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बिहार: गंगा के रौद्र रूप में समाया 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर, राघोपुर तटबंध पर कटाव से मची दहशत
Tue, 01 Sep 2026 03:29 PM IST
भागलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: भागलपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 03:29 PM IST
सार
नवगछिया के राघोपुर जमींदारी तटबंध पर गंगा के तेज कटाव से करीब 100 वर्ष पुराना चैती दुर्गा मंदिर नदी में समा गया। घटना के बाद इलाके में दहशत और प्रशासन के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश है।
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नवगछिया गंगा का कटाव और भयावह हुआ
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
नवगछिया के राघोपुर जमींदारी तटबंध पर मंगलवार सुबह गंगा का कटाव और भयावह हो गया। तेज धारा और लगातार हो रहे कटाव की चपेट में करीब सौ वर्ष पुराना चैती दुर्गा मंदिर भी आ गया। देखते ही देखते मंदिर का बड़ा हिस्सा गंगा की तेज धार में समा गया।
मंदिर के गंगा में समाने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध पर लगातार कटाव हो रहा था और समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से स्थिति गंभीर होती चली गई।
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राघोपुर जमींदारी तटबंध का यह इलाका पहले से ही गंगा के तेज कटाव की चपेट में है। मंदिर के बह जाने के बाद अब ग्रामीणों को आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों और तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से कटावरोधी कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन गंगा की तेज धारा के सामने चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है।
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मंदिर के गंगा में समाने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश भी देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध पर लगातार कटाव हो रहा था और समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से स्थिति गंभीर होती चली गई।
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राघोपुर जमींदारी तटबंध का यह इलाका पहले से ही गंगा के तेज कटाव की चपेट में है। मंदिर के बह जाने के बाद अब ग्रामीणों को आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों और तटबंध की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से कटावरोधी कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन गंगा की तेज धारा के सामने चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है।