए।

पिछड़ों की गिनती क्यों नहीं हो सकती- गौस
वहीं प्रदेश जदयू उपाध्यक्ष व बिहार विधान परिषद के सदस्य प्रो. गुलाम गौस ने भी केंद्र सरकार से जातीय जनगणना की उपेक्षा नहीं करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इससे जनता में गलत संदेश जाएगा। पिछड़ी जातियों में भ्रम की स्थिति पैदा होगी। गौस ने कहा कि अगर देश में किन्नरों की जनगणना हो सकती है तो पिछड़ों की गिनती क्यों नहीं हो सकती है। 

तेजस्वी यादव ने केंद्र पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी राज्य में जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया। तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साघते हुए कहा कि भाजपा को पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों से इतनी नफरत क्यों है। उन्होंने कहा कि जब तक पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या पता नहीं चलेगी तब तक उनके फायदे की योजनाएं कैसे बनेगी। 
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आदेश: बिहार सरकार ने आईएएस और आईपीएस से मांगा जवाब, कितने अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे

आरसीपी की विदाई की तैयारी: उपेंद्र कुशवाहा बन सकते हैं जदयू के नए अध्यक्ष, नीतीश ने दिए संकेत

उपेंद्र कुशवाहा का कद जनता दल यू में बढ़ता जा रहा है। उपेंद्र कुशवाहा जदयू के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। रविवार को पदाधिकारियों की हुई बैठक में इसके संकेत मिले। इस बात पर तब और मुहर लग गई, जब सीएम नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कई बार उनके कामों की तारीफ की और कहा कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से पार्टी पहले से अधिक मजबूत हुई है। पार्टी की स्वीकारोक्ति सभी वर्गों में बढ़ी है।  नीतीश कुमार ने ये भी संकेत दिए है कि कुशवाहा को पार्टी में और बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। दरअसल मोदी मंत्रिमंडल में जेडीयू कोटा से आरसीपी सिंह के मंत्री बनने के बाद लगातार JDU के अंदरखाने ये खबरें आ रही हैं कि सिंह की जगह उपेंद्र कुशवाहा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

मंत्री ने भी दे दिए संकेत
पदाधिकारियों की बैठक में आरसीपी सिंह ने कहा कि केंद्र में मंत्री बनने के बावजूद संगठन का काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा अगर पार्टी फैसला लेती है, तो वह अपने किसी मजबूत साथी को जिम्मेदारी देने से पीछे नहीं हटेंगे। उनके इस बयान से साफ संकेत है कि आने वाले दिनों में उपेंद्र कुशवाहा को जदयू की कमान मिल सकती है। पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए आरसीपी सिंह ने सभी नेताओं से मिलकर संगठन को मजबूत करने की अपील की।

लोगों के बीच जाएं जदयू पदाधिकारी: नीतीश
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के पदाधिकारियों से लोगों के बीच जाने और उनकी समस्याएं जानने की अपील की।
 प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वे लोगों के बीच जाएं, कहां क्या कमी रह गई,यह जानने की कोशिश करें और तत्काल उसकी सूचना दें ताकि समाधान का प्रयास किया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘महिलाओं को हमने हर तरह से सबल बनाया। आज पुलिस बल में जितनी महिलाएं हमारे यहां हैं, उतनी कहीं नहीं।’

उन्होंने राजद प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद का नाम लिए बिना उनपर प्रहार करते हुए कहा कि हमसे पहले जो थे उन्होंने क्या किया, मौका मिला तो अपनी जगह उन्होंने अपनी पत्नी को नेता बना दिया लेकिन महिलाओं के लिए क्या किया
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हल्लाबोल: महंगाई पर राजद का भाजपा सरकार पर हमला, तेजस्वी बोले- लोग भूख से मर रहे हैं और सरकार बेफिक्र

महंगाई और तेल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ आज विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोधी दलों के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। बिहार की राजधानी पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने देश में महंगाई और तेल की बढ़ी कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। तेजस्वी यादव न कहा कि "महंगाई ने जनता की रीढ़ तोड़ दी, लोग भूख से मर रहे हैं और सरकार बेफिक्र है। उनकी पार्टी बिहार के सभी ब्लॉकों में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान तेजस्वी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए जनविरोधी बताया। तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सरकार पर तंज कसा। 





बंगाल में टीएमसी ने खोला मोर्चा
पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध किया। राज्य टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि केंद्र सरकार को जनविरोधी नीतियों में बदलाव करना चाहिए। बंगाल के अंदर और बाहर विरोध जारी रहेगा।
 

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने केंद्र की भाजपा सरकार को "जनविरोधी" बताया और कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जल्द ही सड़कों पर उतरेगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जयपुर में महंगाई के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने और ईंधन दरों में बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की। बता दें कि देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार हो गई है। वहीं डीजल के दाम में भी भारी उछाल हुआ है। वहीं गैस की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। महंगाई की वजह से आम लोग परेशान हैं। 
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