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बिहार: छह महीने पहले बनी सड़क नदी में बही, निर्माण पर सवाल; ग्रामीणों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

Thu, 03 Sep 2026 04:19 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिहार Published by: प्रतीक पांडेय Updated Thu, 03 Sep 2026 04:19 PM IST
सार

Bihar News:  पटना के पुनपुन प्रखंड में छह महीने पहले बनी चंडासी-बाकरचक सड़क का बड़ा हिस्सा दरधा नदी के तेज बहाव में बह गया। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है।

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patna punpun dardha river road washed away corruption allegation
नदी के बहाव में बहा सड़क का हिस्सा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पटना जिले के पुनपुन प्रखंड में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। दरधा नदी के तेज बहाव में पटना-गया स्टेट हाईवे-1 से चंडासी और बाकरचक गांव को जोड़ने वाली करीब छह महीने पहले बनी नई सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।

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कई इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, तेज बहाव में बही सड़क
दरअसल, पुनपुन, दरधा, करुआरी, मोरहर और गंगा नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके चलते पुनपुन प्रखंड के अहियाचक, फहिमपुर, सपहुआ, चंडासी और बाकरचक समेत कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। इसी दौरान चंडासी-बाकरचक को जोड़ने वाली नई सड़क दरधा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गई।
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छह महीने में ही सड़क ने छोड़ा साथ, गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क का निर्माण करीब छह महीने पहले ही कराया गया था। उनका आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। यही वजह है कि जलस्तर बढ़ने और नदी के तेज बहाव के साथ सड़क का बड़ा हिस्सा टिक नहीं सका और बह गया।
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ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया होता तो इतनी कम अवधि में सड़क की यह स्थिति नहीं होती।

700 मीटर सड़क बनी, लेकिन मौके पर नहीं लगाया गया निर्माण बोर्ड
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य से जुड़ी पारदर्शिता को लेकर उठ रहा है। बताया गया कि करीब 700 मीटर लंबी सड़क के निर्माण से संबंधित कोई सूचना पट्ट या निर्माण बोर्ड मौके पर नहीं लगाया गया था। ऐसे में ग्रामीणों को यह जानकारी तक नहीं है कि सड़क किस योजना के तहत बनी, इसकी लागत कितनी थी और निर्माण की जिम्मेदारी किस एजेंसी या संवेदक को दी गई थी।

सड़क के दोनों तरफ की गई बैरिकेडिंग
सड़क बहने की सूचना मिलने के बाद मसौढ़ी अनुमंडल पदाधिकारी धनराज कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुनपुन अंचल के सीओ प्रभात रंजन ने बताया कि एसडीओ के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग की ओर से सड़क के दोनों तरफ बांस से बैरिकेडिंग कराई गई है। इसका उद्देश्य लोगों को क्षतिग्रस्त सड़क वाले हिस्से में जाने से रोकना और किसी संभावित हादसे को टालना है।


जांच से खुलेगा राज, जिम्मेदारी तय होने का इंतजार
छह महीने पहले बनी सड़क के नदी में बह जाने के बाद अब निर्माण की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण में यदि मानकों की अनदेखी हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? क्या संबंधित विभाग निर्माण की तकनीकी जांच कराएगा? क्या दोषी पाए जाने पर पदाधिकारी और संवेदक के खिलाफ कार्रवाई होगी? या फिर सरकारी राशि से दोबारा सड़क बनाकर मामला खत्म कर दिया जाएगा?

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