Sundarkand Path Ke Niyam : सुंदरकांड पाठ के लिए इन नियमों का जरूर करें पालन
कहते हैं कि सुन्दर काण्ड के पाठ से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन सुन्दरकाण्ड के पाठ करने के लिए भी कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है।
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Sundar Kand Path Niyam: मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। मान्यता है कि मंगलवार के दिन संकटमोचन की पूरे विधि विधान और नियम सेपूजा करने से सभी विघ्न बाधाओं सेव इस दिन बजरंगबली की विधि विधान से पूजा करने से सभी विघ्न-बाधाओं से मुक्ति मिलती है। श्री राम भक्त हनुमान जी अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता माने जाते हैं, ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए साधकों को सुन्दरकाण्ड का पाठ करना चाहिए.। कहते हैं कि सुन्दर काण्ड के पाठ से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन सुन्दरकाण्ड के पाठ करने के लिए भी कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। यदि साधक इन नियमों का पालन नहीं करता तो संकटमोचन रुष्ट हो सकते हैं। आइए जानते हैं सुंदरकांड पाठ से जुड़े नियम।
सुंदरकांड पाठ के नियम
सुंदरकांड का पाठ बेहद लाभकारी माना जाता है। जो भी भक्त मन में ये विश्वास रखता है कि जिस प्रकार हनुमान जी ने श्रीराम के काज संवारे, वैसे ही हमारे भी संवारेंगे उसे हनुमान जी की कृपा ज़रूर मिलेगी। सुंदर कांड के पाठ के नियम इस प्रकार हैं।
- सुंदरकांड का पाठ मंगलवार व शनिवार को करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप रोजाना भी इसका पाठ कर सकते हैं।
- यदि आप सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं, तो इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त में तड़के 4:00 से 6:00 बजे में पाठ करना अत्यधिक फलदायी माना जाता है।
- यदि आप सुंदरकांड का पाठ समूह में करवाते हैं, तो कभी भी इसका पाठ करवा सकते हैं
- सुंदरकांड का पाठ आप 11, 21, 31, 41 दिन तक कर सकते हैं, सुंदरकांड का पाठ करने के लिए सबसे पहले हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें
- ध्यान रहे कि हनुमान जी की प्रतिमा ऐसी होनी चाहिए, जिसमें प्रभु श्री राम, माता सीता व लक्ष्मण की तस्वीर हो।
- प्रतिमा स्थापित करने के बाद शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
- यह दीपक सुंदर कांड के पूरे समय तक जलना चाहिए।
- बजरंगबली हनुमान के चरणों में 7 पीपल के पत्ते अर्पित करें, साथ ही लड्डू का भोग लगाएं।
- इसके बाद सुंदरकांड का पाठ शुरू करें।